Home > हेल्थ > वजन घटाना है तो भूल जाइए क्रैश डाइट! इंटरनेशनल डाइटिशियन ने बताया सबसे असरदार फॉर्मूला, जानिए क्या खाएं और क्या नहीं

वजन घटाना है तो भूल जाइए क्रैश डाइट! इंटरनेशनल डाइटिशियन ने बताया सबसे असरदार फॉर्मूला, जानिए क्या खाएं और क्या नहीं

Weight Loss Diet: जब भी वजन घटाने की बात आते ही ज्यादातर लोग सबसे पहले खाना कम कर देते हैं. कुछ ऐसे भी लोग हैं जो इंटरनेट पर वायरल किसी डाइट को फॉलो करने लगते हैं. लेकिन, क्या सच में हर डाइट हर व्यक्ति के लिए फायदेमंद होती है? मशहूर क्लीवलैंड क्लीनिक की डाइटिशियन डॉ. नटाली रोमिटो से समझिए-

By: Lalit Kumar | Published: July 23, 2026 5:25:44 PM IST



Weight Loss Diet: शरीर का बढ़ता वजन आज सबसे बड़ा सिरदर्द बन चुका है. इससे निजात पाने के लिए लोग तमाम उपाय करते हैं. लेकिन, जब भी वजन घटाने की बात आते ही ज्यादातर लोग सबसे पहले खाना कम कर देते हैं. कुछ ऐसे भी लोग हैं जो इंटरनेट पर वायरल किसी डाइट को फॉलो करने लगते हैं. लेकिन, क्या सच में हर डाइट हर व्यक्ति के लिए फायदेमंद होती है? मशहूर क्लीवलैंड क्लीनिक की डाइटिशियन डॉ. नटाली रोमिटो के अनुसार, वजन कम करने का सबसे अच्छा तरीका वह डाइट है जिसे आप लंबे समय तक आसानी से अपना सकें. उनका कहना है कि कोई भी ऐसी डाइट, जिसे कुछ दिनों बाद छोड़ना पड़े, लंबे समय में सफल नहीं होती. विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर एक ऐसी डाइट चुननी हो जो अधिकांश लोगों के लिए फायदेमंद साबित हो, तो मेडिटेरेनियन डाइट सबसे बेहतर विकल्पों में से एक मानी जाती है.

मेडिटेरेनियन डाइट क्यों है खास?

क्लीवलैंड क्लीनिक की डाइटिशियन डॉ. रोमिटो बताती हैं कि मेडिटेरेनियन डाइट सिर्फ एक डाइट प्लान नहीं, बल्कि एक हेल्दी लाइफस्टाइल है. यह ग्रीस, इटली, स्पेन और क्रोएशिया जैसे देशों की खानपान शैली पर आधारित है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें नेचुरल और कम प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों पर जोर दिया जाता है. इस डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियां, ताजे फल, साबुत अनाज, दालें, बीन्स, नट्स और बीज प्रमुख रूप से शामिल होते हैं. साथ ही जैतून के तेल (ऑलिव ऑयल) को मुख्य वसा स्रोत के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. यदि कोई व्यक्ति मांसाहारी है, तो सप्ताह में एक-दो बार मछली या अन्य समुद्री भोजन लेने की सलाह दी जाती है.

वजन घटाने के साथ दिल की सेहत भी बेहतर

कई शोधों में पाया गया है कि मेडिटेरेनियन डाइट न केवल वजन नियंत्रित करने में मदद करती है, बल्कि हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों के खतरे को भी कम कर सकती है. इसमें मौजूद फाइबर, हेल्दी फैट और एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को लंबे समय तक स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं.

हर भोजन में रखें संतुलन

विशेषज्ञों का कहना है कि केवल कैलोरी गिनना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि पोषण का संतुलन भी जरूरी है. डॉ. रोमिटो के अनुसार, एक संतुलित डाइट में लगभग 40 प्रतिशत कैलोरी कार्बोहाइड्रेट, 30 प्रतिशत प्रोटीन और 30 प्रतिशत हेल्दी फैट से आनी चाहिए. कार्बोहाइड्रेट के लिए साबुत अनाज, प्रोटीन के लिए दालें, बीन्स और अन्य स्वस्थ स्रोत, जबकि हेल्दी फैट के लिए नट्स और ऑलिव ऑयल बेहतर विकल्प हो सकते हैं.

इन चीजों से बनाएं दूरी

अगर आप वजन कम करना चाहते हैं, तो प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाना बेहद जरूरी है. मैदा, पैकेज्ड स्नैक्स, बिस्कुट, पेस्ट्री, चिप्स, मीठे पेय, अत्यधिक चीनी और ट्रांस फैट वाले खाद्य पदार्थ वजन बढ़ाने के साथ-साथ कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकते हैं. इनकी जगह ताजे फल, सलाद, मेवे और घर का बना पौष्टिक भोजन चुनना बेहतर रहेगा.

एक्सरसाइज भी है जरूरी

डॉ. नटाली रोमिटो का कहना है कि केवल हेल्दी डाइट अपनाने से ही वजन नहीं घटेगा. यदि आप नियमित रूप से शारीरिक गतिविधि या एक्सरसाइज नहीं करेंगे, तो अपेक्षित परिणाम मिलना मुश्किल हो सकता है. इसलिए रोजाना कम से कम 30 मिनट की वॉक, योग, साइक्लिंग या अन्य शारीरिक गतिविधियों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं.

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