Jaipur Mosque Demolition Drive: शहर या फिर गांव अतिक्रमण के चलते लोगों को परेशानी पेश आती है. अतिक्रमण के चलते सड़कों और फुटपाथों पर ही कारोबाार शुरू हो जाता है. इससे यानी अवैध कब्जे से रास्ते संकरे हो जाते हैं और ट्रैफिक जाम, यात्रा में देरी और ईंधन की बर्बादी अलग से होती है. जयपुर के नंदपुरी रोड को चौड़ा करने को लेकर प्रशासन की कार्रवाई चल रही है. वहीं, इस तोड़फोड़ अभियान की आलोचना भी हो रही है. वहीं, अतिमक्रण के तहत बने मंदिर और मस्जिद गिराए जाने से पहले जयपुर में हाई अलर्ट है. फिलहाल इंटरनेट बंद है और हालात काबू में रहें, इसके लिए 3,000 पुलिसकर्मी तैनात हैं.
हटाए जाने के लिए चिह्नित पांच धार्मिक ढांचे
प्रशासनिक अधिकारियों का मानें तो तोड़फोड़ की कार्रवाई में सड़क की तय सीमा के भीतर आने वाले पांच धार्मिक ढांचों को हटाना शामिल है, जिनमें एक मस्जिद, दो मंदिर के अलावा एक सत्संग हॉल और एक मजार भी शामिल है. अधिकारियों ने मीडिया को बताया कि इलाके में अतिक्रमण कर बनाए गए ढांचे कई वर्षों से चौड़ीकरण परियोजना में बाधा डाल रहे है. इसके लिए पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके हैं. अधिकारियों का साफ-साफ कहना है कि अतिक्रमण के खिलाफ सीधी कार्रवाई शुरू करने से पहले मालिकों को अपनी मर्ज़ी से निर्माण हटाने का समय भी दिया गया था, लेकिन इस पर उन्होंने कोई ध्यान नहीं दिया.
JDA विजिलेंस विंग के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल आनंद शर्मा का कहना है कि इससे पहले 22 मई, 2026 को चलाए गए अभियान के दौरान उसी हिस्से पर 134 अतिक्रमण हटाए गए थे. लोगों को पहले ही आगाह कर दिया गया था कि धार्मिक संस्थाओं और अन्य कब्ज़ेदारों को भी नियमों का पालन करने के लिए अतिरिक्त समय दिया गया था, लेकिन अब समय सीमा समाप्त हो गई. इसके बाद इन सभी संस्थानों पर कार्रवाई जरूरी हो गई है. अधिकारियों ने कहा कि ऑनलाइन गलत या सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील कंटेंट फैलाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
जयपुर में भारी सुरक्षा तैनाती
वहीं, अधिकारियों ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं. शहर भर में 3,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जिनमें राजस्थान आर्म्ड कांस्टेबुलरी (RAC) की 12 कंपनियां शामिल हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अतिक्रमण हटाने के दौरान किसी तरह की कोई गड़बड़ी नहीं हो, इसके लिए जयपुर, कोटा और भरतपुर रेंज से अतिरिक्त फोर्स बुलाई गई है, जबकि शहर के संवेदनशील इलाकों में कड़ी निगरानी रखी जा रही है.
50 कॉलोनियों को होगा फायदा
प्रशासन ने कहा कि सड़क चौड़ी होने से जगतपुरा और मालवीय नगर, प्रधान मार्ग और एपेक्स सर्कल जैसे अहम इलाकों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी, साथ ही हरे कृष्ण मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा. अधिकारियों का अनुमान है कि प्रोजेक्ट पूरा होने पर लगभग 50 कॉलोनियों को फायदा होगा. निवासियों को सलाह दी गई है कि वे दिन भर तोड़-फोड़ वाली जगह के आसपास भारी सुरक्षा और आवाजाही पर संभावित पाबंदियों के लिए तैयार रहें.