West Bengal Weather Update 04 May 2026: चक्रवाती संचरण (Cyclonic Circulation) के चलते पिछले कई दिनों से पश्चिम बंगाल में मौसम का मिजाज बदला हुआ है. मौसम का यह बदलाव आगामी 24-36 घंटों के दौरान भी रहेगा. पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के तहत सोमवार (04 मई, 2026) को 293 सीटों पर मतगणना होगी. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के ताजा अलर्ट के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में सोमवार को तेज आंधी के साथ बारिश का अलर्ट है. तेज बारिश और आंधी आने के चलते IMD की ओर से सोमवार (4 मई, 2026) को मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है. स्थानीय प्रशासन के पास भी अलर्ट पहुंच गया है.
कोलकाता समेत कई जिलों में खराब रहेगा मौसम
IMD के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में मौसम करवट ले चुका है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार को राजधानी कोलकाता समेत कई जिलों में तेज आंधी, बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, 1 मई से 4 मई 2026 तक दक्षिण और उत्तर बंगाल के कई हिस्सों में व्यापक बारिश और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है।
दक्षिण बंगाल में 60km की रफ्तार से चलेगी हवा
मौसम विभाग के अनुसार, दक्षिण बंगाल के बीरभूम के अलावा मुर्शिदाबाद, नदिया, पूर्व और पश्चिम मिदनापुर में बारिश के साथ तेज हवाएं चलेंगी. वहीं, उत्तर और दक्षिण 24 परगना समेत कई जिलों में भी 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं. IMD के वैज्ञानिकों के मुताबिक, सोमवार (4 मई, 2026) को लगभग दक्षिण बंगाल के करीब-करीब सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. इस दौरान तेज हवाएं भी चल सकती हैं.
कहां होगी भारी बारिश?
उत्तर बंगाल के कूचबिहार, दार्जिलिंग, कालिम्पोंग, जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार जिलों में भारी बारिश की चेतावनी IMD की ओर से जारी की गई है. भारी बारिश के चलते जलभराव की दिक्कत आ सकती है. कुछ इलाकों में 7 से 20 सेंटीमीटर तक बारिश होने की संभावना जताई गई है. इसके अलावा पश्चिम बंगाल के पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का भी खतरा जताया गया है. अगर ऐसा हुआ तो यातायात प्रभावित हो सकता है.
मछुआरों के साथ आम लोगों के लिए भी अलर्ट जारी
मौसम विभाग की ओर से खराब मौसम के चलते पश्चिम बंगाल और उत्तर ओडिशा तट के मछुआरों को सोमवार (4 मई, 2026) समुद्र के अंदर या फिर बहुत किनारे नहीं जाने की सलाह दी गई है, क्योंकि इस दौरान 40 से लेकर 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. खराब मौसम और आंधी-तूफान के चलते बिजली के खंभों के अलावा पेड़ भी गिर सकते हैं. ऐसे में खुले मैदान, जलाशयों और असुरक्षित स्थानों से दूर रहें.