US New Tariff: अमेरिकी एजेंसी ने इसे अमेरिकी व्यापार और उद्योग के लिए नुकसानदायक बताते हुए अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव दिया है . यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए लगातार बातचीत चल रही है. ऐसे समय में भारत में अमेरिका द्वारा टैरिफ लगाए जाने की बात कहीं न कहीं देश की अर्थव्यवस्था के लिए ठीक नहीं है.
टैरिफ लगाने की बात के पीछे अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) का कहना है कि इन देशों से आने वाले कुछ सामान जबरन मजदूरी यानि Forced Labor से बनाए गए हो सकते हैं. ट्रंप सरकार द्वारा टैरिफ को लगाकर सभी देशों को एक तगड़ा झटका देने की तैयारी है.
किन देशों पर लगाया जाएगा टैरिफ?
जानकारी के मुताबिक ताइवान, यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन), कनाडा, मेक्सिको और कुछ अन्य देशों पर 10% एक्सट्रा टैरिफ लगाया जाएगा. इन सभी देशों पर तो 10 फीसदी है, लेकिन कुछ देशों पर इससे भी ज्यादा का टैरिफ लगाए जाने की बात कही जा रही है. मिली जानकारी के मुताबिक भारत, दक्षिण कोरिया, ब्राजील और स्विट्जरलैंड, जापान और चीन समेत अन्य देशों पर 12.5% अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाएगा. यह जानकारी आज यानि 3 जून की सुबह अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (यूएस ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव के ऑफिस) की ओर से जारी की गई है.
7 जुलाई को होगी सार्वजनिक सुनवाई
भारत समेत 60 देशों पर टैरिफ लगाए जाने को लेकर एस ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव के ऑफिस (USTR) ने प्रस्तावित उपायों पर 6 जुलाई तक लिखित टिप्पणियां आमंत्रित की हैं. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इसके बाद 7 जुलाई को इसपर सार्वजनिक सुनवाई आयोजित किए जाने की बात कही जा रही है. इसके बाद निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.