Turmeric Benefits and side effects: आयुर्वेद में घर की रसोईघर को औषधियों का खजाना माना गया है. यहां रखें मसाले सेहत के लिए औषधि का काम करते हैं. हल्दी ऐसी ही चीजों में से एक है. हल्दी बेहद फायदेमंद औषधीय मसाला है. बता दें कि, हल्दी का इस्तेमाल घर-घर में सब्जी, दाल आदि बनाने में होता है. कई तरह की एंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टीज से भरपूर हल्दी का इस्तेमाल वर्षों से स्किन केयर में भी हो रहा है. एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टीज होने के कारण हल्दी सीजनल डिजीज जैसे सर्दी-खांसी, इंफेक्शन, गले में खराश आदि से दूर रखती है. लेकिन, हल्दी लिमिट में ही खाने से सेहत को फायदे होंगे. क्योंकि, अधिक हल्दी खाने से सेहत को नुकसान भी हो सकते हैं. अब सवाल है कि आखिर, एक दिन में कितनी मात्रा में हल्दी खाना फायदेमंद है? अधिक सेवन से क्या होंगे नुकसान? आइए जानते हैं इस बारे में-
एक दिन में कितनी मात्रा में हल्दी खाएं
राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय लखनऊ की आयुर्वेदाचार्य डॉ. शचि श्रीवास्तव के मुताबिक, प्रतिदिन 500 से लेकर 10,000 एमजी हल्दी का सेवन फायदेमंद है. अर्थराइटिस फाउंडेशन ने करक्युमिन एक्सट्रैक्ट से तैयार 500 एमजी का कैप्सूल प्रतिदिन 2 बार ले सकते हैं. इससे ऑस्टियोअर्थराइटिस के लक्षण को कंट्रोल किया जा सकता है. सीमित मात्रा में हल्दी खाने से कई तरह की समस्याओं से बचे रह सकते हैं.
लिमिट में हल्दी खाने के फायदे
दर्द दूर करे: टीओआई में छपी एक खबर के अनुसार, हल्दी में मौजूद पावरफुल कम्पाउंड करक्युमिन (Curcumin) में दर्द निवारक तत्व होते हैं. हल्दी ऑस्टियोअर्थराइटिस के दर्द को कम करती है. गठिया के मरीजों को हल्दी का सेवन करना फायदेमंद साबित हो सकता है, क्योंकि यह इंफ्लेमेशन को कम करता है.
कोलेस्ट्रॉल घटाए: हल्दी के सेवन से बैड कोलेस्ट्रॉल यानी एडीएल कोलेस्ट्रॉल और ट्राईग्लिसराइड को कम करके हार्ट डिजीज होने के रिस्क को कम करती है. ब्लड वेसल्स की लाइनिंग में सुधार करती है. इसमें मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज हार्ट को स्वस्थ रखती हैं. आप दिल की बीमारियों से बचे रह सकते हैं.
इम्यूनिटी बूस्ट करे: हल्दी में मेडिसिनल प्रॉपर्टीज होती हैं, जो इम्यूनिटी को बूस्ट करती हैं. यह इंफेक्शन, सीजनल डिसऑर्डर से बचाती है.
ब्लड शुगर घटाए: हल्दी ब्लड शुगर मेटाबॉलिज्म में सुधार करती है. डायबिटीज रोगियों के लिए भी हल्दी हेल्दी है. डायबिटीज के प्रभाव को कम कर सकती है. हल्दी में मौजूद कम्पाउंड करक्युमिन इंसुलिन रेसिस्टेंस को मैनेज करती है.
अधिक हल्दी खाने के नुकसान
- हल्दी के अधिक सेवन से कुछ नुकसान भी हो सकता है. हल्दी एक गुणकारी मसाला है, लेकिन इसका अर्क टॉक्सिक भी हो सकता है. चूंकि, इसमें एल्कलॉएड्स और प्यूरिफाइड करक्युमिन होते हैं, ऐसे में अधिक मात्रा में हल्दी का सेवन हानिकारक हो सकता है.
- चूंकि, हल्दी को आयुर्वेद में एक गर्म मसाला बताया गया है, इसलिए जन लोगों को पित्त संबंधित समस्याएं जैसे ब्लीडिंग डिजीज, menorrhagia से ग्रस्त लोग हल्दी का सेवन कम ही करें.
- आयुर्वेद के अनुसार, गर्मी के मौसम में अधिक हल्दी एक्सट्रैक्ट का सेवन सेहत के लिए ठीक नहीं.
- वजन बहुत ही कम है और वेट गेन (Weight gain) करने की कोशिश कर रहे हैं तो आप हल्दी का सेवन बहुत अधिक ना ही करें. यह वेट लॉस मं मदद करती है. जिन लोगों को कब्ज, ड्राई स्किन, ड्राई शरीर की समस्या रहती है, उन्हें भी इसे कम ही इस्तेमाल करना चाहिए.
- कुछ लोगों को हल्दी से एलर्जी होती है. ऐसे में इसे भोजन में शामिल करने से आपको खुजली, पेट दर्द, स्किन पर रेडनेस आदि हो सकती है.
- पाचन संबंधित समस्याएं जैसे उल्टी, मतली, दस्त, पेट खराब होना, चक्कर आना शुरू हो सकता है.