Superfood Facts: देसी घी का नाम सुनते ही किसी के मन में दादी-नानी के घरेलू नुस्खे आते हैं, तो कोई इसे बढ़ते वजन और हाई कोलेस्ट्रॉल का कारण मानकर खाने से बचता है. लेकिन, क्या सच में देसी घी सेहत के लिए नुकसानदायक है, या फिर सही मात्रा में इसका सेवन शरीर के लिए किसी सुपरफूड से कम नहीं? न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स खुशबू शर्मा का कहना है कि, देसी घी को लेकर फैली कई धारणाएं पूरी तरह सही नहीं हैं. अगर इसे संतुलित मात्रा में और सही तरीके से डाइट में शामिल किया जाए, तो यह शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व देने के साथ ऊर्जा, पाचन और हृदय स्वास्थ्य को भी लाभ पहुंचा सकता है. अब सवाल है कि आखिर देसी घी में क्या होता है? क्या सच में देसी घी सुपरफूड है? कितनी मात्रा में घी खाना सही? आइए जानते हैं कि देसी घी को लेकर विज्ञान और न्यूट्रिशनिस्ट की क्या राय है.
देसी घी में क्या-क्या होता है?
देसी घी में हेल्दी फैट्स, विटामिन A, D, E और K जैसे फैट-सॉल्युबल विटामिन पाए जाते हैं. इसमें ब्यूटिरिक एसिड (Butyric Acid) भी होता है, जो आंतों की सेहत और पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद माना जाता है. साथ ही, यह शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देने में भी मदद करता है.
क्या सच में है सुपरफूड?
न्यूट्रिशनिस्ट मानते हैं कि कोई भी एक खाद्य पदार्थ अकेले सुपरफूड नहीं बन सकता, लेकिन देसी घी संतुलित आहार का एक पौष्टिक हिस्सा जरूर हो सकता है. सीमित मात्रा में इसका सेवन शरीर को आवश्यक वसा उपलब्ध कराता है, जो हार्मोन बनाने, कोशिकाओं के निर्माण और विटामिन्स के अवशोषण में मदद करती है.
कितना घी खाना सही?
एक्सपर्ट के अनुसार, स्वस्थ व्यक्ति अपनी कुल कैलोरी और दैनिक आहार को ध्यान में रखते हुए रोजाना 1 से 2 चम्मच देसी घी ले सकता है. हालांकि, यदि किसी को मोटापा, हाई कोलेस्ट्रॉल, फैटी लिवर या हृदय रोग जैसी समस्या है, तो घी की मात्रा डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह के अनुसार तय करनी चाहिए.
घी खाने का सही तरीका
- दाल, खिचड़ी या रोटी पर थोड़ी मात्रा में घी डालकर खाएं.
- जरूरत से ज्यादा घी का सेवन करने से बचें.
- संतुलित आहार और नियमित व्यायाम के साथ ही घी का सेवन करें.
- तली-भुनी चीजों में अतिरिक्त घी मिलाने के बजाय इसे सीमित मात्रा में उपयोग करें.
किन लोगों को बरतनी चाहिए सावधानी?
जिन लोगों को हाई एलडीएल कोलेस्ट्रॉल, हृदय रोग, मोटापा या कैलोरी नियंत्रित रखने की सलाह दी गई है, उन्हें बिना विशेषज्ञ की सलाह के अधिक मात्रा में घी नहीं खाना चाहिए. गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों या विशेष स्वास्थ्य स्थितियों वाले लोगों के लिए भी व्यक्तिगत सलाह बेहतर रहती है.