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पेट के ‘गुड बैक्टीरिया’ कोलेस्ट्रॉल को रखेंगे कंट्रोल? स्टडी में दिल की सेहत से जुड़ा चौंकाने वाला कनेक्शन

Gut Bacteria and Cholesterol: हमारा पेट सिर्फ खाना पचाने का काम नहीं करता, बल्कि शरीर की कई अहम प्रक्रियाओं पर भी असर डालता है. बता दें कि, आंतों में मौजूद खरबों सूक्ष्मजीवों को गट माइक्रोबायोम कहा जाता है. इनमें कुछ बैक्टीरिया शरीर के लिए फायदेमंद माने जाते हैं. ऐसे में सवाल है कि, क्या आंतों के बैक्टीरिया वास्तव में शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद कर सकते हैं?

By: Lalit Kumar | Published: August 9, 2026 4:00:31 PM IST



Gut Bacteria and Cholesterol: हमारा पेट सिर्फ खाना पचाने का काम नहीं करता, बल्कि शरीर की कई अहम प्रक्रियाओं पर भी असर डालता है. बता दें कि, आंतों में मौजूद खरबों सूक्ष्मजीवों को गट माइक्रोबायोम कहा जाता है. इनमें कुछ बैक्टीरिया शरीर के लिए फायदेमंद माने जाते हैं. अब वैज्ञानिकों का ध्यान इस बात पर बढ़ रहा है कि इन ‘गुड बैक्टीरिया’ का संबंध सिर्फ पाचन से नहीं, बल्कि कोलेस्ट्रॉल और हार्ट हेल्थ से भी हो सकता है. जी हां, शरीर में बढ़ता कोलेस्ट्रॉल आज गंभीर समस्या बन चुकी है. इससे निजात पाने के लिए लोग खानपान से लेकर न जाने क्या-क्या उपाय करते हैं. मगर पेट के गुड बैक्टीरिया इसे कंट्रोल करने में बेस्ट माने जाते हैं. ऐसे में सवाल है कि, क्या आंतों के बैक्टीरिया वास्तव में शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद कर सकते हैं? कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने के लिए और क्या करें? आइए जानते हैं इस बारे में-

गट और हार्ट के बीच क्यों बन रहा कनेक्शन?

आंतों में मौजूद बैक्टीरिया हमारे भोजन के कई घटकों को तोड़कर अलग-अलग मेटाबोलाइट बनाते हैं. इनमें कुछ ऐसे यौगिक शामिल हैं, जो शरीर के मेटाबॉलिज्म और सूजन जैसी प्रक्रियाओं को प्रभावित कर सकते हैं. रिसर्च में गट माइक्रोबायोम और हार्ट रोग के जोखिम के बीच संबंध देखा गया है. कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि, आंतों के माइक्रोबायोम में बदलाव लिपिड मेटाबॉलिज्म, यानी शरीर में फैट और कोलेस्ट्रॉल के इस्तेमाल और प्रसंस्करण को प्रभावित कर सकता है. हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि सिर्फ ‘गुड बैक्टीरिया’ बढ़ाकर हाई कोलेस्ट्रॉल का इलाज किया जा सकता है. क्योंकि, इस क्षेत्र में अभी शोध जारी है.

फाइबर वाले भोजन से मिल सकता फायदा

गट माइक्रोबायोम को स्वस्थ रखने के लिए डाइट की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है. फल, सब्जियां, साबुत अनाज, दालें, बीन्स, नट्स और बीज जैसे फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थ आंतों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं. इन खाद्य पदार्थों में मौजूद फाइबर का एक हिस्सा आंतों के बैक्टीरिया द्वारा किण्वित होता है और इससे शॉर्ट-चेन फैटी एसिड जैसे यौगिक बन सकते हैं. ये शरीर में कई जैविक प्रक्रियाओं को प्रभावित करते हैं.

प्रोबायोटिक फूड भी बेस्ट ऑप्शन

दही जैसे कुछ फर्मेंटेड फूड में जीवित सूक्ष्मजीव पाए जा सकते हैं. इन्हें संतुलित डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है. लेकिन बाजार में मिलने वाले हर प्रोबायोटिक प्रोडक्ट का प्रभाव एक जैसा हो, यह जरूरी नहीं है. इसलिए केवल किसी सप्लीमेंट या प्रोबायोटिक ड्रिंक को हार्ट हेल्थ का समाधान मानना सही नहीं होगा.

कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल के लिए क्या करें?

  • अगर आपका कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है तो सबसे पहले डॉक्टर की सलाह से लिपिड प्रोफाइल और अन्य जरूरी जांच कराएं. 
  • संतुलित डाइट लें, ट्रांस फैट और अत्यधिक संतृप्त वसा (aturated Fat) वाले खाद्य पदार्थों को सीमित करें.
  • रेगुलर तौर पर शारीरिक गतिविधि को अपनी दिनचर्या में जरूर शामिल करें.
  • अगर डॉक्टर ने कोलेस्ट्रॉल कम करने की दवा दी है तो उसे अपनी मर्जी से बंद न करें.

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