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Himachal Pradesh Teacher Hunger Strike : हिमाचल में शिक्षा व्यवस्था पर संकट? सड़कों पर उतरे शिक्षक, अब सरकार से सीधी टक्कर

Himachal Pradesh Teacher Hunger Strike : हिमाचल प्रदेश में दो सप्ताह से अधिक चले "प्राइमरी एजुकेशन बचाओ" मार्च के बाद शिक्षक शिमला पहुंचे. उन्होंने स्कूल कॉम्प्लेक्स सिस्टम वापस लेने की मांग की और नई व्यवस्था से शिक्षा व स्टाफ प्रभावित होने का आरोप लगाया.

By: Preeti Rajput | Published: July 27, 2026 10:02:49 AM IST



Himachal Pradesh Teacher Hunger Strike : हिमाचल प्रदेश में दो हफ्ते से ज्यादा लंबा “प्राइमरी एजुकेशन बचाओ” मार्च पूरा करने के बाद सैकडों प्राइमरी टीचर रविवार को शिमला पहुंचे. इस मार्च में स्कूल कॉम्प्लेक्स सिस्टम को वापस लेने की मांग की गई और प्राइमरी एजुकेशन से जुडे दूसरे मुद्दे उठाए गए. शिमला में मार्च खत्म होने के बाद हिमाचल प्रदेश प्राइमरी टीचर्स फेडरेशन के प्रेसिडेंट रमेश शर्मा ने आरोप लगाया कि नए एडमिनिस्ट्रेटिव सिस्टम ने प्राइमरी एजुकेशन और स्कूल स्टाफ की कई कैटेगरी पर बुरा असर डाला है.

प्राइमरी एजुकेशन बचाओ मार्च 

ANI से बात करते हुए, रमेश शर्मा ने कहा कि ‘फेडरेशन का 15 दिन का ‘प्राइमरी एजुकेशन बचाओ’ मार्च शिमला में खत्म हुआ, जिसमें राज्य के हर हिस्से से लोग शामिल हुए. हिमाचल प्रदेश सरकार का लागू किया गया नया कॉम्प्लेक्स सिस्टम दशकों से चले आ रहे प्राइमरी एजुकेशन सिस्टम को खत्म कर रहा है. पहले, एक स्कूल के लिए एक प्रिंसिपल जिम्मेदार था, लेकिन अब 15 से 20 स्कूल एक ही प्रिंसिपल के अंडर आ गए हैं.’

क्या बोले रमेश शर्मा?

रमेश शर्मा ने बातचीत के दौरान आगे कहा कि ‘जब तक सरकार उनकी मांगें नहीं मान लेती, फेडरेशन अपना आंदोलन जारी रखेगी. इससे प्राइमरी एजुकेशन और JBT टीचर, नर्सरी टीचर और दूसरे कर्मचारियों समेत कई कैटेगरी के स्टाफ पर बुरा असर पडा है. हमारी भूख हडताल तब तक जारी रहेगी जब तक हिमाचल प्रदेश सरकार हमारी जायज मांगें नहीं मान लेती, नया कॉम्प्लेक्स सिस्टम वापस नहीं ले लेती और हमारी दूसरी पेंडिंग मांगों पर ध्यान नहीं देती. अगर हमारी चिंताओं को नजरअंदाज किया गया, तो फेडरेशन अपने राज्यव्यापी आंदोलन को और तेज करेगी.’

प्राइमरी शिक्षा पर बुरा असर

मंडी जिले के करसोग के एक दिव्यांग प्राइमरी टीचर प्रकाश ने कहा कि ‘हमारा पैदल मार्च 11 जुलाई को शुरू हुआ और आज शिमला में खत्म हुआ. हमारी मुख्य मांग स्कूल कॉम्प्लेक्स सिस्टम को पूरी तरह से वापस लेना है क्योंकि इससे प्राइमरी शिक्षा पर बुरा असर पड रहा है. लगभग 20,000 मौजूदा टीचर, लगभग 40,000 रिटायर्ड टीचर और कई दूसरे कर्मचारी इस आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं.’

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क्या है पूरा मामला?

प्रदर्शनकारी हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा सितंबर 2025 में शुरू किए गए स्कूल कॉम्प्लेक्स सिस्टम को वापस लेने की मांग कर रहे हैं, जिसके तहत कई प्राइमरी, मिडिल और सीनियर सेकेंडरी स्कूलों को एक ही एडमिनिस्ट्रेटिव हेड के तहत लाया गया था. इससे पहले दिन में, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने चौडा मैदान में विरोध प्रदर्शन वाली जगह पर टीचरों को संबोधित किया और बाद में ANI को बताया कि सरकार ने फेडरेशन की ज्यादातर बडी मांगें मान ली हैं और स्कूल कॉम्प्लेक्स सिस्टम का रिव्यू करेगी.

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