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Hantavirus: कोरोना के बाद नई आफत! बीच समंदर फैला हंता वायरस, ये हैं शुरुआती लक्षण और बचाव टिप्स

Hantavirus Cause and Symptoms: अटलांटिक महासागर के बीच चल रहे एक लग्जरी क्रूज पर अचानक फैले इस रहस्यमयी वायरस ने लोगों को सकते में ला दिया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे हंता वायरस संक्रमण माना है. अब सवाल है कि आखिर हंता वायरस क्या है? क्या हैं हंता वायरस के लक्षण? कैसे फैलता है यह वायरस और कैसे करें बचाव? आइए जानते हैं इस बारे में-

By: Lalit Kumar | Published: May 4, 2026 4:09:50 PM IST



Hantavirus kya hai: कोरोना के बाद नए-नए वायरस सामने आ रहे हैं. इसी क्रम में एक और वायरस ने तबाही मचा दी है. जी हां, अटलांटिक महासागर के बीच चल रहे एक लग्जरी क्रूज पर अचानक फैले इस रहस्यमयी वायरस ने लोगों को सकते में ला दिया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और दक्षिण अफ्रीका स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, इस क्रूज शिप पर फैली बीमारी को हंता वायरस संक्रमण माना जा रहा है, जिससे अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य यात्री गंभीर रूप से बीमार हैं. अब सवाल है कि आखिर हंता वायरस क्या है? क्या हैं हंता वायरस के लक्षण? कैसे फैलता है यह वायरस और कैसे करें बचाव? आइए जानते हैं इस बारे में-

हंता वायरस के लक्षण 

  • व्यक्ति को तेज बुखार होता है.
  • यह बुखार 101 डिग्री से ऊपर भी हो सकता है.
  • संक्रमित व्यक्ति के सिर में और शरीर में दर्द होता है.
  • उसे उल्टी(वोमेटिंग), पेट में दर्द की समस्या हो सकती है.
  • संक्रमित व्यक्ति को डायरिया की शिकायत हो सकती है.
  • बाद के लक्षणों में फेफड़े में पानी जमा हो सकता है.
  • संक्रमित व्यक्ति को सांस लेने में तकलीफ हो सकती है.

क्या है हंता वायरस 

हंता वायरस एक दुर्लभ लेकिन बेहद खतरनाक संक्रमण है, जो आमतौर पर चूहों और दूसरे जीवों के मल-मूत्र के संपर्क से फैलता है. यह वायरस सीधा फेफड़ों और किडनी पर हमला करता है और कई मामलों में जानलेवा साबित होता है. इससे चूहे को तो बीमारी नहीं होती, लेकिन यह इंसान की मौत का कारण बन सकता है. सीडीसी के मुताबिक हंता वायरस का संक्रमण हवा या सांस के जरिए नहीं फैलता. अगर एक व्यक्ति इस वायरस से पीड़ित है तो उससे दूसरे व्यक्ति को संक्रमण नहीं फैलता है. वहीं, अगर कोई व्यक्ति चूहे के संपर्क में आता है तो, उसे हंता वायरस के संक्रमण का खतरा होता है. 

कैसे फैलता है यह वायरस

चूहे के लार, थूक, मल या मूत्र के संपर्क में आने से और इन्हीं हाथों से आंख, कान या मुंह वगैरह छूने से इसका संक्रमण हो सकता है. विशेषज्ञों के मुताबिक, इस वायरस का कोई खास इलाज नहीं है. समय रहते इलाज न मिलने पर स्थिति तेजी से बिगड़ सकती है.

हंता वायरस के कैसे करें बचाव

हंता वायरस से बचने का फिलहाल यही तरीका है कि चूहों से दूरी बनाकर रखी जाए. खासकर चूहे के लार, थूक, मल-मूत्र से बच कर रहें.  इसका फिलहाल कोई प्रॉपर इलाज सामने नहीं आया है. फ्री प्रेस जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक संक्रमण होते ही चिकित्सकीय देखभाल की जरूरत है. सांस संबंधी परेशानी में आईसीयू में भर्ती करना और ऑक्सीजन थेरेपी देने से राहत हो सकती है. 

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