Ayushman Bharat: आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) भारत सरकार की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है, जो पात्र परिवारों को प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का मुफ्त और कैशलेस इलाज प्रदान करती है. इस योजना की वजह से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को गंभीर बीमारियों में बेहतरीन इलाज मिल जाता है, लेकिन अब इस योजना का लाभ लेने वाले लाभार्थियों के सामने एक बड़ी समस्या आ सकती है.
दरअसल, स्वास्थ्य विभाग से संबंधित निजी अस्पतालों को आयुष्मान भारत योजना के तहत सेवा देने के लिए ‘नेशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड ऑफ हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स’ का सर्टिफिकेट हासिल करना होगा. यह सर्टिफिकेट निजी अस्पतालों के लिए अनिवार्य है, जो आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों का इलाज करते हैं.
सर्टिफिकेट नहीं लेने पर अस्पतालों की संबद्धता हो जाएगी समाप्त
नए नियम के अनुसार जो निजी अस्पताल सर्टिफिकेशन नहीं हासिल करेंगे उनकी संबद्धता समाप्त हो जाएगी. इस कार्यवाही का सीधा असर कहीं न कहीं मरीजों पर भी पड़ेगा. इस आदेश के आने के बाद निजी अस्पताल के संचालकों का कहना है कि इसकी मान्यता लेने में 6 महीने का समय लगता है. वहीं ‘स्टेट एजेंसी फॉर कंप्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज’ ने अस्पतालों को 3 महीने का ही समय दिया है.
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के बारे में
आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजाए) भारत सरकार की एक क्रांतिकारी स्वास्थ्य बीमा पहल है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को वित्तीय सुरक्षा और सुलभ स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करना है. यह योजना 10 करोड़ से अधिक परिवारों को कवर करती है और प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का अस्पताल में भर्ती कवरेज प्रदान करती है, जिससे देशभर में 7,000 से अधिक संबद्ध अस्पतालों में कैशलेस इलाज सुनिश्चित होता है. यह योजना द्वितीयक और तृतीयक अस्पताल में भर्ती खर्चों को कवर करती है. इस योजना के लाभार्थियों की पहचान सामाजिक-आर्थिक जाति गणना (SECC) डेटाबेस के माध्यम से की जाती है.