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Dengue Mythe: पपीते के पत्ते का जूस पीते ही बढ़ जाएंगे प्लेटलेट्स? डेंगू में क्या खाएं, क्या नहीं? जानें सही डाइट

Dengue Diet: डेंगू का नाम सुनते ही सबसे पहले दिमाग में प्लेटलेट्स की चिंता सताने लगती है. ऐसे में सोशल मीडिया और आसपास के लोगों से कई घरेलू नुस्खे सुनने को मिलते हैं- खासकर पपीते के पत्ते का जूस पीने से प्लेटलेट्स तेजी से बढ़ने का दावा. लेकिन, क्या यह सच में डेंगू का इलाज है?

By: Lalit Kumar | Published: August 30, 2026 6:08:33 PM IST



Dengue Diet: राष्ट्रीय राजधानी में इस समय H1N1 के साथ ही डेंगू भी पैर फैला रहा है. इस स्थिति में बुखार 102 से 103 डिग्री फारेनहाइट तक पहुंच रहा है. डेंगू का नाम सुनते ही सबसे पहले दिमाग में प्लेटलेट्स की चिंता सताने लगती है. ऐसे में सोशल मीडिया और आसपास के लोगों से कई घरेलू नुस्खे सुनने को मिलते हैं- खासकर पपीते के पत्ते का जूस पीने से प्लेटलेट्स तेजी से बढ़ने का दावा. लेकिन, क्या यह सच में डेंगू का इलाज है? वहीं डेंगू में मरीज को क्या खाना चाहिए और किन चीजों से दूरी बनानी चाहिए? डेंगू में सबसे जरूरी क्या है? इस बारे में बता रहे हैं नोएडा के इंटीग्रेटिड चिकित्सक डॉ. संजय वार्ष्णेय-

डॉ. संजय कहते हैं कि, असल में डेंगू में सबसे जरूरी है शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी न होने देना और डॉक्टर की निगरानी में रहना है. डेंगू की शुरुआती स्थिति में कुछ हद तक पपीते के पत्ते कारगर हो सकते हैं. मगर, डॉक्टर की सलाह और जांच बेहद जरूरी है. 

क्या पपीते के पत्ते का जूस बढ़ाता है प्लेटलेट्स?

पपीते के पत्तों के अर्क पर कुछ छोटे अध्ययनों में प्लेटलेट काउंट बढ़ने की संभावना दिखाई गई है, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि घर पर बनाया गया पपीते के पत्ते का जूस डेंगू का इलाज है या इसे पीते ही प्लेटलेट्स बढ़ जाएंगे. कई शोध में भी इसके फायदे को लेकर पर्याप्त प्रमाण नहीं हैं. इसलिए सिर्फ प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए पपीते के पत्ते के जूस पर निर्भर रहना सही नहीं है. 

डॉक्टर कहते हैं कि, असल में डेंगू में बीमारी की गंभीरता का आकलन केवल प्लेटलेट काउंट देखकर नहीं किया जाता. डॉक्टर लक्षणों, ब्लड टेस्ट और मरीज की पूरी स्थिति को देखते हैं.

डेंगू में सबसे जरूरी है पर्याप्त फ्लूड

डेंगू में बुखार, उल्टी या कम खाना-पीना शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी कर सकता है. WHO की सलाह के मुताबिक मरीज को पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ देना चाहिए. पानी के साथ ORS, इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक, दूध और उपयुक्त फल का जूस लिया जा सकता है. अगर मरीज को भूख लग रही है तो हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन दिया जा सकता है. खिचड़ी, दलिया, मूंग दाल, सूप, दही-चावल जैसी चीजें शरीर को ऊर्जा और पोषण देने में मदद कर सकती हैं.

फल और सब्जियों को डाइट में करें शामिल

डेंगू के दौरान संतुलित भोजन जरूरी है. मौसमी फल, सब्जियां, दालें और पर्याप्त प्रोटीन डाइट का हिस्सा हो सकते हैं. बहुत ज्यादा तला-भुना, मसालेदार या भारी भोजन पाचन संबंधी परेशानी बढ़ा सकता है, खासकर जब मरीज को मितली या उल्टी हो रही हो.

डेंगू में किन चीजों से रहें दूर?

डेंगू में बिना डॉक्टर की सलाह के एस्पिरिन, इबुप्रोफेन या दूसरी NSAID दर्द निवारक दवाएं नहीं लेनी चाहिए, क्योंकि इनसे ब्लीडिंग का खतरा बढ़ सकता है. बुखार या दर्द के लिए डॉक्टर की सलाह के अनुसार पैरासिटामोल का इस्तेमाल किया जाता है. इसके अलावा शराब और शरीर को डिहाइड्रेट करने वाली चीजों से दूरी रखना बेहतर है. कोई भी हर्बल नुस्खा या सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लें.

प्लेटलेट्स कम हों तो घबराएं नहीं, निगरानी जरूरी

डेंगू में प्लेटलेट्स का गिरना आम हो सकता है, लेकिन केवल कम प्लेटलेट्स देखकर घबराने के बजाय डॉक्टर की सलाह और लगातार मॉनिटरिंग जरूरी है. डेंगू के गंभीर चरण में प्लेटलेट्स तेजी से कम होने के साथ अन्य चेतावनी संकेत भी दिखाई दे सकते हैं.

ये लक्षण दिखें तो तुरंत अस्पताल जाएं

तेज पेट दर्द, लगातार उल्टी, मसूड़ों या नाक से खून आना, खून की उल्टी या काला मल, बहुत ज्यादा कमजोरी, बेचैनी, सांस लेने में परेशानी या त्वचा ठंडी-पड़ना जैसे संकेत गंभीर डेंगू की ओर इशारा कर सकते हैं. ऐसे में घरेलू नुस्खों के भरोसे बिल्कुल न रहें और तुरंत चिकित्सा सहायता लें.

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