Delhi protest | Indian Army: भारतीय सेना ने एक सुनियोजित ऑनलाइन कैंपेन का पता लगाया है, जिसमें सेना की वर्दी पहने लोगों के वीडियो का इस्तेमाल करके दिल्ली में चल रहे विरोध-प्रदर्शनों के लिए समर्थन दिखाया जा रहा है. अधिकारियों का कहना है कि ये जनता को गुमराह करने के मकसद से किया गया विदेशी मदद वाला मनोवैज्ञानिक ऑपरेशन (साइऑप्स) हो सकता है, जिससे सरकार में चिंता बढ़ गई है.
वायरल हो रही फेक वीडियो
मिडिया को मिली एक रिपोर्ट के मुताबिक, सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो सामने आए जिनमें सेना के जवान भारत सरकार की आलोचना करते और प्रदर्शनकारियों के साथ एकजुटता दिखाते हुए दिखे. इसके बाद सेना ने ऑनलाइन जानकारी के माहौल की जांच की. सेना की शुरुआती जांच में ऐसे कुल 24 पोस्ट की पहचान की गई जिनमें सेना की वर्दी पहने लोग दिखाई दे रहे थे. अधिकारियों ने बताया कि जांच-पड़ताल के बाद तीन लोगों के सेना में कार्यरत होने की पुष्टि हुई है, जबकि एक व्यक्ति की पहचान पूर्व सैनिक (ESM) के तौर पर हुई है. सूत्रों ने बताया कि सेना के नियमों के तहत इन तीनों कार्यरत जवानों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है.
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क्या प्रोटेस्टर के साथ है इंडियन आर्मी?
हालांकि, अधिकारियों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि ये मामले बहुत कम हैं और इन्हें पूरी भारतीय सेना का प्रतिनिधित्व करने वाला नहीं माना जाना चाहिए.बाकी वीडियो की जांच अभी चल रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, इन पोस्ट में दिखने वाले ज़्यादातर लोगों की पहचान करना मुश्किल है क्योंकि फुटेज में ऐसी कोई खास पहचान, नेम टैग या पहचान के निशान नहीं हैं जिनसे उनकी पहचान की जा सके. इस प्रक्रिया से जुड़े सूत्रों ने कहा, “हम उपलब्ध सभी तरीकों से उनकी पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं.”