Home > देश > पाकिस्तान के लिए हीरो लेकिन पत्नी के लिए जीरो थे Jinnah! बेवफाई से टूट गई थी उनकी बेगम; फिर खुद को धकेला मौत के मुंह में

पाकिस्तान के लिए हीरो लेकिन पत्नी के लिए जीरो थे Jinnah! बेवफाई से टूट गई थी उनकी बेगम; फिर खुद को धकेला मौत के मुंह में

Muhammad Ali Jinnah Ruttie Jinnah Love Story: मुहम्मद अली जिन्ना! ये वो नाम है जिन्होंने भारत के दो टुकड़े किए, और इन्हे भारत में एक अलग ही नजरिए से देखा जाता है. आप शायद ही ये बता जानते होंगे कि जिन्ना एक हिंदू परिवार से थे और उनका पहला प्यार नाकाम रहा था.

By: Heena Khan | Last Updated: August 14, 2026 3:21:29 PM IST



Muhammad Ali Jinnah Ruttie Jinnah Love Story: मुहम्मद अली जिन्ना! ये वो नाम है जिन्होंने भारत के दो टुकड़े किए, और इन्हे भारत में एक अलग ही नजरिए से देखा जाता है. आप शायद ही ये बता जानते होंगे कि जिन्ना एक हिंदू परिवार से थे और उनका पहला प्यार नाकाम रहा था. इतिहास उन्हें एक सख्त, जिद्दी, सांप्रदायिक और कट्टर नेता के तौर पर याद करता है, जिन्होंने भारत के बंटवारे की नींव रखी थी. लेकिन इस शख्स की निजी ज़िंदगी उथल-पुथल से भरी थी. आज हम जिन्ना और उनकी पत्नी के बारे में कुछ ऐसा बताने वाले हैं जिसे जानकर आप हैरान रह जाएंगे. हैरान कर देने वाली बात ये है कि जिन्ना की पत्नी ने जिन्ना से शादी करने के लिए अपना धर्म, परिवार और समाज छोड़ दिया, लेकिन बदले में उन्हें सिर्फ गम मिला. 

जिन्ना के लिए छोड़ा धर्म-परिवार 

जानकारी के मुताबिक, रत्ती जिन्ना ने मुहम्मद अली जिन्ना से शादी करने के लिए धार्मिक, सामाजिक और पारिवारिक बंधनों को तोड़ा. हालांकि, इस शादी से उन्हें सिर्फ़ दुख मिला और उनकी ज़िंदगी एक रहस्यमयी अंत की ओर बढ़ती चली गई. आज भी, उनकी दुखद मौत ऐतिहासिक बहस का विषय है, जो हमेशा एक अनसुलझे सवाल पर खत्म होती है: क्या रत्ती जिन्ना ने आत्महत्या की थी?

प्यार में ‘देवदास’ बनीं थीं जिन्ना की बीवी 

जैसा की आप सभी जानते हैं भारत के दो टुकड़े करवाने में जिन्ना का हाथ. जिस दौरान जिन्ना मुसलमानों के लिए अलग देश की मांग में डूबे हुए थे उस दौरान रत्ती जिन्ना उनके इंतजार में डूबी हुई थीं. जिसके बाद रत्ती जिन्ना धीरे-धीरे डिप्रेशन से जूझने लगीं. कहने का सीधा मतलब है कि भारत-पाक को अलग करवाने के लिए जिन्ना इतना मसरूफ हो गए थे कि उन्होंने अपनी पत्नी की तरफ देखना भी छोड़ दिया था. इतना ही नहीं जिन्ना ने अपनी पत्नी की सेहत और खुशी पर ध्यान नहीं दिया. सिर्फ़ दो साल के अंदर 1920 तक रत्ती जिन्ना मानसिक रूप से बीमार हो गईं थीं; उनकी मानसिक सेहत तेज़ी से बिगड़ने लगी. इतना ही नहीं, डिप्रेशन और अकेलेपन की वजह से उन्होंने ‘जाम को अपना दूल्हा’ बना लिया और दिन रात शराब पीने लगी . रत्ती, जो कभी कला, साहित्य और सामाजिक जीवन में गहरी दिलचस्पी रखती थीं, शराब की लत में डूब गईं. उनकी शारीरिक सेहत बहुत खराब हो गई और वे लगातार बीमार रहने लगीं, और आखिरकार उनका दुखद अंत हुआ.

गई जान या की आत्महत्या? 

वहीं फिर आई वो रात जब जिन्ना की याद में रत्ती ने आखिरी सांस भरी और दम तोड़ दिया. 20 फरवरी 1929 को, सिर्फ़ 29 साल की उम्र में, रत्ती की दर्दनाक मौत हो गई. उनकी मौत की आधिकारिक वजह आंतों का इंफेक्शन बताया गया, उनकी आंतें इस कदर सड़ चुकी थीं कि उनका ज्यादा समय तक जिंदा रहना मुश्किल था. उस समय के कई इतिहासकारों का मानना ​​है कि उनकी मौत आत्महत्या से हुई थी. उनकी बेटी, दीना जिन्ना ने भी इशारा किया था कि उनकी मां ने खुद अपनी जान ली थी. शीला रेड्डी ने लिखा है कि रत्ती की मौत का मुहम्मद अली जिन्ना पर गहरा असर पड़ा, यहाँ तक कि उन्हें नींद की गोलियां लेनी पड़ीं. उस दौरान, रत्ती ने जिन्ना को एक चिट्ठी लिखी थी जिससे उनके गहरे दुख का पता चलता है.

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