Hyderabad Temple Incident VIDEO: हैदराबाद के दिलसुख नगर इलाके में स्थित प्रसिद्ध संतोषी माता मंदिर में शुक्रवार को एक हैरान करने वाली घटना सामने आई. दोपहर के वक्त जब मंदिर में पूजा-पाठ और अनुष्ठान चल रहे थे, तभी मोहम्मद अंसारी नाम का एक व्यक्ति अचानक गर्भ गृह में घुस आया. पुजारी और वहां मौजूद श्रद्धालुओं के सामने ही उस व्यक्ति ने मूर्ति के सामने पेड़ की कुछ शाखाएं और डंडियां लाकर फेंक दीं, जिससे वहां हड़कंप मच गया. इस नापाक हरकत को देखकर मौके पर मौजूद लोग गुस्से से भड़क उठे. श्रद्धालुओं ने तुरंत उसे पकड़ लिया और उसकी पिटाई करने के बाद पुलिस के हवाले कर दिया.
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद कई धार्मिक संगठन और राजनीतिक दलों ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की. इसे धार्मिक कट्टरपंथियों द्वारा मंदिर और देवता पर एक बर्बर हमला करार दिया और राज्य सरकार पर निशाना साधा.
हालांकि, इस पूरे वाकये के बीच मानवता और कानून का एक संतुलित पहलू भी देखने को मिला. एक तरफ जहां धार्मिक भावनाओं के आहत होने पर लोगों में गुस्सा था, वहीं दूसरी तरफ शख्स को बिना कानून हाथ में लिए पुलिस को सौंपकर बुनियादी इंसानियत का परिचय दिया गया. लेकिन जांच में जो तथ्य सामने आए, उसने सभी को चौंका और पूरे मामले को ही बदल कर रख दिया.
मंदिर के गर्भ गृह में घुसकर की गई हरकत
घटना के चश्मदीदों और पुलिस सूत्रों के अनुसार, शुक्रवार को दिलसुख नगर के संतोषी माता मंदिर में रोजाना की तरह पूजा का माहौल था. चैतन्यपुरी पुलिस सीमा के अंतर्गत आने वाले इस मंदिर में जब भक्तजन और पुजारी उपस्थित थे, तब मोहम्मद अंसारी अचानक अंदर दाखिल हुआ. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो क्लिप्स में देखा जा सकता है कि कैसे वह व्यक्ति बिना किसी डर के सीधे गर्भगृह तक पहुंचता है और मूर्ति के सामने लाकर टहनियां रख देता है. इस अचानक हुए कृत्य से वहां मौजूद लोग सकते में आ गए.
Dilsukhnagar Santhoshi Matha Temple loki Praveshinchi Ammavari Vigraham nu Karratho Dhaadi Chesina Maraka gaadu
Thanni Police Laku Appaginchina Hindu Sodharulu
Adhe Temple Kakapothe Thala Narikevaaru…. Manavaallu Kabatti inka brathike unnadu … pic.twitter.com/CnMBas9b5o
— Mahesh Goud 🚩 #9999# (@indian66669296) October 2, 2026
मानसिक स्वास्थ्य का हवाला और पुलिस की हिरासत
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और आरोपी मोहम्मद अंसारी को अपनी हिरासत में ले लिया. पुलिस पूछताछ और शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि अंसारी मानसिक रूप से पूरी तरह स्थिर नहीं है और वर्तमान में उसका मानसिक स्वास्थ्य का इलाज चल रहा है. पुलिस यह खंगालने की कोशिश कर रही है कि आखिर वह किस परिस्थिति में मंदिर के अंदर तक पहुंचा और इस हरकत के पीछे उसकी क्या मानसिकता थी. फिलहाल पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.
इस सनसनीखेज घटना के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है. कुछ राजनीतिक पार्टी नेताओं ने इसे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला एक बर्बर हमला बताया है.
भीड़ ने तुरंत पुलिस को सौंपा आरोपी
इस पूरी घटना से यह संदेश भी मिलता है कि किसी भी समुदाय के पवित्र स्थल, चाहे वह मंदिर हो, मस्जिद हो या चर्च, उसकी गरिमा का सम्मान करना हर नागरिक का कर्तव्य है. जहां एक तरफ इस तरह के कृत्यों से लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत होती हैं और गुस्सा स्वाभाविक है, वहीं दूसरी तरफ भीड़ द्वारा कानून अपने हाथ में (विजिलेंटिज्म) लेने के बजाय मामले को पुलिस और कानून के हवाले करना ही एक सभ्य समाज की पहचान है. पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर उचित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी.
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