World Heart Day 2026: दुनियाभर में आज विश्व हृदय दिवस (World Heart Day 2026) मनाया जा रहा है. इस दिन को मनाने का सीधा मतलब है- दिल से जुड़ी बीमारियों से बचाव, सही खानपान और एक्टिव रहने के बारे में जागरूक करना है. दरअसल, आजकल की अनहेल्दी लाइफस्टाइल में पनपने वाली बीमारियों में हार्ट से जुड़े जोखिम टॉप पर हैं. पहले हृदय रोग को बुजुर्गों की बीमारी माना जाता था. लेकिन, अब यह युवाओं को भी अपनी चपेट में ले रहा है. खासकर 20 और 30 की उम्र के लोग तेजी से हृदय संबंधी समस्याओं का शिकार हो रहे हैं.
हाल के अध्ययनों से पता चला है कि खराब खान-पान, तनाव, आधुनिक जीवनशैली, उच्च रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याएं इसके लिए जिम्मेदार हैं. इसके अलावा, बैठे रहने की आदत, धूम्रपान, शराब का सेवन और मोटापा भी इस खतरे को बढ़ा रहे हैं. एक प्रमुख दवा कंपनी यूएसवी के अध्ययन में सामने आया कि युवा भारतीयों में असामान्य कोलेस्ट्रॉल स्तर आम है. तो चलिए आज विश्व हृदय दिवस पर जानते हैं कि आखिर, इस दिन की शुरुआत कब हुई? इसका क्या महत्व है और 2026 की थीम?
विश्व हृदय दिवस का इतिहास
हर साल 29 सितंबर को दुनियाभर में विश्व हृदय दिवस मनाया जाता है. इस दिन लोगों को दिल से जुड़ी बीमारियों के बारे में जानकारी देने के साथ-साथ हार्ट को स्वस्थ रखने के लिए जागरूक किया जाता है. विश्व हृदय महासंघ के पूर्व अध्यक्ष एंटोनी बार्ड डी लूना ने दिल की बीमारियों को लेकर लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए एक खास दिन मनाने का विचार दिया था. इसके बाद साल 2000 में पहली बार विश्व हृदय दिवस मनाया गया. शुरुआत में इसे सितंबर के आखिरी रविवार को मनाया जाता था, लेकिन बाद में इसकी तारीख 29 सितंबर तय कर दी गई.
विश्व हृदय दिवस का महत्व
आज की लाइफस्टाइल में काम का ज्यादा दबाव, तनाव, खानपान की गलत आदतें और शारीरिक मेहनत की कमी जैसी कई चीजें दिल की सेहत को प्रभावित कर रही हैं. दुनियाभर में हर साल बड़ी संख्या में लोगों की मौत हार्ट से जुड़ी बीमारियों के कारण होती है. अब सिर्फ बुजुर्ग ही नहीं, बल्कि कम उम्र के लोगों और बच्चों में भी दिल से जुड़ी समस्याएं देखने को मिल रही हैं. ऐसे में विश्व हृदय दिवस लोगों को अपनी हार्ट हेल्थ पर ध्यान देने और समय रहते जरूरी सावधानी बरतने के लिए जागरूक करने का काम करता है.
विश्व हृदय दिवस 2026 की थीम
साल 2026 में विश्व हृदय दिवस की थीम Dont Miss a Beat रखी गई है. इसका मतलब है कि दिल की सेहत से जुड़े संकेतों को नजरअंदाज न करें और समय रहते उन पर ध्यान दें. इसके जरिए लोगों को दिल की बीमारी के छिपे हुए लक्षणों को पहचानने, अपने हार्ट का ख्याल रखने और रोजमर्रा की जिंदगी में शारीरिक गतिविधि को शामिल करने के लिए जागरूक किया जा रहा है. विश्व हृदय महासंघ ने 2026 के लिए इसी संदेश के साथ लोगों को दिल की सेहत को लेकर सजग रहने की बात कही है.