Kangana Ranaut Disha Meeting: हिमाचल प्रदेश के मंडी से बीजेपी सांसद कंगना रनौत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह अपने संसदीय क्षेत्र में विकास कार्यों की धीमी रफ्तार और सांसद निधि के इस्तेमाल को लेकर अधिकारियों पर जमकर नाराजगी जाहिर करती नजर आ रही हैं. मंडी में हुई जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति यानी DISHA की बैठक में कंगना ने अधिकारियों से फंड के इस्तेमाल का हिसाब मांगा और काम में देरी को लेकर तीखे सवाल किए.
करीब 11 करोड़ के फंड पर कंगना ने मांगा हिसाब
बैठक के दौरान सांसद निधि यानी MPLADS के तहत उपलब्ध राशि के इस्तेमाल का मुद्दा उठा. रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 11 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध होने के बावजूद बहुत कम रकम खर्च होने की बात सामने आई. कुछ रिपोर्ट्स में मंडी क्षेत्र के करीब 5.5 करोड़ रुपये में से सिर्फ 50-60 लाख रुपये खर्च होने का उल्लेख है. इसी को लेकर कंगना ने अधिकारियों से सवाल किए और फंड के इस्तेमाल की रिपोर्ट मांगी.
महासुस्त और महाफूहड़ किस्म के लोग हैं- कंगना
वायरल वीडियो में कंगना अधिकारियों के काम करने के तरीके पर बेहद नाराज दिखाई देती हैं. वह कहती सुनाई देती हैं मैं मीडिया के सामने क्या बोलूं कि ये अधिकारी यहां केवल तनख्वाह खाने के लिए बैठे हैं. महासुस्त और महाफूहड़ किस्म के लोगहैं, जिन्होंने कुर्सियां ली हुई हैं. रिल्स देखने से अच्छा कुछ काम कर लिया करें.
You can hate Kangna for whatever reason… But you can’t deny that she is an honest MP of her constituency. She takes classes of babus. She want the work done on time.
We need more like her to fulfill our dream of a devoloped nation. @KanganaTeam pic.twitter.com/Xt9ysary96
— Sagar STORM🔳 (@AlexAllone1) September 5, 2026
कंगना ने बैठक में अधिकारियों के जवाबों पर भी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि उन्हें हर DISHA बैठक में ऐसे ही जुमले सुनने को मिलते हैं. उन्होंने अधिकारियों से वादों के बजाय जमीन पर काम दिखाने की मांग की. कंगना ने यह भी तंज कसा कि अधिकारी उनसे बेहतर एक्टिंग कर रहे हैं. इसके साथ ही उन्होंने विकास कार्यों की प्रगति और फंड के इस्तेमाल को लेकर परफॉर्मेंस रिपोर्ट मांगी.
अधिकारियों को काम में तेजी लाने के निर्देश
बैठक में कंगना ने लंबित परियोजनाओं और फंड के कम इस्तेमाल पर जवाबदेही तय करने की बात कही. उनका जोर इस बात पर रहा कि सांसद निधि का इस्तेमाल विकास कार्यों में समय पर किया जाए और अधिकारियों की ओर से उन्हें वास्तविक प्रगति की जानकारी दी जाए.