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ममता बनर्जी ने नहीं दिया सीएम पद से इस्तीफा तो क्या होगा बंगाल में, जानिये क्या कहते हैं एक्सपर्ट

Mamata Banerjee Resigning Dispute: ममता बनर्जी के इस्तीफा नहीं देने पर क्या स्थिति बनेगी, इस स्टोरी में हम बताएंगे विस्तार से.

By: JP Yadav | Last Updated: May 5, 2026 7:36:47 PM IST



Mamata Banerjee Resigning Dispute: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में भारतीय जनता पार्टी ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए तृणमूल कांग्रेस के शासन को उखाड़ फेंका है. 293 सीटों में से भाजपा ने 206 सीटें हासिल कीं, जबकि टीएमसी बड़ी ही मुश्किल से 80 सीटों के पार पहुंची. इस बीच मंगलवार (05 मई, 2026) को पश्चिम बंगाल में उस समय नया ट्विस्ट आ गया, जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपने पद से ही इस्तीफा देने से इन्कार कर दिया. ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के बाद मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की और कहा कि वह चुनाव नहीं हारी हैं, उन्हें हराया गया है. 

क्या कर सकते हैं राज्यपाल

जानकारों का कहना है कि ममता बनर्जी अगर इस्तीफा नहीं देती हैं तो भी राज्यपाल के पास पूरा अधिकार है कि वो विधानसभा भंग कर दें. इसके बाद मुख्यमंत्री भी बर्खास्त हो जाएंगी. संविधान के जानकारों का कहना है कि चुनाव आयोग जैसे ही अधिसूचना जारी करेगा, विधानसभा का नया कार्यकाल शुरू हो जाएगा. ऐसे में नई सरकार बनाने का दावा पेश करने के बाद यदि ममता बनर्जी मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देती हैं, तो राज्यपाल उन्हें पद से बर्खास्त कर सकते हैं. इसके साथ ही वह नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं. 

उधर, इस संकट पर एडवोकेट अश्विनी दुबे (AoR, SC)  का कहना है कि ममता बनर्जी को इस्तीफा देने के लिए राज भवन जाने की जरूरत नहीं हैं.  वह इस्तीफा बहुत से तरीकों से दे सकती हैं. जैसे की वह स्पीड पोस्ट या अपना इस्तीफा mail  से भी कर सकती हैं. उन्होंने नियमों का हवाला देते हुए बताया कि जहां तक बात रही अगर इस्तीफा नहीं देती है तो यह गवर्नर के पास अधिकार है. संविधान ने गवर्नर को अधिकार दिया है कि गवर्नर के प्लेजर पर निर्भर करता है. वह चाहें तो सीएम को बर्खास्त भी कर सकते हैं. 

राज्यपाल के पास हैं कई अधिकार

यहां पर बता दें कि 7 मई, 2026 को 17वीं बंगाल विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने के बाद स्वतः ही 8 मई को सदन भंग हो जाएगा. इसके बाद सभी विधायकों की सदस्यता स्वतः ही रद्द हो जाएगी. इसके बाद ममता बनर्जी को इस्तीफा देना अनिवार्य भी नहीं है. विधानसभा के कार्यकाल के  समाप्त होने के बाद नए मुख्यमंत्री का निर्वाचन जरूरी होता है. वैसे भी 7 मई के बाद वह मुख्यमंत्री नहीं रह पाएंगी. कार्यकाल पूरा हो गया हो तो राज्यपाल उसके शासन को खत्म कर देगा, यह अधिकार उसके पास होता है. 

उधर, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान पर BJP नेता राजू बिस्टा ने कहा कि अगर ममता दीदी कहती हैं कि वह इस्तीफा नहीं देंगी, तो इसका मतलब है कि आप भारत के संविधान का अपमान कर रही हैं. उन्होंने पहले भी कई बार ऐसा किया है, लेकिन इस बार जनता का जनादेश उनके खिलाफ गया है. वह बंगाल की जनता का भी अपमान कर रही हैं, और मैं ममता दीदी से कहना चाहता हूं कि पश्चिम बंगाल सिर्फ इसलिए नहीं रुकेगा क्योंकि आप इस्तीफा देने से मना कर रही हैं. पश्चिम बंगाल ने PM मोदी के साथ आगे बढ़ना शुरू कर दिया है और वह लगातार प्रगति करता रहेगा.

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