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तीसरे बच्चे पर 30, चौथे पर 40 हजार… इस राज्य के सीएम क्यों कर रहे हैं आबादी बढ़ाने की बात?

Andhra Pradesh Population Scheme: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शनिवार को श्रीकाकुलम ज़िले के नरसन्नपेटा में एक जनसभा को संबोधित किया. इस दौरान सीएम ने राज्य की घटती आबादी को बढ़ाने के मकसद से एक प्रोत्साहन योजना की घोषणा की है.

By: Shristi S | Last Updated: May 16, 2026 8:11:32 PM IST



Chandrababu Naidu Population Policy: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने शनिवार को श्रीकाकुलम ज़िले के नरसन्नपेटा में एक जनसभा को संबोधित किया. इस दौरान सीएम ने राज्य की घटती आबादी को बढ़ाने के मकसद से एक प्रोत्साहन योजना की घोषणा की है. इस योजना के तहत, तीसरे या चौथे बच्चे के जन्म पर आर्थिक मदद दी जाएगी.

नायडू ने कहा कि सरकार ने इस फ़ैसले को अंतिम रूप दे दिया है. नायडू ने घोषणा की कि यह योजना शनिवार से लागू हो जाएगी. इस पहल के तहत, सरकार तीसरे बच्चे के जन्म पर ₹30,000 और चौथे बच्चे के जन्म पर ₹40,000 का आर्थिक प्रोत्साहन देगी. यह घोषणा राज्य में घटती आबादी के रुझान को पलटने की कोशिशों के तहत की गई है.

सीएम चंद्रबाबू नायडू ने क्या कहा?

श्रीकाकुलम ज़िले के नरसन्नपेटा में जनसभा को संबोधित करते हुए, नायडू ने दोहराया कि सरकार ने यह फ़ैसला ले लिया है और इस योजना के बारे में और जानकारी एक महीने के अंदर जारी कर दी जाएगी.

नायडू ने कहा, “मैंने एक नया फ़ैसला लिया है. हम तीसरे बच्चे के जन्म के तुरंत बाद ₹30,000 और चौथे बच्चे के लिए ₹40,000 देंगे. क्या यह सही फ़ैसला नहीं है? नायडू ने ये बातें ‘स्वर्ण आंध्र–स्वच्छ आंध्र’ स्वच्छता कार्यक्रम के दौरान कहीं. मुख्यमंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि अब समय आ गया है कि समाज जन्म दर बढ़ाने के लिए मिलकर काम करे. नायडू की यह ताज़ा घोषणा, दूसरे बच्चे के जन्म पर ₹25,000 का प्रोत्साहन देने के पहले के प्रस्ताव के बाद आई है.

बच्चे संपत्ति हैं, बोझ नहीं: नायडू

इससे पहले, 5 मार्च को मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने विधानसभा को बताया था कि राज्य सरकार दूसरे बच्चे वाले जोड़ों को ₹25,000 का प्रोत्साहन देने पर विचार कर रही है. नायडू के अनुसार, बदलते सामाजिक-आर्थिक रुझान परिवारों के आकार को प्रभावित कर रहे हैं. जैसे-जैसे आय का स्तर बढ़ रहा है, कुछ जोड़े सिर्फ़ एक बच्चा पैदा करने का विकल्प चुन रहे हैं, जबकि दूसरे जोड़े दूसरा बच्चा तभी पैदा करते हैं जब उनका पहला बच्चा लड़का न हो.

उन्होंने कहा कि इस रुझान से आबादी की बढ़ोतरी में कमी आ रही है और उन्होंने 2.1 के ‘रिप्लेसमेंट-लेवल’ कुल प्रजनन दर (TFR) को बनाए रखने की जरूरत पर ज़ोर दिया. नायडू ने समझाया कि किसी भी आबादी में स्थिरता तब बनी रहती है, जब औसत प्रजनन दर प्रति महिला 2.1 बच्चे हो. उन्होंने आगाह किया कि कई देशों में, घटती और बूढ़ी होती आबादी का आर्थिक विकास पर बुरा असर पड़ा है. बच्चों को बोझ मानने की धारणा को खारिज करते हुए, नायडू ने ज़ोर देकर कहा कि वे असल में एक संपत्ति हैं, और घोषणा की कि वे इस बात को सच साबित करके दिखाएंगे.

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