जैसे ही गर्मी का पारा 40 डिग्री सेल्सियल के तापमान को पार करता है, हमारा शरीर भी अलर्ट मोड में आ जाता है. ऐसी स्थिति से निपटने के लिए ज्यादातर लोग शरीर को ठंडा रखने की कोशिश करते हैं. ज्यादा से ज्यादा पानी, जूस, फल, सब्जी और बिना जाने-समझे डाइट में ऐसी चीजें शामिल कर लेते हैं, जिनसे शरीर की गर्मी दूर होने के बजाए और बढ़ जाती है. जी हां, हम बात कर रहे हैं गर्म तासीर वाली सब्जियों की, जो बड़े चाव से पकाई और खाई जाती हैं, लेकिन गर्मी के दिनों में ये सब्जियां आपके पाचन को कितना नुकसान पहुंचा सकती हैं, इस बारे में कभी आपने सोचा भी नहीं होगा.
कौन-सी हैं वो सब्जियां?
डाइटीशियन एंड डायबिटीज एजुकेटर कनिका मल्होत्रा के मुताबिक, कुछ सब्जियां ऐसी हैं जो हमारी शरीर के तापमान और पाचन को टार्गेट करती हैं. इन्हें ब्रेकफास्ट, लंच या डिनर में खाने से बॉडी में हीट बढ़ने लगती है. वैसे तो ये बेमौसमी सब्जियां है, लेकिन गर्मी में भी सब्जी मार्केट इन सब्जियों से भरा रहता है और लोग इन्हें शौक से खाते हैं.
गाजर-मूली-शलजम
एक्सपर्ट कनिका मल्होत्रा बताती हैं कि गाजर, मूली और शलजम में कार्बोहाइड्रेट और फाइबर की अच्छी मात्रा होती है, जिसकी वजह से इन सब्जियों को पचाने में शरीर को एक्सट्रा एनर्जी खर्च करनी पड़ती है. ये प्रोसेस बॉडी में मेटाबॉलिक हीट बढ़ा सकता है.
सहजन
वैसे तो सहजन यानी मोरिंगा अपने आप में पोषक तत्वों की खान है, लेकिन इसमें फाइबर की मात्रा काफी ज्यादा होती है. यही वजह है कि इसे पचाने में आंतों को मशक्कत करनी पड़ सकती है, जिससे बॉडी में हीट बढ़ सकती है.
कच्चा प्याज
लू से बचने के लिए ज्यादातर लोग कच्चा प्याज खाने की सिफारिश करते हैं, क्योंकि सलाद में ये बॉडी को कूलिंग एफेक्ट देता है, लेकिन आपको ये भी बता दें कि प्याज का ज्यादा सेवन करने से आपको अपच की समस्या हो सकती है.
ग्वार फली
गर्मियों में ग्वार फली काफी सस्ती कीमतों पर मिलती है और लोग इसे खरीदके बनाते भी हैं, लेकिन इसमें ओविगोसेकेराइड्स कंटेंट काफी ज्यादा होता है, जिससे पेट में मरोड पैदा हो सकती है. गर्मी में ग्वार फली एसडिटी के साथ-साथ डीहाइड्रेशन भी पैदा कर सकती है.
बैंगन
एक्सपर्ट की मानें तो बैंगन में थर्मोजेनिक इंग्रीडिएंट होते हैं, जो ब्लोटिंग की समस्या बढ़ा सकते हैं. सरसों का साग भी हीट जनरेट करने वाली सब्जी है, इसलिए गर्मी में इसे खाने से बचना चाहिए.
क्या सावधानियां बरतें?
गर्मी के सीजन में सिर्फ सब्जियां ही नहीं, इन्हें पकाने के तरीके से भी डायजेस्टिव इशू पैदा हो सकते हैं. जैसे कुछ लोग गर्मी में सब्जियों को डीप फ्राई या रोस्ट करते बनाते हैं. इससे खाने को पचाना मुश्किल हो जाता है और पेट खराबी की शिकायत होने लगती है.
- एक्टपर्ट की सलाह यही है कि गर्मी के दिनों में सब्जी और दालों को उबालकर ही खाएं. आवश्यकता हो तो स्वाद के लिए स्टिर फ्राई या भाप में पका सकते हैं.
- जितना ज्यादा हो सकेलौकी, तुरई, कद्दू, खीरा, टिंडे और कच्चे केला जैसी सब्जियां खाएं. ये मैग्नीशियम और पोटैशियम से भरपूर होती है. पसीने में डिसचार्ज हुए इलेक्ट्रोलाइट्स को भी शरीर में री-फ्यूल करने का काम करती हैं.
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