Garmi Me Sabse Jyada Aag Kyu Lagti Hai: देश में गर्मी के समय में काफी आग लगती है और आज-कल तो गर्मी ने सारी हदें पार कर दी है. हर साल ही गर्मी के समय में रिहायशी इमारतों, फैक्ट्रियों, बाजारों और वाहनों में आग लगने के मामले सामने आते हैं. हाल ही में साउथ दिल्ली के पॉश इलाके मालवीय नगर के एक रेस्तरां में आग लग गई है. आग लगने की वजह से 20 लोगों की मौत हो गई. इस हादसे में कई लोगों की जान चली गई, जिसने ये सोचने पर मजबूर कर दिया कि आखिर गर्मी के मौसम में ऐसे हादसे इतने ज्यादा क्यों होते हैं.
एक्सपर्ट की माने तो, बढ़ता तापमान, बिजली की खपत में बढ़ोतरी, पुराने विद्युत सिस्टम और सूखा वातावरण आग लगने की घटनाओं के मेन कारण हैं. यही वजह है कि गर्मियों में छोटी सी चूक भी बड़े हादसे का रूप ले सकती है. आइए जानते हैं कि गर्मी के मौसम में आग लगने के मामले क्यों बढ़ जाते हैं.
गर्मियों में आग लगने का खतरा क्यों बढ़ जाता है?
गर्मी के मौसम में तापमान बढ़ने के साथ-साथ बिजली की मांग भी बढ़ जाती है. घरों और दफ्तरों में एयर कंडीशनर, कूलर, पंखे और अन्य विद्युत उपकरण लगातार चलने के कारण बिजली के तारों और सिस्टम पर ज्यादा दबाव पड़ता है. कई बार ये दबाव शॉर्ट सर्किट और आग लगने का कारण बन जाता है.
ओवरहीटिंग है कारण
ज्यादा तापमान के कारण एयर कंडीशनर, ट्रांसफार्मर और अन्य विद्युत उपकरण सामान्य से ज्यादा गर्म हो जाते हैं. यदि समय पर उनकी देखभाल न की जाए तो ओवरहीटिंग की स्थिति पैदा हो सकती है, जिससे आग लगने का जोखिम बढ़ जाता है. पुराने बिजली कनेक्शन और खराब वायरिंग वाली इमारतों में ये खतरा और ज्यादा गंभीर हो जाता है.
सूखा मौसम आग को तेजी से फैलाता है
गर्मियों में वातावरण में नमी कम हो जाती है और पेड़-पौधे, घास तथा कचरा आसानी से सूख जाते हैं. ऐसे में एक छोटी सी चिंगारी भी बड़े अग्निकांड का रूप ले सकती है. खुले में फेंकी गई सिगरेट, बिजली की चिंगारी या किसी ज्वलनशील पदार्थ के संपर्क में आने से आग तेजी से फैलने लगती है.
घरेलू लापरवाही भी बनती है हादसों की वजह
रसोई गैस का असुरक्षित उपयोग, गैस रिसाव, ज्वलनशील पदार्थों का गलत तरीके से भंडारण और बिजली उपकरणों का लापरवाही से इस्तेमाल भी आग लगने के मेन कारणों में शामिल हैं. गर्मियों में इन जोखिमों का प्रभाव और ज्यादा बढ़ जाता है.
आग से होने वाली मौतों के आंकड़े चिंता बढ़ाते हैं
भारत में हर साल हजारों लोग आग से जुड़ी घटनाओं में अपनी जान गंवाते हैं. सरकारी रिपोर्टों और अपराध रिकॉर्ड से जुड़े आंकड़े बताते हैं कि अग्निकांडों के कारण होने वाली मौतों की संख्या लगातार चिंता का विषय बनी हुई है.
आग से बचाव के लिए सतर्कता जरूरी
विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित विद्युत जांच, गुणवत्ता वाली वायरिंग और सुरक्षा नियमों का पालन करके आग लगने की अधिकांश घटनाओं को रोका जा सकता है. गर्मियों में थोड़ी सी सावधानी बड़े हादसों से बचा सकती है और कई जिंदगियों को सुरक्षित रख सकती है.