Home > देश > ममता बनर्जी की बंद तिजोरी खुली, लेकिन चाबी स्पेशल ऑफिसर के हाथ! कलकत्ता HC से TMC के फ्रीज बैंक खातों से खर्च की मिली मंजूरी

ममता बनर्जी की बंद तिजोरी खुली, लेकिन चाबी स्पेशल ऑफिसर के हाथ! कलकत्ता HC से TMC के फ्रीज बैंक खातों से खर्च की मिली मंजूरी

Mamata Banerjee TMC Bank Freeze: पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस को कलकत्ता हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. अदालत ने पार्टी के फ्रीज किए गए तीन बैंक खातों से रोजमर्रा के जरूरी खर्च करने की अनुमति दे दी है. हालांकि, यह छूट कुछ शर्तों के साथ दी गई है.

By: Shristi S | Published: July 9, 2026 6:16:46 PM IST



TMC Frozen Bank Accounts: पश्चिम बंगाल की पूर्व सीएम ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस को कलकत्ता हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. अदालत ने पार्टी के फ्रीज किए गए तीन बैंक खातों से रोजमर्रा के जरूरी खर्च करने की अनुमति दे दी है. हालांकि, यह छूट कुछ शर्तों के साथ दी गई है. 

हाईकोर्ट ने पूरे लेन-देन की निगरानी के लिए एक विशेष अधिकारी (Special Officer) भी नियुक्त किया है, जो यह सुनिश्चित करेंगे कि बैंक खातों से निकाला गया पैसा केवल पार्टी के नियमित कामकाज पर ही खर्च हो.

क्यों फ्रीज हुए थे TMC के बैंक खाते?

यह मामला 18 जून को दर्ज की गई एक शिकायत के बाद सामने आया था. TMC के ही विधायक ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा के नेतृत्व वाले प्रतिद्वंद्वी गुट ने बिधाननगर पुलिस आयुक्त कार्यालय के साइबर अपराध थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि एक निजी बैंक में TMC के तीन खातों में जमा धनराशि कथित तौर पर अपराध से अर्जित रकम है. शिकायत के बाद जांच शुरू हुई और इन बैंक खातों पर लेन-देन रोक दिया गया था.

30 सितंबर तक रहेगी व्यवस्था

गुरुवार को मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने कलकत्ता हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश सुब्रत तालुकदार को 30 सितंबर 2026 तक विशेष अधिकारी नियुक्त किया. उनका काम TMC के फ्रीज खातों से होने वाले सभी वित्तीय लेन-देन  की निगरानी करना होगा. अदालत के आदेश के मुताबिक, तीनो बैंक खातों के दो अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता विशेष अधिकारी के समक्ष चेक प्रस्तुत करेंगे. जांच के बाद विशेष अधिकारी उन चेकों को बैंक भेजेंगे, जिसके आधार पर भुगतान किया जाएगा.

सिर्फ रोजमर्रा के खर्च के लिए मिलेगी रकम

हाईकोर्ट ने साफ कहा है कि बैंक खातों से केवल पार्टी के नियमित प्रशासनिक और दैनिक संचालन से जुड़े खर्च ही किए जा सकेंगे. इसके अलावा पार्टी के कानूनी मामलों पर होने वाला खर्च और विशेष अधिकारी का 1.25 लाख रुपये प्रति माह का मानदेय भी इन्हीं खातों से दिया जा सकेगा. अदालत ने विशेष अधिकारी को यह भी निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई में वे 30 सितंबर तक हुए सभी खर्चों का पूरा हिसाब-किताब अदालत के सामने पेश करें.

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