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पीठ दर्द से परेशान था मोहन, पहले लगा सामान्य फिर जांच में निकला स्पॉन्डिलाइटिस, जानिए दोनों दर्द में अंतर

Spondylitis vs Normal Back Pain: मोहन (काल्पनिक नाम) कई दिनों से पीठ दर्द से परेशान था. ऑफिस में लंबे समय तक बैठने के बाद उसे लगता था कि यह बस सामान्य दर्द है. डॉक्टर के पास जांच कराने पर पता चला कि उसे Ankylosing Spondylitis जैसी समस्या की शुरुआत है, जिसे आम भाषा में स्पॉन्डिलाइटिस कहा जाता है. अब सवाल है कि आखिर, सामान्य पीठ दर्द और स्पॉन्डिलाइटिस में क्या अंतर है?

By: Lalit Kumar | Published: June 7, 2026 1:50:05 PM IST



Spondylitis vs Normal Back Pain: मोहन (काल्पनिक नाम) कई दिनों से पीठ दर्द से परेशान था. ऑफिस में लंबे समय तक बैठने के बाद उसे लगता था कि यह बस सामान्य दर्द है. उसकी दोस्त प्रिया ने सलाह दी कि थोड़ा आराम कर ले, ठीक हो जाएगा. लेकिन, मोहन ने गौर किया कि सुबह उठते ही उसकी पीठ में ज्यादा जकड़न रहती है और हल्की एक्सरसाइज करने पर ही राहत मिलती है. प्रिया ने उसे समझाया कि सामान्य पीठ दर्द अक्सर मांसपेशियों के खिंचाव या गलत पोस्चर से होता है और आराम करने पर ठीक हो जाता है. लेकिन मोहन के लक्षण कुछ अलग थे. डॉक्टर के पास जांच कराने पर पता चला कि उसे Ankylosing Spondylitis जैसी समस्या की शुरुआत है, जिसे आम भाषा में स्पॉन्डिलाइटिस कहा जाता है. अब सवाल है कि आखिर, सामान्य पीठ दर्द और स्पॉन्डिलाइटिस में क्या अंतर है? क्या होती है स्पॉन्डिलाइटिस की परेशानी? इस परेशानी से कैसे करें बचाव? इस बारे में बता रही हैं एलएनजेपी हॉस्पिटल दिल्ली की सीनियर पेन कंसल्टेंट फिजिशियन डॉ. भुवना आहुजा-

सामान्य पीठ दर्द और स्पॉन्डिलाइटिस में अंतर

डॉक्टर के मुताबिक, स्पॉन्डिलाइटिस में समय के साथ लक्षण आ और जा सकते हैं. कुछ लोगों को दर्द और अकड़न बढ़ने के दौर से गुजरना पड़ता है, जिसके बाद कुछ समय ऐसा भी आता है जब लक्षण बेहतर हो जाते हैं या कुछ समय के लिए पूरी तरह गायब हो जाते हैं. 

सामान्य पीठ दर्द और स्पॉन्डिलाइटिस के लक्षण

डॉक्टर कहती हैं कि, पीठ का सामान्य दर्द स्पॉन्डिलाइटिस जैसा नहीं होता है. मांसपेशियों में खिंचाव, बैठने का गलत तरीका, भारी चीजें उठाना या छोटी-मोटी चोटें पीठ के सामान्य दर्द के सबसे आम कारण हैं. आराम, स्ट्रेचिंग और दर्द कम करने के आसान उपाय अक्सर इसमें मदद करते हैं. वहीं, स्पॉन्डिलाइटिस एक ऐसी बीमारी है जिसमें जोड़ों और रीढ़ की हड्डी में सूजन आ जाती है. इस दर्द की खासियत यह है कि यह आमतौर पर लंबे समय तक बना रहता है, धीरे-धीरे शुरू होता है और सुबह के समय या आराम करने के बाद और भी बढ़ जाता है. इसके अलावा, बहुत से लोगों को अकड़न महसूस होती है, जो हिलने-डुलने या कसरत करने से ठीक हो जाती है. थकान, रीढ़ की हड्डी के लचीलेपन में कमी और कूल्हे में दर्द, ये सभी स्पॉन्डिलाइटिस के संभावित लक्षण हो सकते हैं.

चिंता की बात कब

अगर पीठ का दर्द कुछ हफ्तों से ज्‍यादा समय तक बना रहे.
दर्द अगर नींद में रुकावट डाले.
दर्द अगर सुबह के समय अकड़न पैदा करे.

स्पॉन्डिलाइटिस का कैसे लगाते हैं पता?

स्पॉन्डिलाइटिस में एक्स-रे या MRI, ब्‍लड टेस्‍ट और कुछ मामलों में HLA-B27 जैसी जांच शामिल हो सकती हैं. इलाज के ल‍िए सूजन कम करने वाली दवाएं, फिजियोथेरेपी और स्ट्रेचिंग की मदद ली जाती है.

स्पॉन्डिलाइटिस से बचाव के लिए क्या करें?

डॉक्टर कहती हैं कि, स्पॉन्डिलाइटिस एक दर्दनाक परेशानी है. इससे बचाव के लिए अपनी दिनचर्या में बदलाव करें. नियमित व्यायाम, सही पोस्चर और समय पर इलाज बेहद जरूरी है. ऐसा करने से परेशानी से निजात मिल सकती है.

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