CJP Demands Gyanesh Kumar Resignation: मुंबई का शिवाजी पार्क 2 अक्टूबर 2026 को उस वक्त सियासी विरोध का बड़ा मंच बन गया, जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने चुनावी प्रक्रिया और वोटर लिस्ट में बदलाव को लेकर प्रदर्शन किया. CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में युवा और समर्थक पहुंचे. मंच से ‘गो ज्ञानू गो’ और ‘वोट चोर’ ‘गद्दी चोर’ जैसे नारे लगाए गए. प्रदर्शन में शबाना आजमी, नसीरुद्दीन शाह और विशाल ददलानी समेत मनोरंजन जगत के कई हस्तियां भी नजर आईं.
CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को प्रदर्शन का प्रमुख मुद्द बनाया. संगठन ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR के दौरान वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर नामों के ड्राफ्ट रोल से बाहर होने पर सवाल उठाए हैं. अभिजीत दिपके ने कहा कि अगर उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को दूसरे शहरों तक ले जाया जाएगा और दिल्ली में ‘जंतर-मतंर 2.0’ जैसा प्रदर्शन किया जाएगा.
13 करोड़ नाम हटने का क्या है दावा?
CJP और दूसरे आलोचकों का कहना है कि SIR के दौरान करीब 13 करोड़ नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं. यह मुद्दा पिछले कुछ समय से राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बना हुआ है. सितंबर में प्रकाशित ड्राफ्ट रोल के आंकड़ों के मुताबिक, SIR के तहत 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 13 करोड़ से ज्यादा नाम ड्राफ्ट रोल से बाहर हुए थे.
हालांकि, चुनाव आयोग ने इस दावे को अलग तरीके से साफ किया है. आयोग के मुताबिक करीब 13 करोड़ का आंकड़ा ड्राफ्ट स्टेज पर ऐसे मतदाताओं से जुड़ा है, जिन्हें अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लीकेट श्रेणी में चिह्नित किया गया था. इसे अंतिम मतदाता सूची से 13 करोड़ पात्र मतदाताओं को हटाने के तौर पर देखना सही नहीं है.
क्या है CJP की तीन प्रमुख मांगें?
प्रदर्शन के दौरान CJP ने SIR को लेकर कई मांगें रखीं. इनमें CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के अलावा SIR को रद्द करने और पुराने चुनावी रोल को बहाल करने की मांग शामिल है. संगठन ने चुनाव कानून में किए गए बदलावों को वापस लेने की भी मांग उठाई. दिपके ने कहा कि यहां आंदोलन मुंबई तक सीमित नहीं रहेगा. CJP ने गोवा, कोलकाता, पटना और बेंगलुरु समेत दूसरे शहरों में भी विरोध प्रदर्शन की बात कही है.
पुलिस ने दर्ज की FIR
प्रदर्शन को लेकर मुंबई पुलिस ने भी कार्रवाई की है. पुलिस के मुताबिक, शिवाजी पार्क में बिना अनुमति सभा, नारेबाजी, यातायात प्रभावित करने और बिना अनुमति लाउडस्पीकर इस्तेमाल करने के आरोप में CJP आयोजकों और करीब 400-500 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और अभी किसी गिरफ्तारी की सूचना नहीं है.