Home > देश > किसानों से लेकर टैक्नोलॉजी तक, कैबिनेट ने लिए ₹ 1.52 लाख करोड़ के 10 बड़े फैसले

किसानों से लेकर टैक्नोलॉजी तक, कैबिनेट ने लिए ₹ 1.52 लाख करोड़ के 10 बड़े फैसले

Ashwini Vaishnaw Cabinet Briefing: केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को हुई कैबिनेट ब्रीफिंग की जानकारी देते हुए मीटिंग में हुए  ₹ 1.52 लाख करोड़ के 10 बड़े फैसलों के बारे में बताया है. जिसमें किसानों, टेक्नोलॉजी, 'मेक इन इंडिया' पहल और न्यायपालिका से जुड़े अहम कदम उठाए हैं.

By: Shristi S | Published: May 5, 2026 10:01:28 PM IST



Union Cabinet Meeting 2026: कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान मंगलवार को केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि कैबिनेट ने किसानों, टेक्नोलॉजी, ‘मेक इन इंडिया’ पहल और न्यायपालिका से जुड़े अहम कदम उठाए हैं. आज लिए गए दस मुख्य फैसलों में से, जिनका कुल मूल्य लगभग ₹1,52,000 करोड़ है, एक बड़ा कदम किसानों के लिए है. इसका मकसद कपास की पैदावार बढ़ाना और ‘कपास क्रांति’ लाना है.

सरकार ने गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य बढ़ाया

सरकार ने गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य (FRP) ₹10 बढ़ा दिया है, जिससे 2026-27 सीज़न के लिए यह ₹365 प्रति क्विंटल हो गया है. यह सीज़न अक्टूबर में शुरू होने वाला है. अश्विनी वैष्णव ने बताया कि 10.25 प्रतिशत की मूल रिकवरी दर के लिए FRP ₹365 प्रति क्विंटल तय किया गया है. 10.25 प्रतिशत की मूल सीमा से ऊपर रिकवरी में हर 0.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी पर, FRP में ₹3.56 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी होगी. यह व्यवस्था ज़्यादा रिकवरी दरों को बढ़ावा देने का काम करती है. मंत्री ने बताया कि इस कदम के परिणामस्वरूप, किसानों को ₹1 लाख करोड़ से ज़्यादा मिलने की उम्मीद है.

कैबिनेट ने कपास उत्पादन बढ़ाने के लिए मंज़ूरी दी

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि कैबिनेट ने आज देश भर के 32 लाख कपास उगाने वाले किसानों के लिए एक क्रांतिकारी पहल को मंज़ूरी दी है. इस पहल को ‘कपास क्रांति’ नाम दिया गया है. हालांकि भारत पहले से ही दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कपास उत्पादक है, जिसका सालाना उत्पादन 29.7 मिलियन गांठ है, लेकिन 2030-31 तक घरेलू मांग 45 मिलियन गांठ तक पहुंचने का अनुमान है. इस बढ़ती मांग को पूरा करने और आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए, कैबिनेट ने ₹5,669 करोड़ की एक परियोजना को मंज़ूरी दी है. इसका मुख्य ज़ोर रिसर्च, उत्पादन तकनीकों में सुधार और किसानों को आधुनिक, अगली पीढ़ी की फाइबर किस्मों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने पर है.

गुजरात के वाडिनार में बनेगा अत्याधुनिक जहाज़ मरम्मत केंद्र

केंद्र सरकार ने गुजरात के वाडिनार में ₹1,570 करोड़ के निवेश से एक अत्याधुनिक जहाज़ मरम्मत केंद्र बनाने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी. इस प्रोजेक्ट को दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी और कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड मिलकर लागू करेंगे. यह प्रोजेक्ट ‘ब्राउनफ़ील्ड मॉडल’ के तहत विकसित किया जाएगा, जिसमें 650 मीटर लंबा जेट्टी, दो बड़े फ़्लोटिंग ड्राई डॉक्स, वर्कशॉप और अन्य समुद्री बुनियादी ढांचे शामिल होंगे. वाडिनार को बड़े कमर्शियल और विदेशी जहाज़ों की मरम्मत के लिए विशेष रूप से उपयुक्त माना जाता है, क्योंकि यहाँ प्राकृतिक रूप से गहरा पानी है, यह प्रमुख शिपिंग मार्गों से जुड़ा हुआ है, और मुंद्रा व कांडला जैसे अहम बंदरगाहों के नज़दीक स्थित है.

दो नई सेमीकंडक्टर यूनिट्स को मंज़ूरी मिली

केंद्र सरकार ने दो और सेमीकंडक्टर मैन्युफ़ैक्चरिंग यूनिट्स को मंज़ूरी दे दी. इन प्रोजेक्ट्स में ₹3,936 करोड़ से ज़्यादा का निवेश किया जाएगा. अश्विनी वैष्णव ने बताया कि इन प्रोजेक्ट्स को ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन’ (ISM) के तहत मंज़ूरी दी गई है. इनमें देश की पहली कमर्शियल मिनी/माइक्रो-LED डिस्प्ले यूनिट, जो गैलियम नाइट्राइड टेक्नोलॉजी पर आधारित है और एक सेमीकंडक्टर पैकेजिंग यूनिट शामिल हैं. ये यूनिट्स गुजरात में कुल ₹3,936 करोड़ के निवेश से स्थापित की जाएंगी और इनसे लगभग 2,230 कुशल पेशेवरों के लिए रोज़गार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है.

सुप्रीम कोर्ट के जजों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव मंज़ूर

केंद्रीय कैबिनेट ने सुप्रीम कोर्ट के जजों, जिनमें मुख्य न्यायाधीश भी शामिल हैं की संख्या 34 से बढ़ाकर 38 करने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी है. यह जानकारी केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी.

Advertisement