Lung Health Tips in Summer: देश के कई हिस्सों में बढ़ती गर्मी और उमस भरा मौसम लोगों की सेहत पर असर डाल रहा है. खासकर फेफड़ों से जुड़ी समस्याएं ज्यादा देखने को मिलती हैं. डॉक्टरों के अनुसार, अधिक तापमान और हवा में नमी बढ़ने से बैक्टीरिया, वायरस और फंगस तेजी से पनपते हैं, जिससे सांस संबंधी संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. हेल्थ एक्सपर्ट कहते हैं कि, इस मौसम में हवा की गुणवत्ता भी खराब हो सकती है, जिससे एलर्जी, अस्थमा और ब्रोंकाइटिस जैसी बीमारियां बढ़ जाती हैं. पसीना और नमी के कारण शरीर जल्दी थकता है, ससे इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ सकता है और फेफड़े संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाते हैं. खासकर अस्थमा, एलर्जी या ब्रोंकाइटिस से जूझ रहे लोगों में ये समस्याएं बढ़ जाती हैं. उमस के कारण हवा भारी लगने लगती है, जिससे फेफड़ों को पर्याप्त ऑक्सीजन लेने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है.
शुरुआती लक्षण लगातार खांसी, गले में खराश, सांस फूलना या सीने में जकड़न जैसी समस्याएं होती हैं. इनको लोग सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं. जबकि, ये फेफड़ों पर मौसम के असर के संकेत हो सकते हैं. अब सवाल है कि आखिर, गर्मी और नमी से फेफड़ों को कैसे नुकसान? इस मौसम फेफड़ों को हेल्दी रखने के लिए क्या करें? इस बारे में बता रहे हैं एलएनजेपी हॉस्पिटल दिल्ली के वरिष्ठ पल्मोलॉजिस्ट डॉ. नरेश कुमार-
गर्मी और नमी से फेफड़ों को नुकसान क्यों?
अधिक नमी में बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपते हैं, जिससे संक्रमण का जोखिम बढ़ता है. इस दौरान हवा की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है, जो अस्थमा और एलर्जी के मरीजों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है. डॉक्टर की मानें तो, पसीना और थकान से इम्यूनिटी कमजोर पड़ती है, जिससे फेफड़े जल्दी प्रभावित होते हैं. ऐसे में साफ वातावरण, पर्याप्त पानी और सावधानी बेहद जरूरी है.
फेफड़ों को हेल्दी रखने के लिए क्या करें?
ब्रीदिंग एक्सरसाइज करें: सुबह के समय हल्की वॉक, प्राणायाम और गहरी सांस लेने वाली एक्सरसाइज फेफड़ों की क्षमता को बेहतर बनाने में मदद कर सकती हैं. हालांकि बहुत ज्यादा उमस या तेज गर्मी में भारी वर्कआउट करने से बचना चाहिए.
घर में नमी कंट्रोल करें: जरूरत से ज्यादा नमी फंगस और बैक्टीरिया को बढ़ावा देती है. घर में वेंटिलेशन सही रखें और गीले कोनों को सूखा रखें. अगर कमरे में सीलन है तो उसे नजरअंदाज न करें.
AC का टेंपरेचर संतुलित रखें: AC की हवा से बाहर निकलकर अचानक गर्म वातावरण में जाना फेफड़ों और गले पर असर डाल सकता है. AC का तापमान संतुलित रखें और समय-समय पर उसकी सफाई करवाते रहें, ताकि धूल और बैक्टीरिया जमा न हों.
प्रदूषण और धूल से बचें: गर्मी में धूल और प्रदूषण का लेवल बढ़ सकता है. बाहर निकलते समय मास्क पहनें, खासकर अगर आपको एलर्जी या अस्थमा की समस्या है. ज्यादा ट्रैफिक और धुएं वाली जगहों से दूरी बनाकर रखें.
खुद को हाइड्रेट रखें: गर्मी में पानी की कमी होना आम समस्या है. पर्याप्त पानी पीने से शरीर और श्वसन तंत्र हाइड्रेट रहते हैं, जिससे बलगम पतला रहता है और सांस लेने में आसानी होती है. नारियल पानी, नींबू पानी और घर के बने हेल्दी ड्रिंक्स का सेवन गर्मियों में कर सकते हैं.