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अंबाला में 220 फीट गहरे बोरवेल में गिरा मासूम बच्चा निर्भय, प्रिंस की याद हुई ताजा; भारतीय सेना संभाला मोर्चा

Ambala News:अंबाला. हरियाणा के अंबाला जिले में गांव धन्यौड़ा से मंगलवार सुबह 4 वर्षीय मासूम बच्चा 220 फुट गहरे बोरवेल में गिर गया.

By: Thakur Dinesh Kumar | Last Updated: June 30, 2026 4:08:27 PM IST



Ambala News: हरियाणा के अंबाला जिले में गांव धन्यौड़ा से मंगलवार सुबह 4 वर्षीय मासूम बच्चा 220 फुट गहरे बोरवेल में गिर गया.  हादसे के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है. फिलहाल, सेना को राहत और बचाव के काम में बुलाया गया है, और बच्चे को बचाने के लिए कोशिशें जारी हैं.
जानकारी के अनुसार, 4 वर्षीय मासूम निर्भय सुबह करीब साढ़े छह बजे अपने पिता, चाचा और चचेरे भाई के साथ खेत गया था. इस दौरान सभी काम में लगे थे और बच्चा खेल रहा था कि अचानक निर्भय ट्यूबवेल के गहरे बोरवेल में जा गिरा. बोरवेल खुला हुआ था. हादसे का पता चलते ही मौके पर चीख-पुकार मच गई और जिला प्रशासन को सूचना दी गई.

पहले भी हो चुका है हादसा

गौरतलब है कि, 20 साल पहले भी ऐसा हादसा हो चुका है. इससे पहले भी प्रिंस नामक बच्चा बोरवेल में गिरा था. जिसे सेना ने काफी मशक्कत के बाद बचाया था. उधर, बच्चे के गिरने की सूचना के बाद काफी संख्या में लोग मौके पर पहुंचे हैं. पिता का रो-रोकर बुरा हाल है. एनडीआरएफ की टीमें भी मौके पर मौजूद हैं.

डीसी अजय तोमर ने कहा कि पिता के लिए बच्चा खाना लाया था और खेलते खेलते बोरवेल में गिर गया है. डीसी ने बताया कि आर्मी और एनडीआरएफ की टीमें आई गई हैं और सारे सतंत्र मंगवाए गए हैं. पड़ोसी ने बोरवेल खुला छोड़ा था और एसएचओ को इस बारे में कार्रवाई के लिए कहा गया है.  डॉक्टरों की टीम भी मौके पर तैनात की गई है और परिवार का भी चेकअप किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि जांच में बोलवेल की गहराई करीब 220 फीट मिली है. बच्चे को बचाने के लिए सारी कोशिशें की जा रही हैं और अगर जरूरत पड़ी तो इसके साथ ही अलग से खुदाई भी की जाएगी.

12 साल बाद हुआ है निर्भय का जन्म

मासूम निर्भय के ताऊ कप्तान सिंह ने बताया कि परिवार में एक बेटी के जन्म के लगभग 12 वर्ष बाद भगवान की कृपा से निर्भय का जन्म हुआ था. उन्होंने भावुक होकर बताया कि वह सोमवार को ही अपनी नानी के घर से गांव लौटा था और जल्द ही स्कूल जाना शुरू करने वाला था. मंगलवार सुबह वह अपने पिता के साथ खेतों में गया था, लेकिन कुछ ही क्षणों में यह खुशी मातम में बदल गई. हादसे के बाद से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है. उन्होंने कहा कि गांव के लोग भी लगातार घटनास्थल पर डटे हुए हैं और मासूम के सुरक्षित बाहर आने की प्रार्थना कर रहे है. मासूम की एक बड़ी बहन है. पिता किसान हैं. घर से 500 मीटर दूर यह घटना हुई है.

किसकी है जिम्मेवारी

गौरतलब है कि, इस तरह की घटना का आखिर जिम्मेदार कौन है. नगर निगम, प्रशासन या फिर आम जनमानष, सरकारी तंत्र क्या इसकी जिम्मेदारी लेगा. बताया जा रहा है कि पड़ोसी के खेत में बोरवेल का कार्य प्रगति पर था. जिसके फलस्वरुप यह हादसा हुआ. फिलहाल एसएचओ को इसके बाबत मुकदमा दर्ज कर उचित कार्रवाई का आग्रह किया गया है. ताकि इस तरह की घटना दोबारा न हो सकें.

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