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सदियों की बहस खत्म! पहले अंडा या मुर्गी’ पर बड़ा वैज्ञानिक धमाका, खत्म हुई प्रजाति को लौटाने की कोशिश

Chicken or Egg Which Came First: अगर आप भी अब तक ये नहीं जानते कि पहले अंडा आया या मुर्गी, तो बता दें कि वैज्ञानिकों ने इसका जवाब ढूंढ लिया है. वैज्ञानिकों ने एक्सपेरिमेंट के जरिए पुराने सवाल को फिर से चर्चा में ला दिया है.

By: Deepika Pandey | Last Updated: May 20, 2026 3:29:48 PM IST



Chicken or Egg Which Came First: अक्सर आपने लोगों से मजाकिया लहजे में एक सवाल सुना होगा कि पहले मुर्गी आई या अंडा? इसका जवाब कोई नहीं दे सकता. इसके बावजूद ये चर्चा का विषय रहता है. हालांकि अब वैज्ञानिकों ने इस सवाल का जवाब ढूंढ लिया है.वैज्ञानिकों ने ऐसा एक्सपेरिमेंट किया है, जिसने इस पुराने सवाल को फिर से चर्चा में ला दिया है. वैज्ञानिकों ने बिना अंडे के छोटे-छोटे चूजे पैदा कर लिए. इस बात का दावा करने वाली कंपनी का कहना है कि वे हजारों साल पहले विलुप्त हो चुके पक्षियों को वापस लाने की कोशिश कर रहे हैं. 

जानकारी के अनुसार, एक बायोटिक कंपनी ने मंगलवार को दावा किया कि उसने कृत्रिम माहौल में जिंदा चूजे पैदा किए हैं. एपी की रिपोर्ट के अनुसार, Colossal Biosciences के मुताबिक कंपनी में 26 छोटे चूजे पैदा हुए हैं. इनमें से कुछ चूजे अभी कुछ दिनों के हैं और कुछ महीनों पुराने हैं. कंपनी ने बताया है कि इन चूजों को 3डी प्रिंटेड ढांचे में तैयार किया गया है. ये अंडे के छिलकों की तरह काम करता है.  

ये जानवर भी बनाए गए

कंपनी ने ये भी बताया है कि कंपनी इससे पहले जेनेटिक बदलाव करके विलुप्त प्रजातियों की तरह दिखने  वाले जानवर बना चुका है. इनमें ऊनी मैमथ जैसे लंबे बालों वाले चूहे और डायर वुल्फ जैसे दिखने वाले भेड़िये के बच्चे भी शामिल हैं. 

कंपनी के सीईओ ने क्या कहा?

इस बारे में कंपनी के सीईओ बेन लैम ने कहा कि एक कृत्रिम अंडा तकनीक के माध्यम से चूजे बनाए गए हैं. इस तकनीक से न्यूजीलैंड के विलुप्त “साउथ आइलैंड जायंट मोआ” जैसे दिखने वाले पक्षी भी बनाए जा सकते हैं. ये मुर्गी के अंडे से लगभग 80 गुना बड़े होते हैं. वर्तमान समय में कोई भी पक्षी ऐसा नहीं है, जो इतने बड़े अंडे देता हो. उन्होंने कहा कि वे ऐसा पक्षी बनाना चाहते थे, जिसे भगवान ने तो अच्छा बनाया ही है लेकिन वे इसे और अच्छा बनाना चाहते हैं.

क्या है तकनीक और कैसे करती है काम?

ये चूजे कृत्रिम अंडा तकनीक से पैदा किए गए हैं. इस तकनीक के जरिए फर्टिलाइज्ड अंडों के अंदर का हिस्सा कृत्रिम सिस्टम में डाला गया. इसे इनक्यूबेटर में रखा गया. अंडे के छिलके से मिलने वाला कैल्शियम भी उन्होंने डाला. वे भ्रूण के रियल टाइम में बढ़ने पर भी नज़र रखते रहे. कंपनी के वैज्ञानिकों ने कहा कि कृत्रिम अंडे के छिलके को ऐसा बनाया गया है कि उसमें एक झिल्ली होती है, जिसके जरिए ऑक्सीजन अंदर जाता है. इसमें अंडे के दूसरे हिस्से नहीं होते. ये कृत्रिम अंडा नहीं बल्कि कृत्रिम अंडे का छिलका है.

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