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Miyazaki Mango: आम को फलों का राजा कहा जाता है, लेकिन दुनिया में एक ऐसा आम भी है जिसकी कीमत सुनकर लोग हैरान रह जाते हैं. जापान का प्रसिद्ध मियाजाकी आम दुनिया के सबसे महंगे फलों में गिना जाता है. इसकी एक जोड़ी की कीमत लाखों रुपये तक पहुंच चुकी है. आकर्षक लाल रंग, बेहतरीन स्वाद, उच्च गुणवत्ता और बेहद खास खेती तकनीक के कारण यह आम अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रीमियम फल के रूप में पहचान बना चुका है.
इतनी है कीमत
जहां सामान्य आम कुछ सौ रुपये किलो में बिक जाते हैं, वहीं मियाजाकी आम की एक जोड़ी की कीमत कई बार 3 लाख रुपये से भी अधिक दर्ज की गई है. यही वजह है कि यह आम सिर्फ स्वाद के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी दुर्लभता और लग्जरी पहचान के लिए भी चर्चा में रहता है.
जापान के मियाजाकी क्षेत्र से मिली खास पहचान
मियाजाकी आम का नाम जापान के दक्षिणी क्षेत्र मियाजाकी प्रीफेक्चर के नाम पर रखा गया है, जहां इसकी विशेष किस्म की खेती की जाती है. जापान में इसे ‘ताइयो नो तमागो’ कहा जाता है, जिसका अर्थ है ‘सूरज का अंडा’. यह नाम इसके आकर्षक स्वरूप और चमकदार रंग की वजह से दिया गया है. अपने अनोखे रूप और गुणवत्ता के कारण यह आम दुनिया भर के फलों से अलग पहचान रखता है.
लाल रंग ही बनाता है इसे सबसे अलग
आमतौर पर बाजार में मिलने वाले आम पीले, हरे या हल्के नारंगी रंग के होते हैं, लेकिन मियाजाकी आम का रंग गहरा लाल होता है. इसकी चमकदार त्वचा और एक समान रंग इसे किसी कीमती रत्न जैसा रूप प्रदान करते हैं. फल विशेषज्ञों के अनुसार इसकी बाहरी खूबसूरती ही इसे प्रीमियम श्रेणी में शामिल करने का पहला कारण बनती है. यही लाल रंग इसकी सबसे बड़ी पहचान माना जाता है.
स्वाद ऐसा कि दुनिया भर में है चर्चा
मियाजाकी आम सिर्फ दिखने में ही नहीं बल्कि स्वाद में भी बेहद खास माना जाता है. इसका गूदा सुनहरे रंग का, मुलायम और लगभग रेशारहित होता है. इसमें प्राकृतिक शर्करा की मात्रा कम से कम 15 प्रतिशत होना आवश्यक मानी जाती है. यही वजह है कि इसका स्वाद बेहद मीठा और संतुलित होता है. फल प्रेमियों और विशेषज्ञों के बीच इसे दुनिया के सबसे स्वादिष्ट आमों में गिना जाता है.
सामान्य बागों में नहीं, खास ग्रीनहाउस में होती है खेती
मियाजाकी आम की खेती सामान्य तरीके से नहीं की जाती. इसे नियंत्रित वातावरण वाले ग्रीनहाउस में उगाया जाता है, जहां तापमान, नमी और सूर्य की रोशनी का विशेष ध्यान रखा जाता है. किसान हर फल की अलग-अलग निगरानी करते हैं. फलों को विशेष जालीदार नेट में सुरक्षित रखा जाता है ताकि वे पूरी तरह सुरक्षित रहें और उनकी गुणवत्ता पर कोई असर न पड़े. यही वजह है कि इसकी खेती में लागत और मेहनत दोनों सामान्य आमों की तुलना में कहीं अधिक होती है.
‘ताइयो नो तमागो’ बनने के लिए पूरे करने होते हैं सख्त मानक
हर मियाजाकी आम को प्रीमियम श्रेणी में शामिल नहीं किया जाता. ‘ताइयो नो तमागो’ का दर्जा पाने के लिए फलों को कई कड़े मानकों पर खरा उतरना पड़ता है. इसके लिए फल का वजन कम से कम 350 ग्राम से अधिक होना चाहिए. रंग पूरी तरह एकसमान होना चाहिए और फल पर किसी प्रकार का दाग या खराबी नहीं होनी चाहिए. सभी मानकों को पूरा करने के बाद ही उसे इस विशेष श्रेणी में शामिल किया जाता है
नीलामी में लाखों रुपये में बिक चुकी है एक जोड़ी
जापान में विशेष फलों की नीलामी के दौरान मियाजाकी आम कई बार रिकॉर्ड कीमतों पर बिक चुका है. विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार इसकी एक जोड़ी लगभग 6 लाख जापानी येन तक में नीलाम हुई है. भारतीय मुद्रा में इसकी कीमत करीब 3 से 3.5 लाख रुपये या उससे भी अधिक आंकी गई है. यही कारण है कि इसे दुनिया के सबसे महंगे आमों में शामिल किया जाता है.
भारत में भी बढ़ रहा है मियाजाकी आम का क्रेज
मियाजाकी आम की लोकप्रियता अब भारत तक पहुंच चुकी है. देश के कई किसान इसकी खेती करने की कोशिश कर रहे हैं. ओडिशा, मध्य प्रदेश और कर्नाटक जैसे राज्यों में इसके सफल उत्पादन की खबरें सामने आई हैं. हालांकि इसकी खेती आसान नहीं मानी जाती, क्योंकि इसके लिए विशेष देखभाल और नियंत्रित वातावरण की जरूरत होती है. इसके अलावा इसकी ऊंची कीमत किसानों के लिए सुरक्षा की चुनौती भी बन जाती है.
चोरी से बचाने के लिए रातभर करनी पड़ती है निगरानी
मियाजाकी आम की कीमत इतनी अधिक होती है कि किसानों को इसके फलों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने पड़ते हैं. हाल ही में ओडिशा के एक किसान ने बताया कि वह अपने मियाजाकी आम के पेड़ों की रातभर निगरानी करते हैं ताकि कोई फलों की चोरी न कर सके. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह आम सिर्फ खेती का उत्पाद नहीं, बल्कि एक कीमती संपत्ति की तरह माना जाता है.