Monsoon Health Tips: बारिश की बूंदें गर्मी से राहत जरूर देती हैं, लेकिन सेहत को बहुत कष्ट देता है. क्योंकि, इस मौसम में तमाम गंभीर बीमारियां जन्म लेती हैं. पेट से जुड़ी परेशानियां सबसे ज्यादा देखने को मिलती हैं. बता दें कि, नमी और तापमान में बदलाव के कारण भोजन में मौजूद कुछ हानिकारक सूक्ष्मजीव तेजी से बढ़ सकते हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, नमी और 5 से 60 डिग्री सेल्सियस के बीच तापमान बैक्टीरिया की वृद्धि के लिए अनुकूल हो सकता है और गर्मी व मानसून में फूडबोर्न बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है. ऐसे में स्वाद के चक्कर में कुछ चीजों का ज्यादा सेवन पेट की परेशानी, उल्टी, दस्त और अपच की वजह बन सकता है. अब सवाल है कि आखिर, मानसून में सेहतमंद रहने के लिए किन चीजों का सेवन करने से बचें? आइए जानते हैं इस बारे में-
मानसून में किन चीजों के सेवन से बचें
1. खुले में बिकने वाला स्ट्रीट फूड: मानसून में सड़क किनारे मिलने वाले चाट, गोलगप्पे, कटे हुए फल, सैंडविच और खुले में रखे पकवान से सावधानी बरतना जरूरी है. बारिश और नमी के दौरान गंदे पानी, हाथों या दूषित सतहों के संपर्क से भोजन में हानिकारक बैक्टीरिया पहुंच सकते हैं. खासकर ऐसी चीजें जो लंबे समय तक खुले में रखी हों, उनसे फूडबोर्न इंफेक्शन का जोखिम बढ़ सकता है. FSSAI भी घर और बाहर भोजन की स्वच्छता पर विशेष जोर देता है. क्योंकि, दूषित भोजन से पेट दर्द, उल्टी और दस्त जैसी समस्याएं हो सकती हैं.
2. कटे फल और कच्ची सब्जियां: फल और सब्जियां सेहत के लिए जरूरी हैं, लेकिन मानसून में पहले से कटे हुए फल या लंबे समय तक खुले में रखी कच्ची सब्जियां खाने से बचना बेहतर है. इन पर दूषित पानी या गंदे हाथों के जरिए रोगाणु पहुंच सकते हैं. WHO के मुताबिक, कच्ची खाद्य सामग्री दूषित हो सकती है और भोजन तैयार करते समय कच्चे और पके खाद्य पदार्थों को अलग रखना जरूरी है. फल-सब्जियों को बहते पानी में अच्छी तरह धोना भी खाद्य सुरक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है.
3. बार-बार गर्म किया खाना: मानसून में बासी खाना या लंबे समय तक कमरे के तापमान पर रखा भोजन पेट के लिए परेशानी खड़ी कर सकता है. भोजन को सही तापमान पर न रखने से उसमें बैक्टीरिया तेजी से बढ़ सकते हैं. WHO के अनुसार, सूक्ष्मजीव कमरे के तापमान पर रखे भोजन में तेजी से बढ़ सकते हैं. FSSAI की सलाह है कि जहां संभव हो, भोजन ताजा बनाकर खाएं. अगर बचा हुआ खाना रखना पड़े तो उसे 5 डिग्री सेल्सियस से कम तापमान पर स्टोर करें और खाने से पहले अच्छी तरह गर्म करें.
पेट को स्वस्थ रखने के लिए क्या करें?
मानसून में पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने के लिए ताजा और अच्छी तरह पका भोजन खाएं. पीने और खाना बनाने के लिए सुरक्षित पानी का इस्तेमाल करें, भोजन बनाने से पहले और बाद में हाथ धोएं और कच्चे तथा पके भोजन के लिए अलग बर्तन या कटिंग बोर्ड रखने की कोशिश करें.
(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. Inkhabar इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.