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पायल की आवाज, 4 लड़कियों का अजीब बर्ताव और फिर भूत… महाराष्ट्र के हॉस्टल में ऐसा क्या हुआ था, जिससे 600 छात्र भाग गए?

Haunted Hostel: महाराष्ट्र के अमरावती ज़िले में अधिकारी एक अजीब मुश्किल से जूझ रहे हैं, जब करीब 600 आदिवासी स्टूडेंट्स ने एक सरकारी रेजिडेंशियल स्कूल के हॉस्टल को छोड़ दिया.

By: Shristi S | Published: August 17, 2026 11:33:38 PM IST



Maharashtra Haunted Hostel: महाराष्ट्र के अमरावती ज़िले में अधिकारी एक अजीब मुश्किल से जूझ रहे हैं, जब करीब 600 आदिवासी स्टूडेंट्स ने एक सरकारी रेजिडेंशियल स्कूल के हॉस्टल को छोड़ दिया. उनका दावा है कि वहां कुछ लड़कियों पर भूत-प्रेत का साया है.

यह मामला तब शुरू हुआ जब 22 जुलाई को चार लड़कियों ने अजीब हरकतें करना शुरू कर दिया, वे बेकाबू होकर रोने और हंसने लगीं. अधिकारियों को शक है कि यह मेंटल स्ट्रेस से जुड़ा हो सकता है.

क्या है पूरा मामला?

अधिकारियों ने रविवार को बताया कि मुंबई से 700 km से ज़्यादा दूर, उत्तरी महाराष्ट्र के आदिवासी बहुल मेलघाट इलाके के चिखलदरा तालुका के डोमा गांव में बने ट्राइबल रेजिडेंशियल स्कूल में 810 लड़के और लड़कियां पढ़ते हैं.

उन्होंने बताया कि जल्द ही यह अफवाह फैल गई कि लड़कियों पर भूत-प्रेत का साया है, जिसके बाद कुछ ही दिनों में करीब 600 स्टूडेंट्स ने ट्राइबल डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के भूतिया हॉस्टल को छोड़ दिया.

कुछ लड़कियों ने पायल बजने की आवाज़ सुनने का दावा किया

हॉस्टल के एक सोर्स के मुताबिक, कुछ लड़कियों ने पायल बजने की आवाज़ सुनने का दावा किया. ट्राइबल डिपार्टमेंट के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि हेल्थ एक्सपर्ट्स की एक टीम ने डोमा रेजिडेंशियल स्कूल का दौरा किया. अधिकारी ने कहा इन लक्षणों का किसी सुपरनैचुरल चीज से कोई लेना-देना नहीं है. यह मेंटल स्ट्रेस से जुड़ी सेलेक्टिव हिस्टीरिया जैसी हालत हो सकती है.

अधिकारियों की बनाई एक साइकोलॉजिकल रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ लड़कियों के अजीब बर्ताव के बाद कई थ्योरी सामने आने लगीं. इसमें कहा गया है कि गांव की कुछ औरतों में भी बाद में ऐसे ही मेंटल लक्षण दिखे.

स्टूडेंट्स और लोकल लोगों की क्या मान्यता है?

स्टूडेंट्स और लोकल लोगों में यह मान्यता है कि आश्रम स्कूल की जगह पर एक ‘महुआ’ का पेड़ था, जिस पर आत्माएं रहती थीं. रिपोर्ट के मुताबिक, स्कूल मैनेजमेंट ने पेड़ काट दिया और माना जाता है कि आत्माएं गुस्सा हो गईं और स्टूडेंट्स को परेशान करने लगीं. एक और वजह यह बताई गई कि आश्रम स्कूल के पीछे उनके देवता का मंदिर स्कूल के ड्रेनेज चैनल की वजह से प्रभावित/कब्ज़ा हो गया था, जिससे देवता नाराज हो गए थे.

रिपोर्ट में कहा गया है कि तीसरी वजह यह बताई जा रही है कि स्कूल के पास एक खेत में एक आदिवासी युवक की मौत हो गई और उसकी आत्मा भूत बन गई. इसमें इस अजीब स्थिति की वजह अंधविश्वास, डर, स्ट्रेस और आत्माओं के बारे में लोकल मान्यताओं को बताया गया.

स्टूडेंट्स से साइंटिफिक नजरिए से देखने की अपील 

अधिकारी ने बताया कि महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति, जो अंधविश्वास को खत्म करने के लिए काम करती है, के सीनियर अधिकारियों ने भी स्टूडेंट्स से मुलाकात की और उनकी काउंसलिंग की. उन्होंने कहा कि उन्होंने लोगों से अंधविश्वास में पड़ने के बजाय इस घटना को साइंटिफिक नजरिए से देखने की अपील की.

अमरावती के MP बलवंत वानखड़े ने भी स्टूडेंट्स से डरने और क्लास में आना शुरू करने की अपील की. हेडमास्टर संजय चौधरी ने कहा कि लड़कियों की काउंसलिंग करने और उन्हें स्कूल वापस लाने की कोशिशें चल रही हैं. कुछ लड़कियां वापस आ गई हैं.

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