Banana Myth During Pregnancy: गर्भावस्था… एक ऐसा दौर, जहां हर छोटा फैसला भी दो जिंदगियों को प्रभावित करता है. यही वजह है कि इस समय खान-पान को लेकर महिलाएं और उनके परिवार खास सतर्क रहते हैं. क्या खाएं, क्या नहीं… इसी उलझन में एक सवाल बार-बार सामने आता है- क्या प्रेग्नेंसी में पपीता खाना सुरक्षित है? हम सभी जानते हैं कि इस दौरान शरीर को अतिरिक्त पोषण की जरूरत होती है. विशेषज्ञों के अनुसार, गर्भधारण से लेकर बच्चे के शुरुआती दो साल तक के 1000 दिन बेहद अहम होते हैं. इसी अवधि में बच्चे का शारीरिक, मानसिक और इम्यून सिस्टम तेजी से विकसित होता है. ऐसे में मां की डाइट सीधे तौर पर बच्चे के भविष्य को आकार देती है. अब सवाल है कि क्या, सच में पपीता खाना हानिकारक है? पपीता के अलावा और किन चीजों का सेवन नुकसानदायक है? इस बारे में बता रही हैं कैलाश दीपक हॉस्पिटल दिल्ली की सीनियर डाइटिशियन एवं विभागाध्यक्ष ऋचा शर्मा-
क्या प्रेग्नेंसी में पपीता हानिकारक है?
प्रेग्नेंट महिलाओं को अक्सर प्रेग्नेंसी के दौरान पपीता, तिल और अनानास न खाने की सलाह दी जाती है, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि इन चीजों को खाने से मिसकैरेज या प्रीमैच्योर डिलीवरी हो सकती है. लेकिन, हेल्थ एक्सपर्ट कुछ और ही सलाह देते हैं. डाइटिशियन ऋचा शर्मा कहती हैं कि, इस दावे का समर्थन करने के लिए कोई वैज्ञानिक सबूत नहीं है.
पपीता: अब बात पपीते की, तो इसे लेकर सबसे ज्यादा कंफ्यूजन बना रहता है. दरअसल, कच्चा पपीता (Unripe Papaya) गर्भावस्था में नुकसानदेह माना जाता है, क्योंकि इसमें लेटेक्स नामक तत्व होता है, जो गर्भाशय में संकुचन बढ़ा सकता है. यही कारण है कि डॉक्टर इसे अवॉइड करने की सलाह देते हैं. वहीं दूसरी ओर, पका हुआ पपीता (Ripe Papaya) सीमित मात्रा में सुरक्षित माना जाता है. इसमें विटामिन A, C, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो पाचन सुधारने, कब्ज दूर करने और इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद कर सकते हैं. यानी पूरी तरह से पपीते को ‘खतरनाक’ कहना सही नहीं है. असल फर्क इसके कच्चे और पके होने में है.
अनानास: अनानास एक बहुत फायदेमंद फल है. एक्सपर्ट के मुताबिक, गर्भावस्था के दौरान सीमित मात्रा में अनानास का सेवन पूरी तरह सुरक्षित है. यह विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट का अच्छा स्रोत है, जो मां और बच्चे दोनों के लिए फायदेमंद होते हैं. इसलिए, गर्भवती महिलाओं के लिए रोजाना 100 से 150 ग्राम पपीता और अनानास खाने में कोई नुकसान नहीं है. असल में, उनका कहना है कि इनमें विटामिन B6 और C भरपूर मात्रा में होते हैं और ये सेहत के लिए अच्छे होते हैं.
तिल: बड़े-बुजुर्ग सलाह देते हैं कि गर्भवती महिलाओं को तिल नहीं खाने चाहिए, क्योंकि इनसे शरीर में गर्मी बढ़ती है और गर्भपात का खतरा हो सकता है. हालांकि, हेल्थ एक्सपर्ट कहते हैं कि, इनमें मौजूद कैल्शियम, आयरन और हेल्दी फैट्स गर्भावस्था के दौरान बहुत जरूरी होते हैं. इसलिए, रोजाना 5-10 ग्राम तिल का सेवन गर्भवती महिला और बच्चे, दोनों के लिए फायदेमंद होता है.