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क्या आपका भी है Bank of Baroda में अकाउंट? 1TB डेटा लीक के दावे के बाद जानें कितना है खतरा

Bank of Baroda data leak: बैंक ऑफ बड़ौदा के करीब 1TB डेटा के इंटरनेट और डार्क वेब पर लीक होने का दावा किया गया है. कथित तौर पर ग्राहकों की निजी और बैंकिंग जानकारी लीक होने की बात कही जा रही है, लेकिन बैंक ने अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. विशेषज्ञों ने ग्राहकों को फिशिंग और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है.

By: Ranjana Sharma | Published: July 27, 2026 3:16:46 PM IST



Bank of Baroda data leak: देश के प्रमुख सरकारी बैंकों में शामिल बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) से जुड़े एक कथित बड़े डेटा लीक की खबर सामने आई है. दावा किया जा रहा है कि बैंक का करीब 1TB डेटा इंटरनेट और डार्क वेब पर लीक कर दिया गया है. हालांकि, बैंक ने अब तक इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि कथित तौर पर लीक किया गया डेटा असली है या नहीं. इस बीच साइबर सुरक्षा को लेकर ग्राहकों की चिंता बढ़ गई है.

1TB डेटा लीक होने का दावा

रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक थ्रेट एक्टर ने दावा किया है कि उसने बैंक ऑफ बड़ौदा के सिस्टम में सेंध लगाकर करीब 1TB डेटा हासिल किया है और उसे इंटरनेट व डार्क वेब पर उपलब्ध कराया है. दावे के अनुसार, कथित हैकर ने डेटा के कुछ सैंपल और डाउनलोड लिंक भी साझा किए हैं. हालांकि, अभी तक किसी स्वतंत्र एजेंसी ने इन दावों की पुष्टि नहीं की है.

कौन-कौन सी जानकारी लीक होने का दावा?

रिपोर्ट्स के अनुसार, कथित तौर पर लीक किए गए डेटा में ग्राहकों और बैंक से जुड़ी कई संवेदनशील जानकारियां शामिल होने का दावा किया गया है. इनमें-

  • ग्राहकों के नाम
  • मोबाइल नंबर
  • ईमेल आईडी
  • आधार नंबर
  • बैंक अकाउंट से जुड़ी जानकारी
  • नेट बैंकिंग रिकॉर्ड
  • लोन संबंधी दस्तावेज
  • कॉरपोरेट बैंकिंग डेटा
  • कुछ इंटरनल फाइलें

हालांकि, इन जानकारियों की प्रामाणिकता की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.

सोशल मीडिया पर बढ़ी हलचल

डेटा लीक के दावे के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी इस मामले की चर्चा तेज हो गई है. श्रीकांत नाम के एक यूजर, जो खुद को हैकर बताते हैं, ने कथित डेटा लीक का स्क्रीनशॉट साझा किया और RBI समेत कई अधिकारियों को टैग करते हुए दावा किया कि उन्हें बैंक ऑफ बड़ौदा का डेटा डंप मिला है. हालांकि, सोशल मीडिया पर किए गए दावों को आधिकारिक पुष्टि नहीं माना जा सकता.

क्या ग्राहकों का पैसा खतरे में है?

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, केवल डेटा लीक होने का मतलब यह नहीं होता कि बैंक खाते से अपने आप पैसे निकल जाएंगे. लेकिन यदि किसी साइबर अपराधी के हाथ ग्राहकों की निजी जानकारी लग जाती है, तो वह फिशिंग, फर्जी KYC अपडेट, बैंक अधिकारी बनकर कॉल, नकली वेबसाइट या लिंक भेजकर OTP, UPI PIN, पासवर्ड या नेट बैंकिंग की जानकारी हासिल करने की कोशिश कर सकता है. यानी इस तरह की घटनाओं में सीधे पैसे से ज्यादा पहचान और बैंकिंग जानकारी का दुरुपयोग होने का खतरा बढ़ जाता है.

बैंक की ओर से अभी तक नहीं आई आधिकारिक पुष्टि

अब तक बैंक ऑफ बड़ौदा ने इस कथित डेटा लीक को लेकर कोई आधिकारिक बयान या प्रेस रिलीज जारी नहीं की है. बैंक की वेबसाइट, मीडिया सेक्शन और आधिकारिक घोषणाओं में भी इस घटना की पुष्टि नहीं की गई है. ऐसे में फिलहाल इस पूरे मामले को केवल दावा माना जा रहा है, जिसकी जांच और पुष्टि होना बाकी है.

ग्राहक क्या सावधानी बरतें?

यदि आपका बैंक ऑफ बड़ौदा में खाता है, तो घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन अतिरिक्त सतर्कता जरूर बरतें.

  • किसी भी अनजान कॉल पर OTP, UPI PIN, पासवर्ड या बैंकिंग जानकारी साझा न करें.
  • किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें.
  • नेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग का पासवर्ड समय-समय पर बदलें.
  • टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) चालू रखें.
  • बैंक खाते की ट्रांजैक्शन हिस्ट्री नियमित रूप से जांचते रहें.
  • कोई संदिग्ध लेनदेन दिखे तो तुरंत बैंक और साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं.

जांच के बाद ही सामने आएगी पूरी सच्चाई

फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 1TB डेटा लीक का दावा किया गया है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. आने वाले दिनों में बैंक, साइबर सुरक्षा एजेंसियों या सरकारी जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दावा कितना सही है और वास्तव में कितने ग्राहकों का डेटा प्रभावित हुआ है.

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