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अब पॉलिटिक्स में नहीं पड़ूंगा, भाषण नहीं दूंगा… मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने क्यों कही ये बात?

Digvijaya Singh Statement: मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने एक बयान दिया है, जिसके बाद राजनीतिक हलको में हलचल मच गई है. ऐसे में चलिए विस्तार से जानें पूरी खबर.

By: Shristi S | Published: July 7, 2026 7:52:59 PM IST



Digvijaya Singh on Politics: मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह अक्सर अपने बेबाक बयानों के लिए सुर्खियों में रहते हैं.  कुछ दिन पहले उन्होंने ऐलान किया था कि वे उज्जैन से अयोध्या तक पदयात्रा करेंगे, जो पूरी तरह से नॉन-पॉलिटिकल होगी.

अब दिग्विजय सिंह का एक और बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने कहा मैं सनातन धर्म को समझता हूं. मैं BJP, विश्व हिंदू परिषद और RSS को भी समझता हूं. मैं 80 साल का हूं. मेरी पार्टी ने मुझे पांच बार MLA चुना है, दो बार लोकसभा और दो बार राज्यसभा के लिए.

मैं अब पॉलिटिक्स में नहीं पड़ूंगा- दिग्विजय सिंह 

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि ‘सर, किसी और को ले आओ.’ अब मेरा काम धर्म की रक्षा करना है. मैं अब पॉलिटिक्स में नहीं पड़ूंगा, भाषण नहीं दूंगा, या पोस्ट नहीं करूंगा, बल्कि सिर्फ धर्म के लिए लड़ूंगा. मैं अपनी आखिरी सांस तक धर्म के लिए लड़ूंगा. वे दशहरे पर अयोध्या की तीर्थयात्रा पर निकलेंगे.

उन्होंने कहा कि वे राम मंदिर आंदोलन के दौरान गोली मारे गए लोगों को भी यात्रा में बुलाएंगे. इसी वजह से कारसेवक संतोष दुबे चीफ गेस्ट होंगे. उन्हें चार गोलियां लगी थीं. आज उनका बयान पढ़ें.

मैं भगवान राम का भक्त हूं- दिग्विजय सिंह 

दिग्विजय सिंह ने कहा मेरा परिवार भगवान राम का भक्त है. जब शिला पूजन के लिए रथ यात्रा निकाली गई थी, तो हमने भी उसमें दान दिया था. मैं कांग्रेस पार्टी का सदस्य हूं, लेकिन मैं भगवान राम का भक्त हूं. जब बाबरी मस्जिद गिराई गई थी, तब भी उन्होंने दान का हिसाब नहीं दिया. फिर नरसिम्हा राव ने राम मंदिर बनाने की कोशिश की. राजीव गांधी के समय में ताले खोले गए. यह खुशी की बात है कि गोरखनाथ मठ के प्रमुख आज मुख्यमंत्री हैं.

उन्होंने कहा कि गोरखनाथ मठ और निर्मोही अखाड़ा 100 साल से ज़्यादा समय से राम मंदिर के लिए लड़ रहे थे. आदित्यनाथ के गुरु हमारे साथ लोकसभा के सदस्य थे. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद, जब यह कहा गया कि मंदिर बनना चाहिए, तो निर्माण के लिए कौन ज़िम्मेदार था? क्या नृपेंद्र मिश्रा इसमें शामिल थे? 

चंपत राय से ज़्यादा भ्रष्ट कोई नहीं – दिग्विजय सिंह 

दिग्विजय सिंह ने कहा चंपत राय से ज़्यादा भ्रष्ट कोई नहीं है. रोज़ाना डोनेशन चोरी हो रहा था. उन्होंने 40 दिन में 71 बार पैसे निकाले. CCTV फुटेज रिकवर की जा सकती है. SIT उसे रिकवर क्यों नहीं कर रही है? इस केस में ED कहां है? मैं ED को लेटर लिखने की सोच रहा हूं. राम मंदिर डोनेशन चोरी में छोटी मछलियां पकड़ी गईं, लेकिन बड़े मगरमच्छ नहीं पकड़े गए. हम बहुत दुखी हैं.

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