Home > देश > DSP vs DIG: कौन है ज्यादा ताकतवर अधिकारी? जानिए किसमें कितना है दम…रैंक, सैलरी, पावर में क्या है अंतर

DSP vs DIG: कौन है ज्यादा ताकतवर अधिकारी? जानिए किसमें कितना है दम…रैंक, सैलरी, पावर में क्या है अंतर

DSP vs DIG:  DSP और DIG दोनों पुलिस विभाग के महत्वपूर्ण पद हैं, लेकिन DIG की रैंक, अधिकार, कार्यक्षेत्र, जिम्मेदारी और वेतन DSP से काफी अधिक होता है. DSP एक सर्किल या उप-मंडल की कानून-व्यवस्था संभालता है, जबकि DIG कई जिलों की पुलिस रेंज की निगरानी करता है. नियुक्ति प्रक्रिया, रिपोर्टिंग व्यवस्था और प्रशासनिक शक्तियों के आधार पर भी DIG का पद DSP से अधिक वरिष्ठ माना जाता है.

By: Ranjana Sharma | Last Updated: July 31, 2026 3:43:01 PM IST



DSP vs DIG: देश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी पुलिस विभाग पर होती है. राज्य पुलिस में कांस्टेबल से लेकर पुलिस महानिदेशक (DGP) तक कई पद होते हैं. इनमें DSP (Deputy Superintendent of Police) और DIG (Deputy Inspector General of Police) दो ऐसे पद हैं, जिनको लेकर अक्सर लोगों के मन में भ्रम रहता है. कई लोग यह जानना चाहते हैं कि दोनों में कौन बड़ा अधिकारी होता है, किसके पास अधिक अधिकार होते हैं, किसकी सैलरी ज्यादा होती है और दोनों की जिम्मेदारियों में क्या अंतर है.

रैंक में कौन बड़ा अधिकारी होता है?

अगर पुलिस विभाग की पदानुक्रम को देखें तो DIG का पद DSP से कई स्तर ऊपर और अधिक वरिष्ठ होता है. सामान्य क्रम में DSP/ACP के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (Additional SP), फिर SP/SSP, उसके बाद DIG, फिर IG, ADG और सबसे ऊपर DGP का पद आता है. यानी DIG, DSP की तुलना में अधिक अधिकार और व्यापक प्रशासनिक जिम्मेदारी वाला अधिकारी होता है.

DSP की क्या होती हैं जिम्मेदारियां?

DSP राज्य पुलिस सेवा का अधिकारी होता है, हालांकि कुछ मामलों में प्रशिक्षण के दौरान IPS अधिकारी भी DSP स्तर की जिम्मेदारी निभाते हैं. DSP आमतौर पर किसी सर्किल या उप-मंडल की कानून-व्यवस्था संभालता है. उसके अधीन आने वाले थानों की निगरानी करना, थाना प्रभारियों (SHO) के कार्यों की समीक्षा करना, अपराध नियंत्रण, गंभीर मामलों की मॉनिटरिंग, चुनाव और वीआईपी ड्यूटी की सुरक्षा व्यवस्था देखना तथा जनता की शिकायतों का निस्तारण करना उसकी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल होता है. DSP अपने जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) को रिपोर्ट करता है और जमीनी स्तर पर पुलिस व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

DIG की जिम्मेदारी कितनी बड़ी होती है?

DIG यानी Deputy Inspector General of Police एक वरिष्ठ IPS अधिकारी होता है. उसके अधीन एक पूरी पुलिस रेंज होती है, जिसमें कई जिले शामिल रहते हैं. DIG की जिम्मेदारी केवल किसी एक जिले तक सीमित नहीं होती, बल्कि वह अपने अधीन आने वाले सभी जिलों की कानून-व्यवस्था की समीक्षा करता है. वह SP और SSP जैसे अधिकारियों के कार्यों की निगरानी करता है, बड़े अपराधों और संवेदनशील मामलों की मॉनिटरिंग करता है, पुलिस प्रशासन में समन्वय स्थापित करता है और राज्य सरकार तथा उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजता है. पूरे रेंज में पुलिस बल की कार्यप्रणाली का मूल्यांकन करना भी उसकी जिम्मेदारी होती है.

कार्यक्षेत्र में कितना अंतर होता है?

अगर कार्यक्षेत्र की बात करें तो DSP सामान्यतः एक सर्किल या उप-मंडल में 2 से 5 थानों की निगरानी करता है, जबकि DIG एक पूरी पुलिस रेंज की कमान संभालता है और कई जिलों के SP उसके अधीन कार्य करते हैं. यही कारण है कि प्रशासनिक अधिकार और निर्णय लेने की क्षमता के मामले में DIG का दायरा DSP की तुलना में काफी बड़ा होता है.

DSP और DIG कैसे बनते हैं?

नियुक्ति प्रक्रिया में भी दोनों पदों में अंतर है. DSP बनने के लिए राज्य लोक सेवा आयोग (State PSC/PCS) की परीक्षा पास करनी होती है. इसके अलावा कुछ IPS अधिकारी प्रशिक्षण के दौरान भी DSP के रूप में कार्य करते हैं. दूसरी ओर DIG बनने के लिए अधिकारी का IPS कैडर का होना आवश्यक है. एक IPS अधिकारी कई वर्षों की सेवा, अनुभव और क्रमिक प्रमोशन के बाद DIG के पद तक पहुंचता है.

किसकी सैलरी ज्यादा होती है?

7वें वेतन आयोग के अनुसार DSP का वेतन पे लेवल-10 में आता है, जिसमें बेसिक पे लगभग 56,100 रुपये से 1,77,500 रुपये प्रति माह होती है. महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), यात्रा भत्ता (TA) और अन्य सुविधाओं को जोड़ने के बाद कुल मासिक वेतन लगभग 80 हजार रुपये से 1.30 लाख रुपये या उससे अधिक हो सकता है. वहीं DIG का वेतन पे लेवल-13A के अंतर्गत आता है, जिसमें बेसिक पे 1,31,100 रुपये से 2,16,600 रुपये प्रति माह होती है. विभिन्न भत्तों को जोड़ने पर DIG का कुल मासिक वेतन 1.70 लाख रुपये से 2.50 लाख रुपये या उससे अधिक हो सकता है.

किसके पास ज्यादा पावर होती है?

अधिकारों की बात करें तो DSP अपने क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, थानों की निगरानी करने और स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक निर्णय लेने के लिए जिम्मेदार होता है, जबकि DIG कई जिलों की पुलिस व्यवस्था नियंत्रित करता है. वह SP और SSP जैसे वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यों की समीक्षा करता है तथा बड़े प्रशासनिक और रणनीतिक फैसलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

कौन किसे रिपोर्ट करता है?

रिपोर्टिंग व्यवस्था में भी अंतर है. DSP सीधे SP या SSP को रिपोर्ट करता है, जबकि SP और SSP अपने कार्यों की रिपोर्ट DIG को देते हैं. इस प्रकार अप्रत्यक्ष रूप से DSP भी DIG की प्रशासनिक निगरानी में कार्य करता है.

आखिर कौन-सा पद ज्यादा बड़ा है?

यदि दोनों पदों की तुलना की जाए तो स्पष्ट है कि DIG रैंक, अधिकार, जिम्मेदारी, कार्यक्षेत्र और वेतन-सभी मामलों में DSP से वरिष्ठ और अधिक प्रभावशाली अधिकारी होता है. DSP जहां जमीनी स्तर पर पुलिसिंग और कानून-व्यवस्था को मजबूत करता है, वहीं DIG कई जिलों की पुलिस व्यवस्था का नेतृत्व करते हुए रणनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण निर्णय लेता है.

Tags:
Advertisement