राजधानी दिल्ली में जल्द ही होने वाले मोस्ट पॉपुलर ब्रिक्स समिट (BRICS Summit) को लेकर शहर के लग्जरी होटलों में कमरों की भारी किल्लत शुरू हो गई है. हालात यह हैं कि दिल्ली के कई नामी-गिरामी और फाइव स्टार होटल या तो पूरी तरह सोल्ड आउट हो चुके हैं या फिर एक रात के कमरे का किराया बढ़कर एक लाख रुपये के पार पहुंच गया है. 11 से 13 सितंबर के बीच होने वाले इस दो दिवसीय बड़े जियोपॉलीटिकल इवेंट के लिए विदेशी डेलीगेट्स, वीवीआईपी मेहमानों और बिजनेस ट्रैवलर्स का तांता लगना शुरू हो गया है, जिसके चलते राजधानी के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में जबरदस्त बूम देखा जा रहा है. रेडिसन होटल ग्रुप के साउथ एशिया के एमडी निखिल शर्मा ने पीटीआई को बताया कि इस समिट की वजह से सितंबर के महीने में रूम टैरिफ पिछले साल के मुकाबले 25 फीसदी तक ज्यादा चल रहे हैं. आइए जानते हैं कि इस वीवीआईपी इवेंट की वजह से दिल्ली के होटल बाजार में क्या स्थिति बनी हुई है और आम यात्रियों को इससे किस तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.
अचानक क्यों हुई इतनी बड़ी हलचल?
न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, राजधानी दिल्ली में ब्रिक्स समिट के आयोजन और उसमें शामिल होने वाले विदेशी मेहमानों, राजनयिकों और डेलिगेट्स के आगमन के कारण होटल इंडस्ट्री में अचानक भूचाल आ गया है. यह समिट सितंबर के दूसरे हफ्ते में होनी है, लेकिन मेहमानों के समय से पहले आने और अपने स्टे को बढ़ाने के कारण केंद्रीय दिल्ली (Central Delhi) के होटलों में रूम की डिमांड हद से ज्यादा बढ़ गई है, जिससे अचानक यह भारी हलचल देखने को मिली है.
किन होटलों में है ज्यादा डिमांड?
डिमांड का सबसे ज्यादा असर दिल्ली के टॉप लग्जरी और फाइव-स्टार होटलों पर पड़ा है. बुकिंग प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक, ताज महल (Taj Mahal), ताज पैलेस (Taj Palace), द ओबेरॉय (The Oberoi) और द लीला पैलेस (The Leela Palace) जैसे मारकी होटलों में प्रमुख तिथियों के लिए या तो कमरे पूरी तरह फुल हैं या फिर बुकिंग स्वीकार ही नहीं की जा रही है. इसके अलावा आईटीसी मौर्या (ITC Maurya) और शांगरी-ला (Shangri-La Eros) जैसे होटलों में भी कमरों की उपलब्धता न के बराबर बची है.
कमरों के किराए और कितने बढ़े?
विदेशी मेहमानों के प्रेशर और लिमिटेड इन्वेंट्री के कारण होटलों के किराए आसमान छूने लगे हैं. जिन लग्जरी होटलों में कमरे बचे भी हैं, वहां एक रात का किराया बढ़कर सीधे छह अंकों यानी एक लाख रुपये के पार निकल गया है. इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के अनुसार, सितंबर महीने में ओवरऑल एवरेज रूम रेट्स (ADR) पिछले साल की तुलना में 25 प्रतिशत से अधिक ऊंचे चल रहे हैं, जिससे यह लग्जरी सेगमेंट के लिए एक बड़ा बूम साबित हो रहा है.
कब तक नहीं मिल पाएगी बुकिंग?
ब्रिक्स समिट का मेन इवेंट 12 और 13 सितंबर के आसपास के हैं, लेकिन इसका असर 11 सितंबर से लेकर 13 सितंबर तक साफ तौर पर देखा जा रहा है. इन चुनिंदा तारीखों के लिए राजधानी के ज्यादातर प्रमुख लक्जरी होटलों के दरवाजे आम या नए बुकिंग्स के लिए पूरी तरह बंद हो चुके हैं और कई होटलों ने नो-अवेलेबिलिटी (No Availability) का बोर्ड लगा दिया है.
क्या-क्या समस्याएं हो सकती हैं?
होटलों के महंगे होने और सोल्ड आउट होने से शहर में आने वाले पर्यटकों, बिजनेस ट्रिप पर आए लोगों और पहले से प्लान बनाकर घूमने आने वाले परिवारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. उन्हें या तो महंगे दामों पर रूम बुक करने होंगे, शहर के सेंटर से दूर होटल तलाशने होंगे, अपनी यात्रा की तारीखें बदलनी होंगी या फिर मजबूरन किसी कम बजट वाले विकल्प की तरफ रुख करना पड़ेगा.