CM Candidates for Tamil Nadu: तमिलनाडु की राजनीति में इस बार काफी उलटफेर देखने के लिए मिला है. एक्टिंग से राजनीति में कदम रखने वाले एक्टर विजय थलापति ने 108 सीटें हासिल कर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है. TVK का प्रदर्शन विधानसभा चुनाव में काफी बेहतर रहा है, जिससे पार्टी बहुमत के आंकड़े के काफी करीब है. अपने पहले ही चुनाव में टीवीके ने एक बड़ी जीत हासिल कर राजनीति में अपना लोहा चुमवाया है. हालांकि, देखा जाए तो इसका सबसे बड़ा झटका राज्य के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन को लगा है. अब विजय बहुमत और सरकार बनाने के लिए केवल 10 ही सीट दूर हैं.
हालांकि, इस बात को लेकर चर्चा काफी तेज है कि विजय किस पार्टी के साथ मिलकर अपनी सरकार बनाने जा रहे हैं. लेकिन, सोचने वाली बात यह है कि अगर विजय थलापति मुख्यमंत्री नहीं बनते तो आखिर मुख्यमंत्री बनने का दावेदार कौन होता है. या कौन सी पार्टी पूर्ण बहुमत से सरकार बनाती चलिए जानते हैं.
1. एम.के. स्टालिन
देखा जाए तो टीवीके से पहले DMK तमिलनाडु में एक बडी पार्टी के तौर पर देखी जाती थी. तमिलनाडु से एक ऐसा नाम है, जो लंबे समय से न केवल राजनीति में सक्रिय है बल्कि, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद के लिए भी दावेदार माना जाता है. अगर विजय थलापति विधानसभा चुनाव 2026 नहीं लड़ते तो ऐसे में मुख्यमंत्री बनने के लिए एम.के. स्टालिन भी एक परफेक्ट नेता हो सकते थे.
2. पलानीस्वामी
तमिलनाडु की राजनीति में पलानीस्वामी भी एक जाना-माना चेहरा है. तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री पलानीस्वामी राजनीति मे काफी एक्टिव हैं. इस बार के विधानसभा चुनाव में भी AIADMK की ओर से पलानीस्वामी 98000 वोटों से जीते हैं. वे साल 2017 से 2021 तक तमिलनाडु के 7वें मुख्यमंत्री बनकर अपनी सेवाएं दे रहे थे. इस बार उन्होंने प्रेम कुमार को 98000 हजार वोटों से हराया है. देखा जाए तो तमिलनाडु चुनाव में विजय थलापति अगर नहीं होते तो पलानीस्वामी किंगमेकर की भूमिका निभा सकते थे.
3. ओ. पन्नीरसेल्वम
देखा जाए तो विजय के अलावा तमिलनाडु का मुख्यमंत्री बनने की रेस में ओ. पन्नीरसेल्वम भी शामिल हो सकते थे. तमिलनाडु के पूर्व सीएम ओ. पन्नीरसेल्वम भी सीएम पद के लिए दमदारी के साथ दावेदारी कर सकते थे. हालांकि, जानकारी के मुताबिक पन्नीरसेल्वम तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर मैदान में देखे गए हैं.