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आंखों पर आंसू गैस का कितना खतरनाक असर पड़ सकता है? एक चुटकी नमक कैसे है इसमें कारगर, जानिए इसके पीछे का विज्ञान

Tear Gas Effect on Eyes: दिल्ली के जंतर-मंतर में हुए प्रदर्शन के दौरान कई छात्र अपने साथ नमक लेकर पहुंचे, क्योंकि उनका मानना था कि यह आंसू गैस के असर को कम करने में मदद कर सकता है. आंसू गैस में मौजूद रसायन आंखों में जलन, खुजली, सूजन और धुंधलेपन जैसी समस्याएं पैदा कर सकते हैं. विशेषज्ञों के अनुसार आंसू गैस के संपर्क में आने पर सबसे प्रभावी उपाय प्रभावित क्षेत्र से दूर जाना, कॉन्टैक्ट लेंस हटाना और आंखों को कम से कम 15 मिनट तक साफ पानी से धोना है.

By: Ranjana Sharma | Published: July 21, 2026 1:45:45 PM IST



Tear Gas Effect on Eyes: दिल्ली के जंतर-मंतर में नीट पेपर लीक मामले को लेकर हुए प्रदर्शन के दौरान एक दिलचस्प और चर्चित दृश्य देखने को मिला. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे कई छात्र अपने साथ नमक लेकर पहुंचे थे. प्रदर्शनकारियों का दावा था कि यदि पुलिस आंसू गैस का इस्तेमाल करती है तो नमक उसके असर को कम करने में मदद कर सकता है. इसके बाद यह सवाल चर्चा का विषय बन गया कि आखिर आंसू गैस क्या होती है, इसका शरीर और आंखों पर क्या प्रभाव पड़ता है और क्या वास्तव में नमक इससे राहत दिला सकता है?

प्रदर्शन के दौरान क्यों चर्चा में आया नमक?

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि आंसू गैस छोड़े जाने की स्थिति में नमक आंखों और आसपास की त्वचा पर होने वाली जलन को कम करने में मदद कर सकता है. कई छात्रों का मानना था कि नमक के इस्तेमाल से आंखों में होने वाली खुजली और असहजता कुछ हद तक कम हो सकती है. इसी वजह से कई प्रदर्शनकारी एहतियात के तौर पर अपने साथ नमक लेकर पहुंचे थे.

क्या होती है आंसू गैस?

आंसू गैस भीड़ नियंत्रण के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक रासायनिक पदार्थ है. इसमें आमतौर पर CS (ओ-क्लोरोबेंजाइलिडीन मेलोनोनाइट्राइल) या CN (क्लोरोएसीटोफेनोन) जैसे रसायन मौजूद होते हैं. ये रसायन शरीर की संवेदनशील नसों के संपर्क में आते ही तेज प्रतिक्रिया पैदा करते हैं, जिससे आंखों, नाक और श्वसन तंत्र में तीव्र जलन महसूस होती है.

आंखों पर क्या असर डालती है टियर गैस?

आंसू गैस का सबसे ज्यादा प्रभाव आंखों पर देखने को मिलता है.
इसके संपर्क में आने के बाद-

  • आंखों में तेज जलन शुरू हो जाती है
  • लगातार पानी आने लगता है
  • आंखें लाल हो सकती हैं
  • सूजन और खुजली बढ़ सकती है
  • धुंधला दिखाई देने लगता है
  • तेज दर्द और असहजता महसूस होती है

कई मामलों में प्रभाव अधिक होने पर कॉर्निया को नुकसान पहुंचने का खतरा भी बढ़ सकता है.

गंभीर मामलों में हो सकती हैं बड़ी समस्याएं

विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक या अधिक मात्रा में आंसू गैस के संपर्क में रहने से आंखों को गंभीर नुकसान भी पहुंच सकता है. अत्यधिक संपर्क की स्थिति में कॉर्नियल इंजरी, आंखों की सतह पर जलन, दृष्टि संबंधी समस्याएं और अन्य जटिलताएं विकसित हो सकती हैं. इसलिए इसे सामान्य परेशानी मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

क्या नमक सचमुच राहत दिला सकता है?

प्रदर्शनकारियों के बीच यह धारणा रही कि नमक आंसू गैस के असर को कम करने में मदद करता है. मान्यता यह है कि नमक में मौजूद सोडियम क्लोराइड आसपास की नमी और कुछ रासायनिक प्रभावों को कम करने में सहायक हो सकता है. हालांकि चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार आंसू गैस के प्रभाव को कम करने के लिए सबसे विश्वसनीय उपाय आंखों को पर्याप्त मात्रा में साफ पानी से धोना और प्रभावित क्षेत्र से तुरंत दूर जाना माना जाता है. नमक को आंखों पर सीधे लगाने की बजाय चिकित्सा विशेषज्ञों की सलाह को प्राथमिकता देना अधिक सुरक्षित माना जाता है.

आंसू गैस लगने पर सबसे पहले क्या करें?

यदि कोई व्यक्ति आंसू गैस के संपर्क में आ जाता है तो सबसे पहले प्रभावित क्षेत्र से बाहर निकलना जरूरी है. खुली और ताजी हवा में पहुंचने से रसायनों का प्रभाव धीरे-धीरे कम होने लगता है. जितनी जल्दी व्यक्ति उस क्षेत्र से बाहर निकलता है, उतना ही बेहतर माना जाता है.

कॉन्टैक्ट लेंस पहन रखे हैं तो तुरंत हटाएं

यदि किसी व्यक्ति ने कॉन्टैक्ट लेंस लगाए हुए हैं तो उन्हें तुरंत निकाल देना चाहिए. विशेषज्ञों के अनुसार लेंस रासायनिक कणों को अपने अंदर रोक सकते हैं, जिससे आंखों को नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ सकता है. इसलिए आंसू गैस के संपर्क में आने के बाद लेंस को हटाना प्राथमिक कदमों में शामिल है.

आंखों को पानी से धोना सबसे प्रभावी उपाय

आंसू गैस के असर को कम करने के लिए आंखों को लगातार साफ और ठंडे पानी से धोना सबसे उपयोगी उपाय माना जाता है. विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि कम से कम 15 मिनट तक आंखों को साफ पानी से धोया जाए. इससे रासायनिक कणों को बाहर निकालने में मदद मिलती है और जलन, खुजली तथा दर्द में राहत मिल सकती है.

कब जरूरी हो जाती है डॉक्टर की सलाह?

यदि आंखों में जलन लंबे समय तक बनी रहे, धुंधलापन खत्म न हो या दर्द लगातार बढ़ता जाए तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में नेत्र रोग विशेषज्ञ या ईएनटी विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी हो सकता है ताकि आंखों को किसी स्थायी नुकसान से बचाया जा सके.

आंखों की सुरक्षा को लेकर क्यों जरूरी है जागरूकता?

आंसू गैस को अक्सर भीड़ नियंत्रण के एक साधन के रूप में देखा जाता है, लेकिन इसके प्रभाव को हल्के में नहीं लेना चाहिए. समय रहते सही कदम उठाने, आंखों की सफाई करने और चिकित्सकीय सलाह लेने से संभावित नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है. इसलिए किसी भी प्रदर्शन या भीड़भाड़ वाले माहौल में सुरक्षा उपायों की जानकारी होना बेहद जरूरी है.

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें और चिकित्सक से सलाह लें Inkhabar इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.

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