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National Teachers’ Award 2026: कौन हैं हिमाचल का नाम रोशन करने वाली ‘मंजरी वी. महाजन’ जिन्होंने शिक्षा के साथ-साथ पर्यावरण में भी गाड़े झंडे!

मंजरी वी. महाजन  की बड़ी उपलब्धि के बाद पूरे हिमाचल प्रदेश और शिक्षा जगत में जश्न का माहौल है और हर कोई उनकी इस शानदार सफलता पर गर्व महसूस कर रहा है. आइए जानते हैं उनकी इस प्रेरणादायक सफर और उपलब्धियों के बारे में विस्तार से.

By: Kajal Jain | Published: August 23, 2026 10:53:51 AM IST



शिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश के लिए एक बेहद गर्व और खुशी का पल सामने आया है. हमीरपुर जिले के सुजानपुर टिल्ला स्थित पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की प्रिंसिपल मंजरी वी. महाजन (Manjari V. Mahajan) को प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026’ के लिए चुना गया है. इस साल पूरे देश से कुल 48 शिक्षकों को इस राष्ट्रीय सम्मान के लिए चुना गया है, और सबसे खास बात यह है कि मंजरी महाजन इस सम्मान को पाने वाली हिमाचल प्रदेश की इकलौती टीचर/प्रिंसिपल हैं. देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 5 सितंबर, 2026 को टीचर्स डे के खास मौके पर नई दिल्ली में एक भव्य समारोह में उन्हें इस राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित करेंगी. जब से उनके चयन की खबर सामने आई है, तब से पूरे स्कूल परिवार, उनके चाहने वालों और पूरे हिमाचल प्रदेश में जश्न का माहौल है. शिक्षा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और बेहतरीन स्कूल लीडरशिप के क्षेत्र में उन्होंने जो मिसाल पेश की है, वह वाकई हर शिक्षक के लिए प्रेरणादायक है. आइए जानते हैं उनकी इस शानदार जर्नी और उपलब्धियों के बारे में विस्तार से.

कौन हैं मंजरी वी. महाजन और कैसा रहा उनका सफर?

मंजरी वी. महाजन वर्तमान में हमीरपुर जिले के सुजानपुर टिल्ला स्थित पीएम श्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (CBSE) में प्रिंसिपल के पद पर सेवाएं दे रही हैं. इससे पहले वे राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय भलेठ में भी प्रिंसिपल रह चुकी हैं. अपनी इस सफलता का श्रेय वे पूरी तरह से स्कूल कम्युनिटी, माता-पिता, स्टूडेंट्स, एसएमसी सदस्यों और पंचायत प्रतिनिधियों को देती हैं. उनका मानना है कि यह सम्मान अकेले उनका नहीं, बल्कि उन सभी लोगों का है जिन्होंने उनके हर कदम पर साथ दिया. उनका साफ कहना है कि टीचिंग को सिर्फ एक प्रोफेशन या नौकरी की तरह नहीं देखना चाहिए, बल्कि बच्चों का मार्गदर्शन करने, उन्हें कॉन्फिडेंट बनाने और उनमें अच्छे मॉरल वैल्यूज डालने की जिम्मेदारी एक शिक्षक की सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए.

पर्यावरण संरक्षण और इनोवेशन में गाड़े झंडे

मंजरी महाजन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ पर्यावरण बचाने की मुहिम में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है. भलेठ स्कूल में अपने पिछले कार्यकाल के दौरान उनके नेतृत्व में स्कूल ने पर्यावरण के क्षेत्र में कमाल का काम किया था. उनके इन्हीं प्रयासों के चलते स्कूल को साल 2025 में प्रतिष्ठित ‘वेस्ट वॉरियर अवॉर्ड’ (Waste Warrior Award) और साल 2026 में ‘एनवायरनमेंट लीडरशिप अवॉर्ड’ (Environment Leadership Award) से नवाजा गया था. इसके अलावा, उन्होंने इनोवेटिव टीचिंग तरीकों के जरिए राष्ट्रीय स्तर पर NIEPA (National Institute of Educational Planning and Administration) में भी हिमाचल प्रदेश का शानदार प्रतिनिधित्व किया है.

भव्य सम्मान और परिवार का साथ

इस राष्ट्रीय चयन की घोषणा के बाद से ही उन्हें बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है. हाल ही में प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय में उन्हें सम्मानित किया गया, जहां डिप्टी डायरेक्टर कमल किशोर भारती ने उन्हें इस उपलब्धि के लिए बेहद खुशी के साथ बधाई दी. इस दौरान उनके पति डॉ. विक्रम महाजन (जो कि हमीरपुर में हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग के सचिव हैं), ग्रेड-वन अधिकारी कश्मीर सिंह और जिला विज्ञान पर्यवेक्षक राजेश गौतम भी मौजूद रहे. मंजरी जी की यह सफलता साबित करती है कि अगर लगन और ईमानदारी से काम किया जाए, तो वह न सिर्फ बच्चों का भविष्य सुधारती है बल्कि पूरे राज्य और देश का नाम रोशन करती है.

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