Home > क्राइम > हाथ-पैर से बंधी नाबालिग जोर-जोर से करने लगी चीख-पुकार, हाथ में बेल्ट लिए खड़ा था रसूखदार घर का ‘दरिंदा’; जब पुलिस ने खोला दरवाजा तो…!

हाथ-पैर से बंधी नाबालिग जोर-जोर से करने लगी चीख-पुकार, हाथ में बेल्ट लिए खड़ा था रसूखदार घर का ‘दरिंदा’; जब पुलिस ने खोला दरवाजा तो…!

महाराष्ट्र के नागपुर से सोशल मीडिया के जरिए दोस्ती, मुलाकातें और प्यार के चंगुल में फंसाकर बंधक बनाने के सनसनीखेज मामला सामने आया है. पीड़िता नाबालिग है जिसकी आरोपी से इंस्टाग्राम के जरिए दोस्ती हुई थी. 'आकाश मेहरा' नाम की फेक आईडी के जरिए आरोपी निर्भय पाखरे ने 16 साल की नाबालिग को अपने प्यार के झांसे में लिया और उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें हासिल कर लीं, जिसे डिलीट करने के लिए पीड़िता को लगातार ब्लैकमेल कर रहा था. पहले उसने पीड़िता को मुलाकात के बहाने बुलाया और बंधन बनाकर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की. आरोपी निर्भय पाखरे पर नाबालिग के शोषण के भी आरोप है. बता दें कि पीड़िता के परिजनों ने 2 अगस्त को उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी.

By: Kajal Jain | Last Updated: August 6, 2026 9:24:04 AM IST



सोशल मीडिया की चमक-धमक और उस पर बनने वाले रिश्तों का सच कई बार कितना डरावना हो सकता है, इसकी एक रूह कंपा देने वाली दास्तान नागपुर से सामने आई है. यहां मुंबई के एक नामी कॉलेज के बीबीए के छात्र और एक रसूखदार परिवार के बेटे को पुलिस ने गिरफ्तार किया है, जिस पर इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर एक नाबालिग लड़की के अपहरण, दुष्कर्म और उसे बेरहमी से चाकू से गोदने का गंभीर आरोप है. यह मामला तब खुला जब 16 साल की नाबालिग 24 घंटे से ज्यादा समय तक घर नहीं लौटी और उसका फोन स्विच ऑफ था. परेशान माता-पिता ने थाने का रुख किया, जिसके बाद नागपुर पुलिस ने डिजिटल सर्विलांस की मदद से एक ऐसा खौफनाक सच उजागर किया, जिसने सबको सन्न कर दिया. आरोपी ने अपनी पहचान छिपाकर एक फर्जी अकाउंट के जरिए लड़की को अपने जाल में फंसाया था और फिर ब्लैकमेलिंग का यह खौफनाक खेल शुरू हुआ.

इंस्टाग्राम पर शुरू हुई थी फर्जी दोस्ती

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मामले की शुरुआत पिछले साल मई में हुई थी, जब आरोपी ने इंस्टाग्राम पर खुद को ‘आकाश मेहरा’ बताकर लड़की से दोस्ती की थी. आरोपी की असली पहचान निर्मय माधव पाखरे है, जो ठाणे के एक जाने-माने डॉक्टर दंपती का बेटा और एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी का भतीजा है।. दोस्ती के कुछ समय बाद जब लड़की को उसकी असली पहचान का पता चला, तब तक बहुत देर हो चुकी थी. आरोपी ने नाबालिग की आपत्तिजनक तस्वीरें हासिल कर ली थीं और उन्हें ऑनलाइन लीक करने की धमकी देकर उसे लगातार ब्लैकमेल कर रहा था.

20 घंटे चला सर्च ऑपरेशन, फिर पुलिस ने मारी रेड

जब रविवार को लड़की घर नहीं लौटी, तो उसके राजस्व अधिकारी पिता ने हुडकेश्वर पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी और अपहरण की शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने फौरन एक्शन लेते हुए डिजिटल फुटप्रिंट्स और इंस्टाग्राम चैट्स खंगालनी शुरू कीं. पुलिस ने ठाणे में आरोपी के घर से संपर्क किया और उसकी मां के फोन के जरिए उसकी लाइव लोकेशन निकाली. आरोपी नागपुर के दिघोरी इलाके के एक किराए के फ्लैट में छिपा बैठा था, जब पुलिस ने 20 घंटे की मशक्कत के बाद छापा मारा, तो अंदर का मंजर डरावना था. नाबालिग को बंधक बनाया हुआ था, जिसके शरीर पर चाकू से वार के कई निशान थे और आरोपी हाथ में बेल्ट लिए खड़ा था. पुलिस ने फौरन लड़की को बचाया और उसे सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (GMCH) में भर्ती कराया.

पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई

नागपुर पुलिस ने आरोपी निर्मय पाखरे को गिरफ्तार कर लिया है और अदालत ने उसे दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है. आरोपी के डॉक्टर माता-पिता भी ठाणे से नागपुर पहुंच चुके हैं. पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि क्या इस शातिर युवक ने पहले भी इस तरह के किसी अपराध को अंजाम दिया है या नहीं. इसके लिए उसके मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य डिजिटल गैजेट्स की फॉरेंसिक जांच की जा रही है. वरिष्ठ निरीक्षक अनामिका मिर्जापुरे ने बताया कि ‘हम इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या आरोपी पहले भी इसी तरह के अपराधों में शामिल था.’

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