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हर मंजिल से मिले लाश, दिल्ली में कैसे जिंदा जल गए 9 लोग? विवेक विहार की घटना जान फट जाएगा कलेजा

Delhi Vivek Vihar fire: बिल्डिंग में कुल आठ फ्लैट थे. हर मंज़िल पर दो फ्लैट थे. बाहर निकलने का एकमात्र रास्ता बीच की सीढ़ी और एक लिफ्ट थी, जो बिजली जाने की वजह से बंद हो गई. आग इतनी तेज़ी से फैली कि कुछ ही सेकंड में छह फ्लैटों को अपनी चपेट में ले लिया. कई फ्लैटों में लोहे की ग्रिल लगी हुई थीं, जिससे लोग बाहर नहीं निकल पाए. लोगों को बचाने के लिए फायरफाइटर्स को ग्रिल काटनी पड़ी.

By: Divyanshi Singh | Published: May 3, 2026 2:25:11 PM IST



Delhi Vivek Vihar fire: दिल्ली के विवेक विहार में लगी आग ने सबको चौंका दिया है. रविवार को चार मंज़िला बिल्डिंग में नौ लोगों की जलकर मौत हो गई, जबकि 12 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. मरने वालों में दो महिलाएं, एक बच्चा और छह पुरुष शामिल हैं.

कैसे लगी आग ?

स्थानीय लोगों ने सुबह करीब 3:47 बजे फायर डिपार्टमेंट को सूचना दी. चौदह फायर टेंडर और दिल्ली पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव का काम शुरू किया. शुरुआती जांच में पता चला कि आग दूसरी मंज़िल पर एक एयर कंडीशनर में शॉर्ट सर्किट से लगी, जो फिर फट गई और तेज़ी से पूरी बिल्डिंग में फैल गई.

बिल्डिंग में थे कुल आठ फ्लैट

बिल्डिंग में कुल आठ फ्लैट थे. हर मंज़िल पर दो फ्लैट थे. बाहर निकलने का एकमात्र रास्ता बीच की सीढ़ी और एक लिफ्ट थी, जो बिजली जाने की वजह से बंद हो गई. आग इतनी तेज़ी से फैली कि कुछ ही सेकंड में छह फ्लैटों को अपनी चपेट में ले लिया. कई फ्लैटों में लोहे की ग्रिल लगी हुई थीं, जिससे लोग बाहर नहीं निकल पाए. लोगों को बचाने के लिए फायरफाइटर्स को ग्रिल काटनी पड़ी.

अलग-अलग जगहों से मिली लाश

सबसे दुख की बात यह है कि बिल्डिंग का छत का दरवाज़ा बंद था, जिससे लोग अपनी जान बचाने के लिए ऊपर नहीं जा सके. आग से जली हुई कुल नौ लाशें अलग-अलग जगहों से मिलीं. एक लाश पहली मंज़िल पर, पांच दूसरी मंज़िल पर और तीन तीसरी मंज़िल की सीढ़ियों के पास मिलीं, जहाँ दरवाज़ा बंद था.

जांच शुरू

अरविंद जैन, उनकी पत्नी अनीता जैन और परिवार के दूसरे सदस्य निशांत जैन, अंचल जैन और आकाश जैन, जो दूसरी मंज़िल पर रहते थे, आग में मर गए. पहली मंज़िल पर रहने वाली शिखा जैन भी आग में मर गईं. नितिन जैन, उनकी पत्नी शैली जैन और बेटा सम्यक जैन, जो तीसरी मंज़िल पर रहते थे, उनकी भी दुखद मौत हो गई. अरविंद पेशे से फाइनेंसर थे, उनकी पत्नी हाउसवाइफ थीं, जबकि निशंक कंपनी सेक्रेटरी (CS) के तौर पर काम करते थे. बिल्डिंग में आग से सुरक्षा के उपाय किए गए थे या नहीं, यह अभी जांच का विषय है. प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

CM ने हादसे पर जताया दुख 

घटना पर दुख जताते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह हादसा बहुत दर्दनाक है और सरकार मृतकों के परिवारों के साथ खड़ी है. घायलों का इलाज चल रहा है और उन्हें हर मुमकिन मदद दी जा रही है.

केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ​​और दिल्ली BJP अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने भी घटनास्थल का दौरा किया, प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं. हर्ष मल्होत्रा ​​ने फायर ब्रिगेड और पुलिस की तुरंत कार्रवाई के लिए तारीफ़ करते हुए कहा कि उनकी मुस्तैदी से लगभग 20 लोगों की जान बच गई.

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