Hydration Tips: सुबह उठते ही एक गिलास गुनगुना पानी पीना भारतीय घरों में लंबे समय से अपनाई जाने वाली आदत है. कुछ लोग इसे शरीर को ‘डिटॉक्स’ करने वाला मानते हैं, तो कुछ का दावा है कि इससे मेटाबॉलिज्म तेज होता है और वजन घटाने में भी मदद मिल सकती है. लेकिन, इस आसान से नुस्खे के पीछे आखिर कितनी सच्चाई है? क्या सच में खाली पेट गुनगुना पानी पीना शरीर के लिए इतना फायदेमंद है या इसका सबसे बड़ा फायदा सिर्फ हाइड्रेटेड रहने तक सीमित है? आइए समझिए इसके पीछे की साइंस-
दरअसल, रातभर सोने के बाद शरीर को पानी की जरूरत होती है. ऐसे में सुबह पानी पीना शरीर में पानी की कमी पूरी करने का एक आसान तरीका है. गुनगुना पानी कुछ लोगों को सामान्य पानी की तुलना में अधिक आरामदायक लगता है और सुबह की दिनचर्या का हिस्सा बन सकता है.
मेटाबॉलिज्म पर क्या पड़ता असर?
पानी पीना शरीर के सामान्य मेटाबॉलिक कार्यों के लिए जरूरी है. पर्याप्त पानी न मिलने पर डिहाइड्रेशन हो सकता है, जिसका असर शरीर की सामान्य कार्यक्षमता पर पड़ सकता है. हालांकि, नियमित रूप से गुनगुना पानी पीने से मेटाबॉलिज्म लंबे समय तक दुरुस्त रह सकता है. इसलिए इसे मेटाबॉलिज्म बढ़ाने का कोई जादुई उपाय समझने के बजाय दिनभर पर्याप्त पानी पीने की स्वस्थ आदत के तौर पर देखना बेहतर है.
पाचन के लिए हो सकता है आरामदायक
सुबह पानी पीने से शरीर को हाइड्रेशन मिलता है और यह कुछ लोगों में मल त्याग को आसान बनाने में मदद कर सकता है. कब्ज की समस्या से जूझने वाले लोगों के लिए पर्याप्त तरल पदार्थ लेना फायदेमंद हो सकता है. गुनगुना पानी विशेष रूप से कुछ लोगों को पेट के लिए आरामदायक लगता है. हालांकि, हर व्यक्ति के शरीर पर इसका प्रभाव एक जैसा नहीं होता है.
क्या वजन भी कम होगा?
वजन घटाने के लिए सिर्फ गुनगुना पानी पीना ही काफी नहीं है. इसके लिए कैलोरी संतुलन, पौष्टिक आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद और बेहतर जीवनशैली ज्यादा महत्वपूर्ण हैं. हां, अगर कोई व्यक्ति सुबह मीठी चाय, शुगर वाले पेय या हाई-कैलोरी ड्रिंक की जगह सादा पानी पीता है, तो कुल कैलोरी सेवन कम करने में मदद मिल सकती है.
कैसे पिएं गुनगुना पानी?
- सुबह उठने के बाद अपनी सुविधा के अनुसार एक गिलास सामान्य या हल्का गुनगुना पानी लिया जा सकता है.
- पानी बहुत गर्म नहीं होना चाहिए, क्योंकि इससे मुंह और भोजन नली में जलन हो सकती है.
- दिनभर भी प्यास के अनुसार नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें. अत्यधिक पानी पीना भी जरूरी नहीं है.
किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए?
अगर किसी व्यक्ति को किडनी, हृदय या ऐसी कोई बीमारी है जिसमें डॉक्टर ने तरल पदार्थ सीमित करने की सलाह दी है, तो पानी की मात्रा डॉक्टर से पूछकर तय करनी चाहिए.