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Amarnath Yatri Bus Accident: बाबा बर्फानी के दर्शन कर लौट रही बस अनियंत्रित होकर पलटी, 30 से ज्यादा यात्री गंभीर रूप से घायल!

जम्मू और कश्मीर के गांदरबल जिले में लगभग 50 अमरनाथ तीर्थयात्रियों को ले जा रही एक बस पलट गई और सड़क किनारे ढलान से नीचे लुढ़ककर खाई में गिर गई, जिससे कम से कम 30 यात्री घायल हो गए.

By: Kajal Jain | Published: July 28, 2026 11:51:59 AM IST



मंगलवार को जम्मू और कश्मीर के गांदरबल जिले में 40 अमरनाथ यात्रियों को ले जा रही एक तेज रफ्तार बस फिसलकर खाई में बने एक घर पर जा गिरी, जिससे 30 से ज्यादा यात्री घायल हो गए. यह दुर्घटना गुंड क्षेत्र के हरिगानीवां के एस-मोड इलाके के पास हुई. पंजीकरण संख्या एआर11 डी5655 वाली बस एक मोड़ पर फिसल गई और एक घर पर जा गिरी. घर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन बस सिंध नदी में गिरने से बच गई. अधिकारियों ने बताया कि अमरनाथ की पवित्र गुफा में दर्शन करने के बाद करीब 40 तीर्थयात्री वापस लौट रहे थे. घायलों में से 22 राजस्थान के हैं, जबकि शेष 18 मध्य प्रदेश के हैं.

यात्रियों लगीं गंभीर चोटें, श्रीनगर रेफर

ईटीवी भारत की रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय निवासियों ने सभी घायलों को कंगन उप-जिला अस्पताल में भर्ती कराया जहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी को श्रीनगर के एसकेआईएमएस सौरा अस्पताल में रेफर कर दिया गया. अस्पताल सूत्रों के अनुसार सभी घायलों को कई चोटें आई थीं और सिर में गहरे जख्म थे. घटनास्थल से मिली तस्वीरों में बस का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त घर के ऊपर पड़ा हुआ दिखाई दे रहा था, जबकि सुरक्षा बल बचाव अभियान जारी रखे हुए थे. स्थानीय लोगों और सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया.

घर के ऊपर जा गिरी यात्रियों से भरी बस

ईटीवी भारत से बात करते हुए, कंगन के एक स्थानीय निवासी ने बताया कि सुबह की नमाज के बाद घर लौटते समय उन्होंने एक जोरदार आवाज सुनी. ‘हम तुरंत वहां पहुंचे और देखा कि बस दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी. हमने कुछ तीर्थयात्रियों को बचाया और उन्हें एम्बुलेंस से स्थानीय अस्पताल पहुंचाया. फिर सुरक्षा बल और पुलिस भी मौके पर पहुंची और सभी को बचाने में मदद की.’ उन्होंने बताया कि बस घर से टकरा गई, जिससे तीर्थयात्रियों की जान बच गई. स्थानीय निवासी ने कहा, ‘भगवान का शुक्र है कि घर का मालिक दीन मोहम्मद मवेशी चराने गया हुआ था.’

स्थानीय लोगों ने बताई हादसे की वजह

मीडिया रिपोर्ट में एक अन्य स्थानीय निवासी ने बताया कि जिस स्थान पर दुर्घटना हुई वहां एक एल शेप का मोड़ है और पहले भी वहां इस तरह की कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं. सूचना मिलते ही गुंड पुलिस अन्य कर्मियों के साथ मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया. एसएचओ रईस अहमद के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम और आईटीबीपी, सीआरपीएफ की 118 बटालियन, 2 असम राइफल्स, 21 राष्ट्रीय राइफल्स, यात्रा पुलिस और स्थानीय लोगों ने रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा किया.

उपराज्यपाल ने लिया हादसे का जायजा

इस भीषण हादसे को लेकर उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अपने ट्विटर अकाउंट पर जानकारी दी. उन्होंने लिखा कि ‘मैंने गांदरबल के उपायुक्त और स्वास्थ्य अधिकारियों से बात की और आज सुबह गांदरबल के गनीवान में हुए दुर्भाग्यपूर्ण सड़क हादसे में घायल हुए श्री अमरनाथजी यात्रा के तीर्थयात्रियों के स्वास्थ्य के बारे में जानकारीली. बाबा बर्फानी के दर्शन के बाद लौट रहे 39 तीर्थयात्री घायल हो गए और वर्तमान में एसकेआईएमएस में उनका इलाज चल रहा है.’उन्होंने लिखा कि उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे घायलों को सभी आवश्यक सहायता और सर्वोत्तम संभव चिकित्सा देखभाल सुनिश्चित करें.  मैं भगवान शिव से घायल श्रद्धालुओं के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं.’

बाल्टल के लिए रवाना हुआ नया जत्था

अमरनाथ तीर्थयात्रियों का एक नया जत्था मंगलवार तड़के जम्मू से बाल्टल के लिए रवाना हुआ. यह 21वां जत्था है जो सुबह करीब 2:30 बजे जम्मू से रवाना हुआ और सुबह 5:30 बजे उधमपुर पार कर गया.  नए काफिले में 57 बसें, 30 मीडियम मोटर व्हीकल्स, 58 लाइट मोटर व्हीकल्स और 6 दोपहिया वाहन सहित 151 वाहन शामिल थे. अधिकारियों ने बताया कि इस नवीनतम जत्थे में 3,029 तीर्थयात्री थे, जिनमें 2,310 पुरुष, 590 महिलाएं, 14 बच्चे, 45 साधु, 40 साध्वियां और 30 विदेशी पुरुष तीर्थयात्री शामिल थे.

भूस्खलन के कारण रास्ते बंद

सोमवार को जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच44) पर भारी यातायात जाम देखा गया, और देर रात तक चेनानी और उधमपुर के बीच सैकड़ों वाहन फंसे रहे, क्योंकि उधमपुर के देवल क्षेत्र में भूस्खलन के कारण सड़क एक लेन की हो गई थी. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) घटनास्थल से मलबा हटा रहा है, और चल रहे सफाई कार्य के कारण सड़क संकरी है और यातायात धीमी गति से चल रहा है. एक अधिकारी ने बताया ‘तीर्थयात्रियों का नया जत्था बाल्टल मार्ग के लिए रवाना कर दिया गया है. मरम्मत कार्य के कारण कोई भी तीर्थयात्री पारंपरिक पहलगाम मार्ग से यात्रा नहीं करेगा.’ जानकारी के लिए बता दें कि सोमवार को अमरनाथ यात्रा में यात्रियों का 42 लाख का आंकड़ा पार कर लिया. यह यात्रा 3 जुलाई को शुरू हुई थी और 28 अगस्त तक चलेगी.

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