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NCRB Crime Report: देश में क्राइम होने लगा कंट्रोल? एनसीआरबी के आंकड़ों से बड़ा खुलासा, जान लें दिल्ली का भी हाल

NCRB Crime Report: एनसीआरबी रिपोर्ट में कहा गया है कि साल 2024 के दौरान हत्या के कुल 27,049 मामले दर्ज किए गए, जो पिछले साल की तुलना में 2.4 प्रतिशत कम है. वहीं दिल्ली में भी हत्या और अपहरण के मामलों में गिरावट हुई है.

By: Hasnain Alam | Published: May 6, 2026 11:18:36 PM IST



NCRB Crime Data: देश में अपराध के मामलों में कमी आई है. राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की ओर से बुधवार को जारी आंकड़ों के अनुसार देशभर में 2024 में 58.85 लाख अपराध के मामले दर्ज किए गए, जो साल 2023 के 62.41 लाख मामलों की तुलना में छह प्रतिशत कम है. अपराध दर का आशय प्रति लाख जनसंख्या पर दर्ज अपराध के मामलों की संख्या से है. अपराध दर साल 2023 में 448.3 थी, जो घटकर 2024 में 418.9 रह गई है.

एनसीआरबी के आंकड़ों से पता चला कि भारतीय दंड संहिता की धारा 325, 326 और 329-335 के तहत ‘चोट’ श्रेणी में दर्ज मामलों में 30.58 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है. ‘चोट’ श्रेणी के तहत दर्ज मामलों की संख्या साल 2023 में 6.36 लाख से अधिक थी जो साल 2024 में घटकर 4.41 लाख से कुछ अधिक रह गई.

हालांकि, रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि ‘चोट या गंभीर चोट’ के मामलों में गिरावट का कारण भारतीय न्याय संहिता में 2023 में किए गए बदलाव हो सकते हैं, जिसने भारतीय दंड संहिता का स्थान लिया है. इन संशोधनों के तहत इन धाराओं को मिला दिया गया है और साधारण ‘चोट’ को संज्ञेय अपराध नहीं बनाया गया है.

2024 के दौरान हत्या के कुल 27,049 मामले दर्ज

एनसीआरबी रिपोर्ट में कहा गया है कि साल 2024 के दौरान हत्या के कुल 27,049 मामले दर्ज किए गए, जो पिछले साल की तुलना में 2.4 प्रतिशत की मामूली गिरावट दर्शाते हैं. इन अपराधों के पीछे मुख्य कारण ‘विवाद’ था, इसके बाद ‘व्यक्तिगत प्रतिशोध या शत्रुता’ और ‘लाभ’ का स्थान रहा.

वहीं महिलाओं के खिलाफ अपराध में पिछले साल की तुलना में 1.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, क्योंकि साल 2024 में 4.41 लाख मामले दर्ज किए गए, जबकि साल 2023 में यह संख्या 4.48 लाख थी. 

आंकड़ों के अनुसार ‘पति या रिश्तेदारों द्वारा क्रूरता’ ऐसे अपराधों का प्रमुख कारण था, इसके बाद अपहरण, नाबालिगों के खिलाफ अपराध और महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से उन पर हमला जैसे अपराध थे. रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रति लाख महिला आबादी पर दर्ज अपराध की दर 2024 में 64.6 थी, जबकि 2023 में यह आंकड़ा 66.2 था.

दिल्ली में हत्या और अपहरण के मामलों में आई कमी

वहीं राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की बात करें तो 2024 में हत्या और अपहरण के मामलों में मामूली कमी आई. एनसीआरबी के आंकड़ों के मुताबिक, 2024 में दिल्ली में हत्या के 504 मामले दर्ज किए गए, जबकि 2023 में ऐसे 506 और 2022 में 509 मामले सामने आए थे.

एनसीआरबी के अनुसार, 2024 में दिल्ली में अपहरण के 5,580 मामले दर्ज किए गए, जबकि 2023 में सामने आए ऐसे मामलों की संख्या 5,715 और 2022 में 5,641 थी.

2024 में राष्ट्रीय राजधानी में बच्चों के खिलाफ अपराध के मामलों में भी मामूली कमी आई और यह आंकड़ा 2023 में 7,769 के मुकाबले घटकर 7,662 हो गया. हालांकि, 2022 में शहर में बच्चों के खिलाफ अपराध के 7,468 मामले दर्ज किए गए थे.

एनसीआरबी की “भारत में अपराध 2024” रिपोर्ट से पता चलता है कि 2024 में दिल्ली में प्रति एक लाख आबादी पर हत्या के 2.3 मामले दर्ज किए गए, जो राष्ट्रीय औसत 1.9 से अधिक है. इसमें कहा गया है कि दिल्ली में 2024 में हत्या के 90.48 फीसदी मामलों में पुलिस ने आरोप पत्र दाखिल किए.

रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में दिल्ली में देश के सभी राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों के मुकाबले अपहरण के अधिक मामले दर्ज किए गए. इसमें कहा गया है कि 2024 में राष्ट्रीय राजधानी में प्रति एक लाख आबादी पर अपहरण के 25.5 मामले सामने आए, जो राष्ट्रीय औसत (प्रति एक लाख आबादी पर 6.8) से कई गुना ज्यादा हैं.

रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली में अपहरण के 8.5 फीसदी मामलों में ही आरोप पत्र दाखिल किए गए, जो राष्ट्रीय औसत (30.9 प्रतिशत) से काफी कम है. रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में दिल्ली में प्रति एक लाख बाल आबादी पर बच्चों के खिलाफ अपराध के 138.4 मामले सामने आए, जो राष्ट्रीय औसत (42.3) से कहीं अधिक हैं.

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