Calcium Deficiency: मजबूत हड्डियां, स्वस्थ दांत और बेहतर मांसपेशियां… इन सभी के लिए कैल्शियम सबसे जरूरी मिनरल्स में से एक माना जाता है. लेकिन, क्या आप जानते हैं कि केवल कैल्शियम खाना ही काफी नहीं है, बल्कि यह भी मायने रखता है कि इसे कब और कैसे लिया जाए? कई लोग दूध या कैल्शियम सप्लीमेंट तो लेते हैं, लेकिन सही समय और सही तरीके की जानकारी न होने के कारण शरीर को इसका पूरा फायदा नहीं मिल पाता है. विशेषज्ञों का कहना है कि कैल्शियम की कमी धीरे-धीरे शरीर को कमजोर बना सकती है और लंबे समय में ऑस्टियोपोरोसिस, बार-बार फ्रैक्चर और मांसपेशियों की समस्याओं का खतरा बढ़ा सकती है. आइए जानते हैं कि शरीर को कैल्शियम की जरूरत कब होती है, इसकी कमी के क्या संकेत हैं और इसकी पूर्ति कैसे की जा सकती है.
कैल्शियम क्यों है जरूरी?
कैल्शियम शरीर में सबसे अधिक मात्रा में पाया जाने वाला मिनरल है. लगभग 99 प्रतिशत कैल्शियम हड्डियों और दांतों में मौजूद होता है, जबकि बाकी 1 प्रतिशत शरीर की कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में काम आता है. यह मांसपेशियों के संकुचन, नसों के संदेश पहुंचाने, हार्ट की सामान्य धड़कन और रक्त के थक्के बनने जैसी प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
सुबह, दोपहर या शाम… कब लें कैल्शियम?
विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर को कैल्शियम की जरूरत पूरे दिन बनी रहती है. हालांकि यदि आप कैल्शियम सप्लीमेंट ले रहे हैं, तो इसे भोजन के साथ या भोजन के बाद लेना बेहतर माना जाता है, क्योंकि इससे शरीर में इसका अवशोषण बेहतर होता है और पेट संबंधी दिक्कतें भी कम होती हैं. यदि एक बार में 500 मिलीग्राम से अधिक कैल्शियम लेना हो, तो उसे दो अलग-अलग समय पर लेना अधिक लाभदायक माना जाता है. वहीं, विटामिन D की पर्याप्त मात्रा भी जरूरी है, क्योंकि इसके बिना शरीर कैल्शियम को अच्छी तरह अवशोषित नहीं कर पाता.
कैल्शियम की कमी के लक्षण
- हड्डियों और जोड़ों में दर्द
- मांसपेशियों में ऐंठन या खिंचाव
- दांत कमजोर होना
- नाखून आसानी से टूटना
- हाथ-पैरों में झुनझुनी
- जल्दी थकान महसूस होना
- गंभीर मामलों में हड्डियों का कमजोर होना (ऑस्टियोपोरोसिस)
किन लोगों को ज्यादा जरूरत होती है?
बढ़ते बच्चों, किशोरों, गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज) के बाद महिलाओं को कैल्शियम की जरूरत अधिक होती है. बढ़ती उम्र के साथ हड्डियों का घनत्व कम होने लगता है, इसलिए बुजुर्गों को भी पर्याप्त कैल्शियम और विटामिन D लेना जरूरी होता है.
कैल्शियम की पूर्ति कैसे करें?
कैल्शियम की जरूरत पूरी करने के लिए रोजमर्रा की डाइट में दूध, दही, पनीर, छाछ, रागी, तिल, सोया उत्पाद, बादाम और हरी पत्तेदार सब्जियों को शामिल करें. यदि डॉक्टर सलाह दें, तभी कैल्शियम सप्लीमेंट लें.
सिर्फ कैल्शियम नहीं, यह भी है जरूरी
विशेषज्ञों का कहना है कि कैल्शियम के साथ नियमित धूप लेना, विटामिन D का पर्याप्त स्तर बनाए रखना और रोजाना हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करना भी उतना ही जरूरी है. ये सभी मिलकर हड्डियों को मजबूत बनाए रखने में मदद करते हैं. अगर आप चाहते हैं कि बढ़ती उम्र में भी आपकी हड्डियां मजबूत रहें और शरीर चुस्त-दुरुस्त बना रहे, तो कैल्शियम से भरपूर संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली को अपनी दिनचर्या का हिस्सा जरूर बनाएं.