Kashmiri Pandits: कश्मीर से एक ऐसी खबर सामने आ रही है जिसे जानकर आप हैरान रह जाएंगे. दरअसल, दुनिया भर के अलग-अलग देशों में रहने वाले कश्मीरी पंडितों का एक ग्रुप अभी कश्मीर पहुंचा है. बता दें कि इनमें से कई प्रवासी कश्मीरी पंडित हैं जिनमें से कुछ तो 36 साल के बाद अपनी जन्मभूमि पर पहुंचे हैं, आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ये ‘प्रगाश हेरिटेज टूर’ के तहत वापस आए हैं. अपने दौरे के दौरान, वो कश्मीर के सभी ज़िलों में हालात का जायज़ा ले रहे हैं.वहीँ कश्मीरी पंडितों का कहना है कि अभी हालात उनके लौटने के लिए अनुकूल हैं; लेकिन, भरोसा जगाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर पहल और बहुसंख्यक समुदाय यानी मुसलमानों की ओर से सुरक्षा का भरोसा मिलना ज़रूरी है.
सालों बाद अपने घर में रखा कदम
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह ग्रुप 6 जून को कश्मीर पहुँचा और उसने उत्तर, दक्षिण और मध्य कश्मीर के कई धार्मिक स्थलों का दौरा भी किया. इस दौरान कुछ सदस्यों ने अपने पुश्तैनी इलाकों का भी दौरा किया. 36 साल में पहली बार, वो उन घरों में गए जहाँ वो पहले रहा करते थे. इस दौरान प्रवासी कश्मीरी पंडितों का यह ग्रुप अपने अनुभवों की पूरी जानकारी अपने बच्चों के साथ साझा करने की योजना बना रहा है. उन्हें उम्मीद है कि इससे भरोसा बढ़ेगा, पुराने डर कम होंगे और पुराने ज़ख्म कुछ हद तक भरेंगे, साथ ही यहाँ दोबारा रहने की संभावना को लेकर सकारात्मक सोच भी बनेगी.
After 36 years, Kashmiri Pandits return to their homeland under the #PragaashHeritageTour, reconnecting with their roots, culture and heritage.
Their message is one of peace, coexistence and brotherhood—showcasing the enduring spirit of Kashmiriyat and the unbreakable bond with… pic.twitter.com/hY1wf8TxPw
— Zindadilkashmir (@jindadlKashmir) June 11, 2026
बचपन की यादें की ताजा
जानकारी के मुताबिक ग्रुप ने दक्षिण कश्मीर के मट्टन इलाके में मौजूद मशहूर हेरिटेज साइट, मार्तंड मंदिर का भी दौरा किया. वहीँ शुक्रवार को, उन्होंने श्रीनगर के हब्बा कदल इलाके, जहाँ कभी कश्मीरी पंडितों की सबसे बड़ी आबादी रहती थी वहां के मंदिरों और आश्रमों का दौरा किया और अपने बचपन की यादों को फिर से जिया.