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NHRC Notice Meta Instagram CSAM: इंस्टाग्राम पर बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक कंटेट के कथित विज्ञापन को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने सख्ती दिखाई है. BBC World Service की रिपोर्ट के आधार पर आयोग ने मामले का संज्ञान लेते हुए Meta के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और दिल्ली पुलिस से कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है.
आयोग के मुताबिक, BBC की रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि इंस्टाग्राम पर पेड विज्ञापनों के जरिए आपत्तिजनक चाइल्ड जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर लोगों को टेलीग्राम चैनलों तक पहुंचाया जा रहा था. रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि ये विज्ञापन Meta की समीक्षा व्यवस्था से गुजरने के बावजूद प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध रहे.
Meta के AI टूल पर भी उठे सवाल
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक NHRC के सामने रखी गई अतिरिक्त शिकायत में Meta के AI आधारित टूल्स को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं. शिकायत में दावा किया गया कि मेटा के टूल कंटेंट के आइडिया, पोस्ट का फॉर्मेट और ऑडियंस बढ़ाने की रणनीति और यहां तक कि कमाई यानी मोनिटाइजेशन के तरीके सुझा सकते हैं. आयोग ने कहा कि इससे यह सवाल उठता है कि जब कोई डिजिटल प्लेटफॉर्म सिर्फ दूसरे लोगों का कंटेंट होस्ट करने के बजाय कंटेंट बनाने के साथ ही साथ आगे पहुंचाने या उससे कमाई कराने में सक्रिय भूमिका भी निभाता है.
दिल्ली पुलिस और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से भी जवाब तलब
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक NHRC ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से भी पूछा है कि अगर मेटा के AI या एल्गोरिदम सिस्टम खुद कंटेंट बनाते, बदलते, क्यूरेट करते प्रकाशित या बड़े स्तर पर पहुंचाते हैं, तो क्या ऐसी स्थिति में Meta को IT Rules, 2021 के तहत पब्लिशर या ऑनलाइन क्यूरेटेड कंटेंट के पब्लिशर के तौर पर देखा जा सकता है. इसके अलावा दिल्ली पुलिस की ओर से पहले दी गई रिपोर्ट को NHRC ने रिकॉर्ड पर लिया है.