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भारत में मानसून की गति मंद, दिल्ली-NCR समेत यूपी-बिहार में कम होगी बारिश, खेती पर पड़ेगा बुरा असर

भारत में मानसून की गति धीमी बताई जा रही है. IMD के अनुसार अगले दो हफ्तों में भारत के मध्य और उत्तरी क्षेत्रों में औसत से कम बारिश होने का अनुमान है.

By: Shivangi Shukla | Published: June 11, 2026 5:04:49 PM IST



भारत में मानसून की रफ्तार सामान्य से धीमी चल रही है. मौसम विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अगले दो हफ्तों में भारत में, खासतौर पर मध्य और उत्तरी क्षेत्र में, औसत से कम बारिश होने की संभावना है.

मानसून की रफ्तार धीमी होने की मुख्य वजह है पश्चिमी विक्षोभ यानी कि ‘वेस्टर्न डिस्टर्बेंस’. जून से सितंबर तक चलने वाला मानसून भारत में आमतौर पर 1 जून के आसपास केरल में दस्तक देता है और जुलाई के मध्य तक पूरे देश में फैल जाता है. इस साल केरल में ही मानसून के आने में तीन दिन की देरी हुई है.

मानसून की धीमी रफ्तार 

IMD के अधिकारियों के अनुसार वेस्टर्न डिस्टर्बेंस ने सालाना मानसून की रफ्तार धीमी कर दी है. बता दें कि वेस्टर्न डिस्टर्बेंस या पश्चिमी विक्षोभ भूमध्य सागर से आने वाली मौसमी घटनाएं हैं जो उत्तर भारत में बारिश और बर्फबारी लाती हैं और कभी-कभी मानसून के बढ़ने में भी बाधा डालती हैं. देश की सालाना बारिश का लगभग 70% हिस्सा मानसून से ही मिलता है और इससे ही भारत के जल स्रोतों में पुनः पानी का संचरण होता है. मानसून आमतौर पर 1 जून के आसपास दक्षिणी राज्य केरल में दस्तक देता है और जुलाई के मध्य तक पूरे देश में फैल जाता है, लेकिन इस साल केरल में इसके आने में तीन दिन की देरी हुई है. 

जून के पहले 10 दिनों में भारत में सामान्य से करीब 26.5% कम बारिश हुई है. मौसम विभाग ने पिछले महीने बताया था कि मॉनसून सीजन के दौरान भारत में लॉन्ग-पीरियड एवरेज (LPA) का 90% बारिश होने की संभावना है, जबकि अल नीनो के प्रभाव की वजह से जून में LPA का 92% बारिश होने की उम्मीद है.

फसलों पर असर

भारत में अधिकांश किसान खेती के लिए बारिश के पानी पर निर्भर हैं. देश के मध्य और उत्तरी राज्यों में कम बारिश से गर्मी की फसलों जैसे चावल, कपास, सोयाबीन और दालों आदि की बुवाई में देरी हो सकती है. भारत मौसम विज्ञान विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘वेस्टर्न डिस्टर्बेंस ने मॉनसून की रफ्तार धीमी कर दी है और इसे मध्य भारत में पहुंचने में कुछ और दिन लग सकते हैं.’

अधिकारी का कहना है कि मानसून अब तक केरल, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों के साथ-साथ कर्नाटक और दक्षिणी महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में पहुंच चुका है, जहां अगले दो हफ्तों में अच्छी बारिश होने की उम्मीद है. हालांकि, उन्होंने ये भी बताया कि मध्य और उत्तरी इलाकों में इस दौरान सामान्य से काफी कम बारिश होने की संभावना है.

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