Palm Oil Side Effects: बाजार में मिलने वाले बिस्किट, नमकीन, पैकेज्ड स्नैक्स और कई बेकरी प्रोडक्ट्स स्वाद में भले ही लुभाते हों, लेकिन इन्हें खरीदते समय पैकेट पर लिखे Ingredients और Nutrition Facts पर ध्यान देना भी जरूरी है. इनमें इस्तेमाल होने वाला पाम ऑयल अक्सर चर्चा में रहता है. ऐसे में सवाल होता है कि आखिर, पाम ऑयल क्या है और क्या इसे खाने से सेहत को नुकसान हो सकता है? हेल्थ एक्सपर्ट की मानें तो, सवाल सिर्फ पाम ऑयल का नहीं, बल्कि कितनी मात्रा में और किस तरह के पूरे फूड पैटर्न के साथ इसका सेवन किया जा रहा है. ये बहुत मायने रखता है. तो चलिए सबसे पहले जान लेते हैं कि आखिर, पाम ऑयल क्या होता है? इसके अधिक सेवन से सेहत को क्या नुकसान होंगे? इस बारे में बता रही हैं कैलाश दीपक हॉस्पिटल दिल्ली की सीनियर डाइटिशियन ऋचा शर्मा-
क्या होता है पाम ऑयल?
पाम ऑयल एक वनस्पति तेल है, जो ऑयल पाम के फल से प्राप्त किया जाता है. इसका इस्तेमाल कई पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड में किया जाता है. इसकी खासियत यह है कि यह खाद्य पदार्थों की बनावट और स्थिरता बनाए रखने में मदद करता है. पाम ऑयल अपने आप में कोई ऐसा पदार्थ नहीं है, जिसे खाने मात्र से तुरंत नुकसान हो जाए. हालांकि, इसमें सैचुरेटेड फैट की मात्रा अपेक्षाकृत ज्यादा होती है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन भी पाम ऑयल को सैचुरेटेड फैट के स्रोतों में शामिल करता है और सैचुरेटेड फैट की जगह अनसैचुरेटेड फैट वाले विकल्पों को प्राथमिकता देने की सलाह देता है.
ज्यादा सेवन से बढ़ सकता है LDL कोलेस्ट्रॉल
पाम ऑयल के अधिक सेवन को लेकर सबसे बड़ी चिंता इसका सैचुरेटेड फैट है. अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, ज्यादा सैचुरेटेड फैट डाइट में शामिल होने पर LDL यानी खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ सकता है. लंबे समय तक बढ़ा हुआ LDL हृदय रोग और स्ट्रोक के जोखिम से जुड़ा है. यही वजह है कि रोजाना बड़ी मात्रा में पाम ऑयल वाले पैकेज्ड स्नैक्स खाने के बजाय संतुलित डाइट पर ध्यान देना बेहतर माना जाता है.
सिर्फ तेल नहीं, पूरा फूड पैटर्न देखें
डाइटिशियन ऋचा शर्मा कहती हैं कि, यह समझना भी जरूरी है कि किसी फूड प्रोडक्ट में पाम ऑयल मौजूद होने का मतलब यह नहीं कि वह भोजन अपने आप नुकसानदायक हो गया. असल फर्क कुल डाइट, मात्रा और भोजन की गुणवत्ता से पड़ता है. अगर कोई व्यक्ति रोजाना बिस्किट, चिप्स, नमकीन, केक या दूसरे अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड खाता है, तो उसे सिर्फ पाम ऑयल ही नहीं, बल्कि इनमें मौजूद अतिरिक्त नमक, चीनी, कैलोरी और अन्य फैट की मात्रा पर भी ध्यान देना चाहिए.
पैकेट खरीदते समय क्या देखें?
किसी भी पैकेज्ड फूड को खरीदने से पहले Ingredients List और Nutrition Information जरूर पढ़ें. सिर्फ यह देखकर फैसला न करें कि प्रोडक्ट पर ‘ट्रांस फैट फ्री’ या कोई दूसरा हेल्थ क्लेम लिखा है. अगर किसी खाद्य पदार्थ में सैचुरेटेड फैट ज्यादा है, तो उसे रोजाना खाने की बजाय सीमित मात्रा में लेना बेहतर है. अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन सैचुरेटेड फैट को कुल कैलोरी के 6% से कम रखने की सलाह देता है.
इसलिए पाम ऑयल से पूरी तरह डरने के बजाय मात्रा, फूड लेबल और पूरी डाइट पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है. रोजमर्रा के भोजन में फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, नट्स और अनसैचुरेटेड फैट वाले तेलों को जगह देना दिल की सेहत के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है.