Home > देश > फ्लाइट में पानी देते समय एयर होस्टेस क्यों छिपाती हैं गिलास? वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

फ्लाइट में पानी देते समय एयर होस्टेस क्यों छिपाती हैं गिलास? वजह जानकर रह जाएंगे हैरान

Flight Water Service: फ्लाइट में एयर होस्टेस द्वारा पानी का गिलास छिपाकर ले जाने के पीछे कोई आधिकारिक नियम नहीं, बल्कि यात्रियों के व्यवहार से जुड़ा व्यावहारिक कारण है. 14 साल की अनुभवी फ्लाइट अटेंडेंट बारबरा बैसिलिएरी के मुताबिक, जैसे ही दूसरे यात्रियों की नजर पानी के गिलास पर पड़ती है, कई लोग एक साथ पानी मांगने लगते हैं, जिससे फूड और बेवरेज सर्विस प्रभावित हो सकती है.

By: Ranjana Sharma | Published: August 2, 2026 5:50:31 PM IST



Flight Water Service: अगर आपने कभी फ्लाइट में सफर किया है, तो शायद एक बात जरूर नोटिस की होगी. कई बार एयर होस्टेस किसी यात्री को पानी देते समय गिलास इस तरह लेकर चलती हैं कि दूसरे यात्रियों की नजर उस पर न पड़े. पहली नजर में यह सामान्य व्यवहार नहीं लगता, लेकिन इसके पीछे एक व्यावहारिक वजह छिपी है. 14 साल से फ्लाइट अटेंडेंट के तौर पर काम कर रहीं बारबरा बैसिलिएरी ने इस आदत के पीछे का कारण बताया है, जो सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में है.

एयर होस्टेस क्यों छिपाकर ले जाती हैं पानी का गिलास?

फ्लाइट में यात्रा के दौरान केबिन क्रू यात्रियों की सुविधा का पूरा ध्यान रखता है. लेकिन कई बार आपने देखा होगा कि एयर होस्टेस किसी यात्री के लिए पानी लेकर जाते समय गिलास को इस तरह पकड़ती हैं कि दूसरे लोगों की नजर उस पर न पड़े. इसके पीछे कोई सुरक्षा नियम नहीं, बल्कि यात्रियों के व्यवहार से जुड़ी एक व्यावहारिक वजह है.

फ्लाइट अटेंडेंट ने खोला राज

अर्जेंटीना में जन्मीं और वर्तमान में स्पेन में रहने वाली फ्लाइट अटेंडेंट बारबरा बैसिलिएरी ने इस बारे में सोशल मीडिया पर जानकारी साझा की. टिकटॉक और यूट्यूब पर ‘बार्बी बैक’ नाम से लोकप्रिय बारबरा ने बताया कि जब कोई यात्री पानी मांगता है, तो कई बार केबिन क्रू इस बात का ध्यान रखता है कि बाकी यात्रियों की नजर उस गिलास पर न पड़े.

मजाक में कही बड़ी बात

बारबरा ने मजाकिया अंदाज में कहा, “Water is contagious”, यानी “पानी भी संक्रामक होता है.” उनका आशय यह था कि जैसे ही दूसरे यात्रियों की नजर किसी के हाथ में पानी के गिलास पर पड़ती है, वैसे ही कई लोग खुद भी पानी मांगने लगते हैं. इसके बाद एक के बाद एक यात्रियों की मांग शुरू हो जाती है और कुछ ही मिनटों में केबिन क्रू को बड़ी संख्या में पानी परोसना पड़ता है.

लंबी उड़ानों में बढ़ जाती है चुनौती

बारबरा के मुताबिक, लंबी दूरी की उड़ानों में यह स्थिति ज्यादा देखने को मिलती है. अगर एक साथ कई यात्री पानी मांगने लगें, तो फूड और बेवरेज सर्विस का पूरा क्रम प्रभावित हो सकता है. इसी कारण कई अनुभवी फ्लाइट अटेंडेंट पानी का गिलास थोड़ा छिपाकर ले जाना बेहतर समझते हैं, ताकि सेवा व्यवस्थित तरीके से चलती रहे और सभी यात्रियों तक समय पर भोजन व पेय पहुंच सके.

क्या यह एयरलाइन का आधिकारिक नियम है?

बारबरा ने साफ किया कि यह किसी भी एयरलाइन की आधिकारिक नीति या लिखित नियम नहीं है. यह केवल एक व्यावहारिक तरीका है, जिसे कई केबिन क्रू सदस्य अपने अनुभव के आधार पर अपनाते हैं.इसका मकसद सिर्फ इतना होता है कि सेवा का संतुलन बना रहे और किसी एक समय पर अचानक बहुत ज्यादा मांग न बढ़ जाए.

यात्रियों को भी दी खास सलाह

बारबरा ने यात्रियों को सलाह दी कि यदि फ्लाइट में मुफ्त पानी उपलब्ध है और आपको पानी चाहिए, तो बार-बार कॉल बटन दबाने के बजाय जब अवसर मिले, शांति से गैली (Galley) तक जाकर केबिन क्रू से पानी मांग सकते हैं. इससे केबिन क्रू पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ता और यात्रियों को भी आसानी से पानी मिल जाता है.

सीट चुनने को लेकर भी दी अहम टिप

बारबरा ने बजट एयरलाइन रयानएयर (Ryanair) समेत कई विमानों में सीट चुनने को लेकर भी सुझाव दिया. उन्होंने विमान की सबसे पीछे वाली सीटों से बचने की सलाह दी. उनके अनुसार पीछे की सीटों के पास शौचालय और गैली होने के कारण लगातार लोगों की आवाजाही, बातचीत, शोर और कई बार बदबू की समस्या बनी रहती है. इसके अलावा कई विमानों में आखिरी सीटें पूरी तरह पीछे नहीं झुकतीं, जिससे लंबी यात्रा के दौरान असुविधा हो सकती है.

यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने की कोशिश

फ्लाइट अटेंडेंट का काम केवल भोजन और पेय परोसना नहीं होता, बल्कि सीमित समय और संसाधनों में सभी यात्रियों को बेहतर सेवा देना भी होता है. ऐसे में कई बार केबिन क्रू अपने अनुभव के आधार पर कुछ व्यावहारिक तरीके अपनाते हैं, ताकि पूरी उड़ान के दौरान सेवा सुचारु रूप से चलती रहे.

Advertisement