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हीटस्ट्रोक से शरीर के किन अंगों को नुकसान होता है? हार्ट और ब्रेन पर क्या होता असर, डॉक्टर से बताया सच

Harmful effects of Heatstroke: गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच हीटस्ट्रोक (Heatstroke) एक खतरनाक स्थिति बनकर उभर रहा है. यह केवल शरीर का तापमान बढ़ने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि समय पर इलाज न मिले तो शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है. ऐसी स्थिति में लोगों को बेचैनी या थकान भी होने लगती है. अब सवाल है कि आखिर, हीटस्ट्रोक क्या है? आइए जानते हैं इस बारे में-

By: Lalit Kumar | Published: May 31, 2026 6:43:16 PM IST



Harmful effects of Heatstroke: मई-जून की गर्मी और नौतपा अपने पूरे सुरूर में है. पारा दिनोंदिन हाई होता जा रहा है. हालांकि, पिछले दो दिन से मौसम का मिजाज बदला सा है. फिर भी, गर्मी और लू के थपेड़ों के बीच हीटस्ट्रोक (Heatstroke) एक खतरनाक स्थिति बनकर उभर रहा है. यह केवल शरीर का तापमान बढ़ने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि समय पर इलाज न मिले तो शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है. ऐसी स्थिति में लोगों को बेचैनी या थकान भी होने लगती है. अब सवाल है कि आखिर, हीटस्ट्रोक क्या है? हीटस्ट्रोक (लू लगने) से शरीर के किन अंगों को नुकसान होता है? इस बारे में बता रहे हैं राजकीय मेडिकल कॉलेज कन्नौज के कम्युनिटी मेडिसिन हेड डीएस मर्तोलिया-

हीटस्ट्रोक क्या है?

डॉक्टर के मुताबिक, हीटस्ट्रोक तब होता है जब शरीर का तापमान 40°C या उससे अधिक हो जाता है. ऐसी स्थिति में शरीर को ठंडा करने की क्षमता (स्वेटिंग सिस्टम) फेल हो जाती है. यह पूरी तरह मेडिकल इमरजेंसी है. ऐसी स्थिति में ब्रेन, हार्ट और किडनी जैसे अंगों पर असर पड़ सकता है. 

हीटस्ट्रोक से किन 5 अंगों को नुकसान होता है?

ब्रेन को नुकसान: डॉ. मर्तोलिया कहते हैं कि, जब शरीर का तापमान बढ़ने लगता है, तो इसका सबसे पहले असर दिमाग पर पड़ता है और मरीज को चक्कर आना, भ्रम होना, बोलने में दिक्कत महसूस होना या बेहोशी जैसी समस्याएं हो सकती हैं. कई बार व्यक्ति को दौरे भी पड़ सकते हैं. अगर कंडीशन गंभीर हो जाए, तो मरीज अचानक गिर सकता है या मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्या हो सकती है.

हार्ट पर असर: जब गर्मी में शरीर खुद को ठंडा रखने की कोशिश करता है, तो हार्ट को पहले से ज्यादा मेहनत करने की जरूरत पड़ने लगती है. इससे हार्ट रेट बढ़ सकता है और ब्लड प्रेशर अनियंत्रित हो सकता है. जिन लोगों को पहले से हार्ट की बीमारी, हाई ब्लड प्रेशर या अन्य कार्डियक समस्याएं हैं, उनके लिए हीटस्ट्रोक का रिस्क और ज्यादा गंभीर हो सकता है. ज्यादा गर्मी होने पर सांस लेने में तकलीफ भी हो सकती है.

किडनी को नुकसान: डॉक्टर कहते हैं कि, पसीने के कारण शरीर से जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स तेजी से बाहर निकलते हैं. अगर समय पर पर्याप्त पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स न मिलें, तो किडनी पर दबाव बढ़ सकता है. ऐसी कंडीशन में एक्यूट किडनी इंजरी हो सकीत है.

डाइजेशन पर असर: हीटस्ट्रोक का असर पेट पर भी बहुत ज्यादा पड़ता है. इस वजह से मरीज को उल्टी, पेट दर्द, दस्त, भूख कम लगना या पेट में जलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं. कुछ लोगों को कमजोरी की वजह से खाना पचाने में दिक्कत हो सकती है. इसके साथ अगर डिहाइड्रेशन भी हो जाए, तो मरीज की स्थिति काफी गंभीर हो सकती है.

स्किन को नुकसान: हीटस्ट्रोक के कारण लोगों का शरीर बहुत ज्यादा गर्म हो जाता है, जिससे स्किन लाल पड़ने लगती है और कई बार पसीना ज्यादा आने लगता है या अचानक पसीना आना बंद हो जाता है, तो स्थिति गंभीर हो सकती है. अगर किसी को तेज बुखार, सिरदर्द, सांस लेने में परेशानी, भ्रम या बेहोशी महसूस हो रही हो, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए.

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